नॉट्र डामः आग पर क़ाबू, पर 850 साल पुराने चर्च का गुंबद गिरा

  • 16 अप्रैल 2019
नोट्र-डाम कैथेड्रल
Image caption नोट्र-डाम कैथेड्रल

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉं ने कहा है कि नॉट्र डाम चर्च में लगी आग के बाद उसे दोबारा बनाया जाएगा. पेरिस के 850 साल पुराने इस विश्वप्रसिद्ध चर्च में सोमवार शाम आग लग गई थी.

आग पर नौ घंटे बाद क़ाबू पा लिया गया है. चर्च की मुख्य इमारत और दोनों मीनारों को बचा लिया गया मगर आग से इसकी गुंबद और छत गिर गई.

पेरिस के इस मध्यकालीन चर्च में सोमवार शाम साढ़े छह बजे के पास आग लग गई और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई.

आग किस वजह से लगी, ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है. इस चर्च के नवीनीकरण का काम चल रहा था और अधिकारियों का मानना है कि बहुत हद तक संभव है कि आग इसी वजह से लगी हो.

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फ़्रांस की ऐतिहासिक इमारत में लगी आग

यह इमारत 850 साल पुरानी है.

आग को बुझाने की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन इस प्रमुख गिरिजाघर का शिखर और छत ढह गई है.

पिछले साल इस कैथोलिक चर्च को बचाने के लिए लोगों से आर्थिक सहयोग करने की अपील की गई थी. बेहद पुरानी होने के कारण इमारत जर्जर स्थिति में है.

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उनकी सारी संवेदनाए कैथोलिक लोगों और पूरे फ्रांस के लोगों के साथ हैं, जो इस दुर्घटना से आहत हुए हैं.

उन्होंने कहा, "मेरे पूरे देशवासियों की तरह मैं भी आज बहुत ही दुखी हूं. मुझे ये देखकर बहुत तकलीफ़ हो रही है कि हमारा एक हिस्सा जल रहा है."

राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की ख़बर के बाद राष्ट्रपति ने देश के लोगों को संबोधित करने का पहले से तय कार्यक्रम रद्द कर दिया है.

गिरिजाघर से जुड़े एक प्रवक्ता ने बताया कि आग पूरे हिस्से में लगी है.

"वहां अब कुछ भी नहीं बचा है. बस अब ये जांचना बाकी है कि गिरिजाघर का गुंबद सुरक्षित है या नहीं."

पेरिस के मेयर एन हिडाल्गो घटनास्थल पर ही मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि आग बहुत भयानक थी. उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वो दमकलकर्मियों द्वारा बनाए गए सीमा-घेरे को पार न करें और उनके नियमों का पालन करें.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सलाह दी है कि हेलीकॉप्टरों से पानी की बौछार करके आग को रोकने की कोशिश की जाए.

फ्रांस की अहम ऐतिहासिक इमारत है यह चर्च

यह दुनिया के सबसे प्राचीन कैथेड्रल में से एक है. लाखों की संख्या में लोग हर साल यहां घूमने और प्रार्थना करने आते हैं. इमारत की दीवारों में दरारें नज़र आने लगी थीं जिसके बाद से इमारत के नवीनीकरण का काम किया जा रहा था.

अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है.

बीबीसी संवाददाता हेनरी एस्टियर के मुताबिक, फ्रांस की कोई भी इमारत फ्रांस को उस तरह से पेश नहीं करती है जिस तरह से नोट्र डाम गिरिजाघर की इमारत करती है. ये भी कह सकते हैं कि अगर पेरिस के आइफ़ल टावर को कोई इमारत टक्कर देती है तो यही वो इमारत है. देश की एक महान साहित्यिक कृति का नाम भी इसी इमारत के नाम पर है. विक्टर ह्यूगो की 'द हंचबैक ऑफ़ नॉट्र डाम' को नॉट्र डाम द पेरिस के नाम से जाना जाता है.

फ्रांसीसी क्रांति के वक़्त इस इमारत को बहुत नुक़सान उठाना पड़ा था. इस इमारत ने दो विश्व युद्ध देखे हैं.

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