क्या श्रीलंका का 'हमलावर' बौद्ध था जो बुर्क़ा पहने हुए गिरफ़्तार हुआ? फ़ैक्ट चेक

  • 24 अप्रैल 2019
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सोशल मीडिया पर श्रीलंका में हुए बम धमाकों से जोड़कर एक पुराना वीडियो बेहद भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

क़रीब 30 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में बुर्क़ा पहने हुए एक शख़्स दिखाई देता है जिसे पुलिस ने गिरफ़्तार कर रखा है और उससे पूछताछ की जा रही है.

दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो श्रीलंका का है और इसका ताल्लुक श्रीलंका में हुए सीरियल बम धमाकों से है.

जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो सर्कुलेट किया है, उनका दावा है कि "मुस्लिम महिलाओं का लिबास पहने इस बौद्ध को श्रीलंका पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. ये शख़्स श्रीलंकाई चर्चों में धमाके करने वालों में शामिल था."

बीते 48 घंटों में इसी दावे के साथ यह वीडियो हज़ारों लोग फ़ेसबुक पर पोस्ट कर चुके हैं. ट्विटर पर भी इस वीडियो के सैकड़ों शेयर हैं.

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Image caption बीबीसी के पाठकों ने इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए वॉट्सऐप के ज़रिये हमें यह वीडियो भेजा है

21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका के कई शहरों में हुए सीरियल बम धमाकों में मरने वालों की संख्या बुधवार तक बढ़कर 359 हो गई थी और 500 से ज़्यादा लोग घायल हैं.

ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 38 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं. इनमें से 26 लोगों को सीआईडी ने, तीन को आतंकरोधी दस्ते ने और नौ को श्रीलंका पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.

लेकिन जिस वीडियो को श्रीलंका में धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तार हुए 'बौद्ध शख़्स' का बताकर शेयर किया जा रहा है, उस वीडियो का इस हादसे से कोई लेना-देना नहीं है.

भारत के कई राज्यों समेत श्रीलंका में भी वायरल हो रहा ये वीडियो अगस्त 2018 का है.

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Image caption हमलावरों ने इस चर्च को बनाया सीरियल बम ब्लास्ट का निशाना

वायरल वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो है तो श्रीलंका का ही, लेकिन इस वीडियो को श्रीलंका के स्थानीय मीडिया नेटवर्क 'नेथ न्यूज़' ने सीरियल बम धमाकों से क़रीब आठ महीने पहले यू-ट्यूब पर पोस्ट किया था.

29 अगस्त 2018 को पोस्ट की गई यह वीडियो 'नेथ न्यूज़' के यू-टयूब पेज पर मौजूद है.

मीडिया नेटवर्क के अनुसार श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से सटे पश्चिमी प्रांत राजगिरी में इस शख़्स को पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.

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'नेथ न्यूज़' की वेबसाइट पर इस वीडियो के साथ छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ वीडियो में दिख रहा शख़्स ऑटोरिक्शा में बैठकर वेलीकाडा पब्लिक शॉपिंग कॉम्पलेक्स तक पहुँचा था. लेकिन ऑटोरिक्शा चालक को इस आदमी के रवैये पर शक़ हुआ तो उसने पुलिस को इसकी सूचना दी और उसे गिरफ़्तार करा दिया था.

इस शख़्स पर क्या आरोप लगे थे? इस बारे में नेथ न्यूज़ की रिपोर्ट में कुछ नहीं लिखा है.

श्रीलंका की ही 'एक्सप्रेस न्यूज़' नाम की वेबसाइट ने नेथ न्यूज़ के हवाले से 30 अगस्त 2018 को इस घटना की रिपोर्ट पब्लिश की थी.

वीडियो को ग़लत संदर्भ के साथ वायरल होता देख नेथ न्यूज़ ने अपने फ़ेसबुक पेज पर इस वीडियो के बारे में एक स्पष्टीकरण जारी किया है.

उन्होंने लिखा है, "ध्यान दें! यह वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किया जा रहा है. ये वीडियो क्लिप 29 अगस्त 2018 को हमने पब्लिश किया था."

धमाकों को सांप्रदायिक तनाव से जोड़ने की कोशिश?

पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका के बहुसंख्यक सिंहली समुदाय और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक तनाव रहा है.

पिछले साल मार्च में सिंहला बौद्ध लोगों की भीड़ ने दिगाना शहर में मुसलमानों की 150 से ज़्यादा दुकानें, घर और मस्जिदों को जला दिया था जिसके बाद देश में आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी थी.

कई लोग दोनों समुदायों के बीच रहे इस तनाव से जोड़कर भी ये वीडियो शेयर कर रहे हैं.

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तथाकथित चरमपंथी संगठन 'इस्लामिक स्टेट' ने अपने मीडिया पोर्टल 'अमाक़' पर इन हमलों की ज़िम्मेदारी क़बूल की है.

लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती क्योंकि आमतौर से इस्लामिक स्टेट हमलों के तुरंत बाद हमलावरों की तस्वीरें प्रकाशित करके ऐसे हमलों की ज़िम्मेदारी लेता रहा है.

वहीं श्रीलंका सरकार ने एक स्थानीय जेहादी गुट 'नेशनल तौहीद जमात' का नाम लिया है और अधिकारियों ने बम धमाके किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की मदद से कराये जाने की बात की है.

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