एक पैर गंवाने के बाद भी बनी कथक डांसर

अब बात उस महिला की जिसने अपने हौसले से नामुमकिन को मुमकिन कर दिया.

प्रोफ़ेशनल कथक डांसर सीता सुबेदी जब सिर्फ़ 12 साल की थीं तब बोन मैरो कैंसर की वजह से उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा.

लेकिन इस मुश्किल को भी उन्होंने अपने सपने की राह के आड़े नहीं आने दिया. देखिए बीबीसी संवाददाता श्रीजना श्रेष्ठ की रिपोर्ट.