पुलवामा हमला: पाकिस्तान ने हाफ़िज़ सईद के संगठन जमात-उद-दावा पर लगाया प्रतिबंध

  • 22 फरवरी 2019
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पाकिस्तान ने भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सुरक्षाबलों पर हुए हमले के बाद हाफ़िज़ सईद के संगठन जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है.

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने जमात-उद-दावा से जुड़े संगठन फ़लाह-ए-इंसानियत पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही है.

पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया है कि गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में नेशनल ऐक्शन प्लान की विस्तार से समीक्षा की गई.

इस बैठक के बाद ये फ़ैसला लिया गया कि पाकिस्तानी गृह मंत्रालय जमात-उद-दावा और फ़लाह-ए-इंसानियत पर प्रतिबंध लगाएगा.

जमात-उद-दावा पाकिस्तान के चरमपंथी नेता हाफ़िज सईद का संगठन है.

पुलवामा हमले के बाद तेज़ होती राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की एक बैठक की.

बैठक में हिस्सा लेने वालों ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान की रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की स्थिति जैसे मसलों पर चर्चा की.

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इस बैठक में कही गई कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:

  • पाकिस्तान का दावा है कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान की किसी भी तरह की कोई भूमिका नहीं है.
  • पाकिस्तान का आरोप है कि इस हमले की योजना भारत प्रशासित कश्मीर में ही बनाई गई थी और इसे अंजाम भी वहीं दिया गया.
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी की गई एक प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार पुलवामा हमले की निष्पक्ष जांच चाहती है. इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत के साथ आतंकवाद और बाकी विवादित मुद्दों पर बातचीत का प्रस्ताव भी रखा है.
  • पाकिस्तान का कहना है कि वो भारत की ओर से इन प्रस्तावों के सकारात्मक जवाब का इंतज़ार करेगा. पाकिस्तान का ये भी कहना है कि अगर कोई ऐसा ठोस सबूत मिलता है जिससे ये साबित किया जा सके कि उसकी ज़मीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

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भारत का क्या कहना है?

वहीं, भारतीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह पहले ही कह चुके हैं कि भारत सीमापार से आतंक फैलाने वाली ताक़तों को कामयाब नहीं होने देगा.

राजनाथ सिंह ने कहा था, "सीमापार के चरमपंथी संगठन और आईएसआई से इन लोगों की सांठगांठ है और ऐसे लोग जम्मू-कश्मीर की जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. पाकिस्तान और आईएसआई से पैसा लेने वाले भी कुछ तत्व यहां मौजूद हैं. पाकिस्तान और आईएसआई से पैसा लेने वाले लोगों को मिली सुरक्षा की समीक्षा होनी चाहिए.''

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद पाकिस्तान पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था, "हमारा पड़ोसी देश आर्थिक बदहाली के बुरे दौर से गुज़र रहा है और विश्व में अलग-थलग कर उसकी हालत ख़राब कर दी गई है. बड़े-बड़े देश उससे दूरी बनाने लगे हैं. वह कटोरा लेकर के घूम रहा है."

इसके अलावा भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सुहैल महमूद को तलब करके पुलवामा हमले को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज की थी.

पुलवामा में 14 फ़रवरी को श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर लेथपोरा के पास चरमपंथियों ने आईईडी धमाका कर सीआरपीएफ़ के काफिले को निशाना बनाया.

इसमें सीआरपीएफ़ के 40 जवान मारे गए थे और कई घायल हुए थे. प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमला करने का दावा किया था.

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