तीन महीने से ब्रेन डेड महिला बनी मां

  • 31 मार्च 2019
मां, जन्म इमेज कॉपीरइट Getty Images

पुर्तगाल में एक 26 वर्षीय महिला खिलाड़ी ने गुरुवार को बच्चे को जन्म दिया और इसके बाद उनकी मौत हो गई. दिसंबर महीने से ही महिला ब्रेन डेड यानी मानसिक रुप से मृत थीं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रहीं कथरीना सेकेरा को दिसंबर महीने में तेज़ दमा का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था.

32 सप्ताह के गर्भ के बाद ही इस बच्चे का जन्म हुआ जिसका नाम स्लवाडोर रखा गया है. स्लवाडोर इस वक्त नियोनेटल अस्पताल की निगरानी में हैं.

पुर्तगाल में ये दूसरा मामला सामने आया है जहां एक ब्रेन डेड महिला ने बच्चे को जन्म दिया है.

सेकेरा बेहद प्रतिभाशाली कैनोइस्ट (नाविक खिलाड़ी) थीं. उन्होंने अपने देश का प्रतिनिधित्व भी किया था लेकिन उन्हें बचपन से ही अस्थमा से पीड़ित थीं.

सेकेरा को अस्थमा का दौरा जब पड़ा तो वह 19 महीने की गर्भवती थीं. ये दौरा इतना खतरनाक था कि वह कोमा में चली गईं इसके कुछ दिन बाद डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया.

उन्हें 56 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया ताकि उनके गर्भ में पल रहा बच्चा ज़िंदा रहे.

ख़ुद को बस बच्चे के लिए ज़िंदा रखा

डॉक्टरों ने बताया कि वो शुक्रवार तक डिलीवरी के लिए लिए इंतज़ार करना चाहते था. शुक्रवार को ही 32 सप्ताह पूरे होने वाले थे, लेकिन सेकेरा की बिगड़ती हालत को देखते हुए ये डिलीवरी गुरुवार को ही की गई.

अस्पताल के आचार समिति के प्रमुख फ़िलिप एल्मेडा ने बताया कि बच्चे को मां की गर्भ में ज़िंदा रखने का फ़ैसला परिवार से बातचीत के बाद लिया गया.

वह कहते हैं, '' एक डोनर होने का अर्थ सिर्फ़ ये नहीं होता कि वह आंत, फ़ेफ़ड़े या हृदय ही दान करे. उस बच्चे को जीवित रखने के लिए उन्होंने खुद को दान कर दिया. किसी को ये हक़ नहीं है कि वह एक मां के फ़ैसले को चुनौती दे.''

बच्चे के पिता और परिवार चाहता था कि किसी भी सूरत में बच्चा ज़िंदा रहे. ख़बरों के मुताबिक बच्चे का वज़न 1.7 किलोग्राम है और उसे अगले तीन हफ़्ते तक अस्पताल में रखा जाएगा.

सेकेरा की मां मारिया डे फेटिमा ब्रैंको ने पुर्तगाली टीवी को बताया कि उन्होंने 26 दिसंबर को अपनी बेटी को अलविदा कह दिया था और बच्चे को रखने का फैसला इसलिए किया गया था क्योंकि पिता ब्रूनो, हमेशा से पिता बनना चाहते थे.

बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार