मोदी की जीत पर पाकिस्तान, यूके और अमरीका के फ़र्ज़ी वीडियो वायरल: फ़ैक्ट चेक

  • 27 मई 2019
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सोशल मीडिया पर कई देसी-विदेशी वीडियो और तस्वीरें इस दावे के साथ सर्कुलेट की जा रही हैं कि पूरी दुनिया में नरेंद्र मोदी की लोकसभा चुनाव-2019 में हुई जीत का जश्न मनाया जा रहा है.

नरेंद्र मोदी ने बेशक इन चुनावों में एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है और वो दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बनने में सफल हुए हैं.

साथ ही नेहरू युग के बाद 1971 में इंदिरा गांधी के दोबारा चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी अकेले ऐसे प्रधानमंत्री बन गये हैं जिन्हें जनता ने दोबारा पूर्ण बहुमत से चुना है.

लेकिन उनके समर्थक सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो पोस्ट कर रहे हैं जिनका लोकसभा चुनाव या चुनाव के नतीजों से कोई संबंध नहीं है.

हमने पाया कि भ्रामक दावों के साथ सोशल मीडिया पर ऐसे फ़र्ज़ी वीडियो एक लाख से ज़्यादा बार शेयर किये गए हैं.

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नोट उड़ाता भारतीय बिज़नेसमैन?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो इस दावे के साथ सर्कुलेट किया जा रहा है कि न्यूयॉर्क में रह रहे एक भारतीय व्यापारी ने मोदी की जीत पर एक लाख अमरीकी डॉलर लोगों में बाँट दिये.

इस वीडियो में दिखाई देता है कि एक आदमी सड़क पर नोट उड़ा रहा है और उसके आस-पास खड़ी भीड़ उन नोटों को उठा रही है.

कुछ लोगों ने दावा किया है कि ये वीडियो अमरीका का नहीं, बल्कि कनाडा का है.

हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ये वीडियो तो सही है, सड़क पर नोट उड़ाने की यह घटना हुई थी, लेकिन इसके साथ जो दावा किया गया है, वो फ़र्ज़ी है.

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वायरल वीडियो में जो शख़्स सड़क पर नोट उड़ाता दिख रहा है, उसका नाम जो कुश है. वो एक पेशेवर म्यूज़िक प्रोड्यूसर और वीडियो इंजीनियर है, न कि कोई 'भारतीय अरबपति बिज़नेसमैन'.

रिवर्स इमेज सर्च से पता चलता है कि न्यूयॉर्क के 'कोलहोलम' नाम के इंस्टाग्राम यूज़र ने 16 मई 2019 को यह वीडियो पोस्ट किया था.

इस वीडियो के साथ इंस्टाग्राम यूज़र ने लिखा, "मैनहैटन शहर की 47वीं स्ट्रीट पर यह शख़्स नोट उड़ाता हुआ दिखा. शायद वो कोई वीडियो शूट कर रहे थे."

हमने पाया कि जो कुश ने अपने पर्सनल इंस्टाग्राम पेज पर नोट उड़ान के कई अन्य वीडियो भी पोस्ट किये हैं.

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बलूचिस्तान में मोदी की जीत पर जश्न?

इस वीडियो के साथ ये दावा किया जा रहा है कि बलूचिस्तान में भी मोदी की बड़ी जीत का जश्न मनाया गया.

इस वायरल वीडियो में कुछ बुर्क़ानशीं महिलाएं गीत गातीं और 'मोदी-मोदी' के नारे लगाती दिखाई देती हैं. जबकि भीड़ में कुछ लोग दिखते हैं जिन्होंने बीजेपी के झंडे पकड़ रखे हैं.

वीडियो के साथ लिखा जा रहा है, "बीजेपी ने पाकिस्तान में अपनी पहली शाखा खोल दी है. भारत में रहने वाले गद्दार अक्सर पाकिस्तान के झंडे फहराते रहे हैं, मगर पाकिस्तान में ऐसा होते देख आज तबीयत ख़ुश हो गई."

लेकिन सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा बिल्कुल फ़र्ज़ी है.

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ये वीडियो पहले भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और उस समय ये दावा किया गया था कि मोदी के समर्थकों ने बलूचिस्तान में बीजेपी का झंडा फहराया.

20 अप्रैल 2019 को बीबीसी की फ़ैक्ट चेक टीम ने इस वीडियो पर एक रिपोर्ट की थी और पाया था कि ये वीडियो बलूचिस्तान का नहीं, बल्कि भारत प्रशासित कश्मीर के अनंतनाग संसदीय क्षेत्र का है.

बीजेपी जम्मू-कश्मीर के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से यह वीडियो 31 मार्च 2019 को ट्वीट किया गया था.

साथ ही अनंतनाग संसदीय सीट से बीजेपी के प्रत्याशी रहे सोफ़ी यूसुफ़ ने पर्चा दाख़िल करने के बाद यह वीडियो अपने फ़ेसबुक पेज पर और ट्विटर पर पोस्ट किया था.

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लंदन की बसों पर 'मोदी जी'!

बीते तीन दिन में सोशल मीडिया पर यह तस्वीर 50 हज़ार से ज़्यादा बार शेयर की गई है.

तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि चुनाव जीतने के बाद नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए लंदन की बसों पर संदेश लिखे गये हैं.

जिन लोगों ने यह तस्वीर शेयर की है, उन्होंने लिखा है कि देखिए, दुनिया पीएम मोदी को कितना सम्मान दे रही है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.

लेकिन रिवर्स इमेज सर्च से अलग ही कहानी सामने आई. हमने पाया कि इस तस्वीर का लोकसभा चुनाव-2019 से कोई संबंध नहीं है.

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अक्तूबर 2015 में छपीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यूके की सरकार ने नहीं, बल्कि यूके में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों ने कुछ बसें (मोदी एक्सप्रेस) किराये पर ली थीं और एक महीने तक इन्हें टूरिस्ट्स को घुमाने के लिए लंदन शहर में चलाया गया था.

इनमें से कुछ बसों पर लिखा था, 'वेलकम मोदी जी'.

नरेंद्र मोदी नवंबर 2015 में तीन दिवसीय लंदन दौरे पर गये थे.

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