#Balakot: बालाकोट के चश्मदीद ने कहा, 'बेहद ख़ौफ़नाक आवाज़, लगा कि ज़लज़ला आ गया हो'

  • 26 फरवरी 2019
#Balakot: बालाकोट के प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा, "ऐसा लगा जैसे जलजला आ गया हो"
Image caption मोहम्मद आदिल और वाजिद शाह

भारतीय वायुसेना के विमानों ने मंगलवार तड़के पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया. इस इलाक़े में मौजूद लोगों ने बीबीसी को बताया आँखों देखा हाल.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ भारतीय वायु सेना के हमले काफ़ी ख़ौफनाक थे, जिससे सोए लोगों की नींद टूट गई.

Image caption गाँव के चारों ओर ऊँची पर्वत चोटियाँ हैं.

जाबा टॉप बालाकोट निवासी मोहम्मद आदिल ने बीबीसी को बताया कि धमाके इतने तेज़ थे कि जैसे कोई ज़लज़ला आ गया हो.

उन्होंने कहा, "सुबह तीन बजे का टाइम था, आई. ऐसा लगा ज़लज़ला आया हो. हम रातभर नहीं सोए. पांच-दस मिनट बाद हमें पता चला कि धमाका हुआ है."

आदिल ने बताया कि पांच धमाके एक ही समय हुए और कई ज़ख़्मी हो गए. फिर कुछ देर बाद आवाज़ आनी बंद हो गई.

"सुबह हम देखने उस जगह गए जहां धमाके हुए थे, वहां बड़े गड्ढे हो गए थे. कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए थे. एक व्यक्ति ज़ख़्मी भी दिखा."

भारत सरकार के विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया है कि इस हमले में विशेष तौर पर केवल जैश के शिविर को निशाना बनाया गया और विशेष ध्यान रखा गया कि आम लोग इसकी चपेट में ना आएँ.

ये कैंप घने जंगलों में एक पहाड़ी पर था जो आम आबादी वाले इलाक़े से दूर है.

Image caption स्थानीय निवासी अब्दुरबान के मुताबिक़, ये हमला उनके घर से चार किलोमीटर दूर हुआ है.

बालाकोट के एक दूसरे प्रत्यक्षदर्शी वाजिद शाह ने बताया कि उन्होंने भी धमाके की आवाज़ सुनी.

उन्होंने कहा, "ऐसा लगा जैसे कि कोई राइफ़ल से फ़ायर कर रहा हो. तीन बार धमाके की आवाज़ सुनाई दी, फिर ख़ामोशी छा गई."

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