ओमान टैंकर धमाका :अमरीका ने जारी किया वीडियो

  • 15 जून 2019
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अमरीकी सेना ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि इसमें ईरान की स्पेशल फोर्स के लोग एक तेल टैंकर से विस्फोटक हटाते दिख रहे हैं. ओमान की खाड़ी में गुरुवार को हुए हमले में इस टैंकर को नुकसान हुआ था.

अमरीका ने जापान के टैंकर की तस्वीरें भी जारी की हैं, जहां विस्फोटक नज़र आ रहा है. जिसे वीडियो के मुताबिक बाद में हटा दिया गया.

रिपोर्टों के मुताबिक ओमान की खाड़ी में नॉर्वे के एक टैंकर में भी तीन धमाके हुए. अमरीका ने इन हमलों के लिए ईरान को दोषी ठहराया है लेकिन ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है.

यूएई में भी एक महीने पहले ही चार तेल टैंकरों पर हमला हुआ था. अमरीका ने तब भी ईरान पर आरोप लगाया था लेकिन कोई सबूत पेश नहीं किया था. ईरान ने तब भी उन आरोप को ग़लत बताया था.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी इन हमलों के लिए ईरान को ही दोषी ठहराया है.

उन्होंने कहा, "ये ईरान ने ही किया है क्योंकि आप वीडियो में उस नाव को देख सकते हैं. मुझे लगता है कि एक विस्फोटक फटा नहीं और शायद इस पर ईरान की पहचान थी. आप देख सकते हैं कि रात में नाव के जरिए विस्फोटक हटाने की कोशिश की जा रही है और विस्फोटक हटा भी लिया जाता है. ये नाव ईरान की थी, नाव में सवार लोग भी ईरान के थे. ईरान कोई सुबूत नहीं छोड़ना चाहता लेकिन शायद उसे पता नहीं कि हम अंधेरे में चीज़ें ढूंढ निकालने में माहिर हैं."

डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमरीका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहते ईरान के साथ जो परमाणु करार हुआ था, ट्रंप ने उससे भी अमरीका को बाहर कर लिया और ईरान पर सख़्त प्रतिबंध लगाए.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटेनियो गुटेरेश भी इस मामले पर क़रीब से नज़र रख रहे हैं. शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि ये दुनिया खाड़ी क्षेत्र में बड़ा टकराव बर्दाश्त नहीं कर सकती और शनिवार को उन्होंने इस वाकए की एक स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है.

गुटेरेश ने कहा कि जो कुछ भी हुआ, उसका सच दुनिया के सामने आना ही चाहिए. हालांकि ऐसी कोई जांच बिठाने का अधिकार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के पास ही है.

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ट्रंप ने शुक्रवार को फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में फिर से दोहराया कि इन हमलों के पीछे ईरान ही है.

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता तो नहीं कि ईरान अपनी शिपिंग लेन को बंद कर देगा जहां से दुनिया का एक तिहाई तेल हर साल गुज़रता है. लेकिन अगर ईरान ऐसा करता है तो फिर बहुत दिन तक बंद नहीं रख पाएगा.

जब उनसे पूछा गया कि ईरान को कैसे रोका जाएगा तो उन्होंने कहा, "देखते हैं." ओमान की खाड़ी में गुरुवार को हुए हमले के बाद तेल की कीमत चार फ़ीसदी ज़्यादा बढ़ गई है.

अब तक हमले के बारे में क्या पता है

अमरीका के मुताबिक़ धमाकों के बाद अमरीका की नौसेना को नॉर्वे के जहाज़ से सुबह छह बजे फ़ोन आया और उसके बाद जापान के जहाज़ से सात बजे फोन आया जिसके बाद वे उस दिशा में बढ़े.

उन्होंने कहा कि अमरीका की नौसेना ने ईरान की नौसेना की नावों को उस इलाके में धमाकों के बाद देखा और उसके बाद उन्हें जापान के टैंकर से विस्फोटक हटाते हुए भी जो फटा नहीं था.

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Image caption दो तेल टैंकरों पर गुरुवार को हुए हमले के बाद तेल की कीमतों में करीब चार फ़ीसदी का इजाफा हुआ है

दोनों टैंकर के चालक दल के सदस्यों को दूसरे जहाज़ों पर पहुंचाया गया. बाद में ईरान और अमरीका दोनों ने चालक दल को बचाने की तस्वीरें जारी कीं.

जापान के जहाज वाली कंपनी का कहना है कि जब क्रू के सदस्यों ने आग लगी देखी और विस्फोटक देखा तो उन्होंने जहाज़ छोड़ दिया.

वहीं इस कंपनी के प्रमुख यूटाका कटाडा ने अमरीका के बयान से अलग कहा कि क्रू के सदस्यों ने बताया कि जहाज़ पर किसी उड़ती हुई चीज़ ने हमला किया.

ये जहाज़ ईरान के तट से 30 किलोमीटर दूर था जब जहाज़ ने इमरजेंसी फोन किया.

नॉर्वे का जहाज़ एक पेट्रोलियम उत्पाद यूएई से ताईवान लेकर जा रहा था. जापान का जहाज़ मिथेनॉल लेकर सऊदी अरब से सिंगापुर लेकर जा रहा था.

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Image caption अमरीका के विदेश सचिव माइक पोम्पियो ने एक प्रेस कांफ्रेस में इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार बताया है

अब तक क्या प्रतिक्रियाएं आई हैं

अमरीका के विदेश सचिव माइक पोम्पियो ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "ये अमरीका का आकलन है कि उन हमलों के पीछे ईरान का हाथ है."

उन्होंने का "ये आकलन हमारी खुफ़िया एजेंसी, जिस तरह के हथियार इस्तेमाल हुए, जिस तरह की विशेषता इसके लिए चाहिए थी, उस इलाके में किसी और ग्रुप के पास ऐसी कार्रवाई के लिए संसाधन नहीं है, इन सब बातों को देखते हुए इस आकलन पर पहुंचे हैं."

रूस के विदेश मंत्रालय ने ऐसे जल्दबाज़ी के आकलन को लेकर अमरीका को चेताया है.

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी पक्षों को खुद को थोड़ा रोकना चाहिए.

बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर कहते हैं कि जो वीडियो अमरीका ने जारी किया है वो पहले के सबूतों से ज़्यादा विश्ववसनीय है.

वीडियो में जो सफेद रंग का छोटा जहाज़ दिख रहा है, वैसा अक्सर ईरान की स्पेशल फोर्स - रेवोल्यूशनरी गार्ड इस्तेमाल करते हैं. पिछले कुछ सालों में ईरान ने धीरे-धीरे अपनी नेवी की जगह खाड़ी में इस स्पेशल नेवी को तैनात कर दिया है.

ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि ये हमले उन लोगों ने किए हैं जो ईरान के अंतरराष्ट्रीय संबंध खराब करना चाहते हैं.

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