पाक उर्दू प्रेस रिव्यू: मोदी जी हमारे प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से नज़र नहीं मिला पाए- पाकिस्तान विदेश मंत्री

  • 17 जून 2019
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Image caption इमरान ख़ान और शाह महमूद क़ुरैशी

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई, ज़रदारी की गिरफ़्तारी, एससीओ सम्मेलन से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.

सबसे पहले बात एससीओ सम्मेलन की. अख़बार दुनिया के अनुसार शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे इमरान ख़ान ने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा, "पाकिस्तान भारत के साथ दोस्ती चाहता है. हम भारत से संबंध बेहतर बनाने के लिए रूस की मध्यस्थता भी स्वीकार करने को तैयार हैं."

"हम क्षेत्र में अमन चाहते हैं. जंग से किसी का कोई फ़ायदा नहीं है. भारत-पाक संबंध में सबसे बड़ी रुकावट कश्मीर है, जिसे बातचीत के ज़रिए हल किया जा सकता है.''

लेकिन पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी की राय थोड़ी अलग है.

अख़बार नवा-ए-वक्त के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्री का कहना था कि एससीओ बैठक के दौरान इमरान ख़ान और भारतीय प्रधानमंत्री ने एक दूसरे से हाथ मिलाया और थोड़ी देर तक दोनों में बातचीत भी हुई.

क़ुरैशी का कहना था, "मोदी के साथ मुलाक़ात पहले से तय नहीं थी. दुनियादारी थी वो हुई. भारत अभी तक अपने चुनावी नतीजों के ज़ेहनी दबाव से आज़ाद नहीं हो पाया है. बातचीत का फ़ैसला भारत को करना है."

"बातचीत के लिए न तो कोई जल्दी है, न कोई घबराहट है. मोदी मुझे खोए-खोए से नज़र आए. ऐसा लग रहा था कि मोदी जी हमारे प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से आंखे नहीं मिला पा रहे हैं.''

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एक अमरीकी डॉलर 157.50 पाकिस्तानी रुपये के बराबर

पाकिस्तान में महंगाई पर क़ाबू पाने की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं. सोना-चांदी के अलावा रोज़मर्रा की इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ों की क़ीमत भी आसमान छू रही हैं.

पाकिस्तानी रुपया भी लगातार कमज़ोर होता जा रहा है. अख़बार जंग के अनुसार एक अमरीकी डॉलर 157.50 पाकिस्तानी रुपये के बराबर हो गया है. पेट्रोल, गैस और बिजली की क़ीमत भी रोज़ाना बढ़ती जा रही है.

सरकार रोज़ाना कह रही है कि जल्द ही इस पर क़ाबू पा लिया जाएगा. प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अपने मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करने के बाद कहा कि पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था अब पटरी पर लौट आई है.

अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, ''पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था स्थिर हो चुकी है. कठिन रास्ता था जो तय कर लिया गया है. अब समय आ गया है कि पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था टेक-ऑफ़ करेगी.''

लेकिन सच्चाई ये है कि महंगाई कम होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं.

अख़बार एक्सप्रेस के मुताबिक़ जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख और सिनेटर सिराज-उल-हक़ ने कहा है कि महंगाई, बेरोज़गारी, आईएमएफ़ और वर्ल्ड बैंक की कथित ग़ुलामी के ख़िलाफ़ उनका संगठन 16 जून से लाहौर से एक आंदोलन शुरू करेगा. उनके अनुसार ये आंदोलन पूरे पाकिस्तान में शुरू किया जाएगा.

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ज़रदारी की गिरफ़्तारी पर राष्ट्रव्यापी बंद

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ़्तार कर लिया गया है.

अख़बार एक्सप्रेस के मुताबिक़ मनी लॉंड्रिंग के केस में अभियुक्त आसिफ़ अली ज़रदारी ने अदालत से अग्रिम ज़मानत की अपील की थी. लेकिन ज़मानत याचिका ख़ारिज किए जाने के बाद भ्रष्टाचार मामलों की जांच करने वाली संस्था नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) ने ज़रदारी को गिरफ़्तार कर लिया और फिर अदालत ने उन्हें 11 दिनों के पुलिस रिमांड पर दे दिया.

पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी ने ज़रदारी की गिरफ्तारी के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार समूचे विपक्ष ने भी कहा कि ज़रदारी की गिरफ़्तारी सरकार को मंहगी पड़ेगी और ये बदले की भावना से की गई कार्रवाई लग रही है.

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