अमरीका-चीन ट्रेड वॉर: 5 अहम बातें

  • 12 मई 2019
शी जिनपिंग और ट्रंप

अमरीका ने चीन से आयात होने वाले 200 अरब डॉलर के सामान पर शुक्रवार को ढाई गुना कर बढ़ा दिया है.

अमरीका ने आयात कर को 10% से 25% करने की घोषणा के साथ जल्द ही कुछ नए कर और लगाने की भी बात कही है.

व्यापार समझौते पर बातचीत के बीच ट्रंप की इस घोषणा को चीन ने दुखद बताया है.

अभी स्थिति और भी ख़राब हो सकती है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि 325 बिलियन डॉलर के अन्य चीनी उत्पादों पर भी जल्द ही 25 प्रतिशत शुल्क लग सकता है.

अगर व्यापारिक विवाद और बढ़ा तो इसका ख़ामियाज़ा विश्व अर्थव्यवस्था को भुगतना पड़ सकता है.

व्यापार को लेकर अमरीका और चीन के बीच विवाद के मुख्य मुद्दे क्या हैं, आइए समझते हैं-

1) अमरीका का व्यापार घाटा कैसे बढ़ा?

पिछले साल अमरीका ने चीन के साथ ट्रेड वॉर शुरू किया. उसका आरोप है कि चीन व्यापार में ग़लत हथकंडे अपनाता है.

अमरीका ने चीन पर टेक्नोलॉजी चोरी करने का आरोप लगाया है. वो चाहता है कि बीजिंग अपनी आर्थिक नीतियों में बदलाव करे क्योंकि वो घरेलू सब्सिडी देकर अपनी कंपनियों की मदद करता है.

अमरीका ये भी चाहता है कि 419 अरब डॉलर के विशाल व्यापार घाटे को काबू करने के लिए चीन अमरीकी सामान खरीदे.

आयात और निर्यात में अंतर का अनुपात व्यापार घाटा कहलाता है. इस अंतर को कम करना ट्रंप की व्यापार नीति का अहम हिस्सा है.

2)अभी तक कितना आयात कर था?

पिछले साल अमरीका ने 250 अरब डॉलर के चीनी सामानों पर आयात कर लगाया था. बदले में बीजिंग ने 110 अरब डॉलर के अमरीकी सामानों पर आयात शुल्क लगाया.

इस साल की शुरुआत में ही 200 अरब डॉलर के चीनी सामानों पर शुल्क को 10% से 25% बढ़ाया जाना था. शुक्रवार को इसे बढ़ा दिया गया है.

3) कौन से उत्पादों पर पड़ेगा असर?

मशीनरी से मोटरसाइकिल तक नए शुल्क के दायरे में आएंगे. इसमें मछली, हैंडबैग, कपड़े और जूते चप्पल के दाम बढ़ेंगे.

चीन ने अमरीका पर आर्थिक इतिहास का सबसे बड़ा व्यापारिक युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया है.

इसने अमरीका में बने कैमिकल, सब्ज़ियां और व्हिस्की आदि पर शुल्क बढ़ाया है.

4)क्या इसका बाज़ार पर असर पड़ेगा?

अमरीका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव का असर पिछले साल से ही वित्तीय बाज़ार में अनिश्चितता के रूप में दिखने लगा था.

साल 2018 में हॉंगकॉंग का हेंगसेंग इंडेक्स 13 प्रतिशत तक गिरा जबकि शांघाई कंपोज़िट में 25 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई.

दोनों शेयर बाज़ारों में इस साल कुछ सुधार हुआ है.

5) व्यापार को लेकर अन्य विवाद कौन से हैं?

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने कहा है कि पिछले साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में आई गिरावट के पीछे अमरीका और चीन में तनाव बढ़ना एक प्रमुख कारण था, जिसकी वजह से साल 2019 का आर्थिक अनुमान घटाना पड़ा.

कुछ देशों पर तो परोक्ष रूप से असर पड़ा है, खासकर जो अमरीका या चीन के अहम व्यापारिक साझीदार हैं या इस सप्लाई चेन में कहीं न कहीं आते हैं.

लेकिन अमरीका का व्यापारिक विवाद केवल चीन के साथ ही नहीं है. अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मैक्सिको, कनाडा और यूरोपीय संघ पर शुल्क बढ़ाए हैं.

इसके जवाब में उन देशों ने भी अमरीकी सामानों पर आयात शुल्क लगाए.

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