बालाकोट पर वीडियो बनाने वाला शख़्स कौन है?

  • 25 जून 2019
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पाकिस्तान के भक्कर ज़िले के झंडावालान क्षेत्र में स्थानीय पुलिस ने एक शख़्स के ख़िलाफ़ फेसबुक पर ईशनिंदा और सेना का विरोध करने के मामले में एफ़आईआर दर्ज की है.

राना जावेद नाम के इस शख़्स ने एक वीडियो बनाया था. इस वीडियो में ये शख़्स दावा करता है कि उसे प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ख़ैबर पख्तूनवा के बालाकोट क्षेत्र में ट्रेनिंग दी है.

ये बालाकोट वही जगह है जहां भारतीय वायुसेना ने कुछ महीनों पहले हवाई हमला किया था.

भारत सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि इस हवाई हमले में उसने अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया है.

भारत सरकार दावा करती है कि हवाई हमले में जैश-ए-मोहम्मद संगठन के कई लड़ाकों की मौत हुई थी और जैश का एक ट्रेनिंग कैंप भी ध्वस्त कर दिया गया था.

भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के जवाब में इस हमले को अंजाम दिया गया था.

Image caption बालाकोट का मदरसा

हालांकि, पाकिस्तान सरकार का दावा है कि 26 फरवरी को हुए भारतीय सेना का हवाई हमला एक निर्जन क्षेत्र में किया गया था और इसमें किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था.

कौन है वीडियो बनाने वाला शख़्स

पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो को बनाने वाला शख़्स वीडियो में अपना नाम राना जावेद बताता है.

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ये शख़्स वीडियो में पाकिस्तानी सेना के ख़िलाफ़ भी अपशब्दों का प्रयोग करते दिखाई पड़ता है.

वीडियो में जावेद कहते हैं कि जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटिव ने उनके स्कूल जाकर एक भाषण दिया था जिसमें ये बताया गया था कि भारत प्रशासित कश्मीर में मुस्लिम महिलाओं के साथ बलात्कार किया जा रहा है.

वीडियो में जावेद कहते हैं कि इसके बाद उन्होंने और उनके कुछ अन्य सहपाठियों ने जिहाद करने का फ़ैसला किया.

जावेद के मुताबिक इस घटना के वक्त वह महज़ 13 साल के थे और उन्हें उनके घर वालों की मर्जी के बगैर बालाकोट ले जाया गया था जहां उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों को ट्रेनिंग पर नज़र रखते हुए देखा.

जावेद ये भी दावा करते हैं पाकिस्तानी सैनिकों को देखकर उन्हें एहसास हुआ कि ये कैंप सेना चला रही थी और ट्रेनिंग के बाद चरमपंथियों को सीमापार भी भेजा जाता था.

क्या कहती है स्थानीय पुलिस?

जावेद के ख़िलाफ़ दर्ज की गई एफ़आईआर में बताया गया है कि वह बीते काफ़ी समय से फेसबुक पर ईशनिंदा से जुड़ी सामग्री प्रकाशित कर रहे थे.

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राना जावेद नाम के फेसबुक अकाउंट पर प्रकाशित इस वीडियो में जावेद कहते हैं कि ये (वीडियो) उनकी अंतिम पोस्ट है और इसके बाद उन्होंने आत्महत्या करने का फ़ैसला किया है.

झंडेवालान पुलिस स्टेशन के एसएचओ आसिफ़ ख़ान ने बीबीसी को बताया, "ये शख़्स कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाओं को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे थे और इन्होंने आत्महत्या नहीं की है. इस बात के साक्ष्य मौजूद नहीं है कि इस व्यक्ति ने आत्महत्या की है."

आसिफ़ ख़ान मानते हैं कि जावेद भाग गए हैं और वह अपने वीडियो की मदद से पुलिस को भ्रम में डालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वह गिरफ़्तारी से बच सकें.

ख़ान बताते हैं कि महिला पुलिसकर्मियों की मदद से जावेद के घर पर छापा भी मारा गया लेकिन जावेद उनके हाथ नहीं आए.

वीडियो में क्या कह रहे हैं जावेद?

राना जावेद अपने वीडियो में कहते हैं कि वह पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पीएमएल-एन के समर्थक हैं.

इसके साथ ही वह कहते हैं कि वह लोकतंत्र, धर्म निरपेक्षता और विज्ञान में भरोसा रखने वाले शख़्स हैं.

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जावेद अपने वीडियो में दावा करते हैं कि पुलिस ने बिना किसी वॉरंट के उनके घर पर छापा मारा जिसमें उन्हें पकड़ने में नाकाम रहने पर उनके छोटे भाई को गिरफ़्तार किया जोकि आर्मी मेडिकल कॉर्प्स में काम करते हैं.

वीडियो में वह दावा करते हैं कि वह भी पाकिस्तानी सेना में पांच साल तक काम कर चुके हैं और अपनी मर्जी से उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया क्योंकि वह अपने घरवालों से दूर नहीं रह सकते थे.

वह दावा करते हैं कि उनका विरोध सेना से नहीं है लेकिन वह कुछ चुनिंदा जनरलों के ख़िलाफ़ हैं जिन्होंने पाकिस्तान के राजनीतिक तंत्र को जकड़कर रखा हुआ है.

वह ये भी कहते हैं कि वह नफ़रत और हिंसा फैलाने के लिए धर्म के दुरुपयोग के पक्ष में भी नहीं हैं.

वह अपने ख़िलाफ़ लगे ईशनिंदा के आरोपों का खंडन करते हैं और कहते हैं कि उनके फेसबुक अकाउंट पर प्रकाशित पोस्ट्स को देखकर लोग ये फ़ैसला कर सकते हैं कि उनमें कुछ ग़लत था या नहीं.

वह कहते हैं कि उन्होंने किसी तरह की ईशनिंदा नहीं की है लेकिन उन्होंने धर्म पर कुछ सवाल ज़रूर उठाए हैं.

वीडियो के अंतिम हिस्से में जावेद अपने परिवार से माफ़ी मांगकर हुए रोते दिखाई देते हैं.

वह कहते हैं कि वह अपने प्रति नफ़रत का सामना करने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं.

जावेद के इस वीडियो को चार सौ बार शेयर किया जा चुका है और पचास हज़ार बार देखा जा चुका है.

वीडियो के कमेंट बॉक्स में लोग उनसे आत्महत्या न करने के लिए कहते हुए दिख रहे हैं.

वहीं कुछ लोग सेना और धर्म के बारे में कही गई बातों को लेकर उनकी आलोचना कर रहे हैं.

पुलिस के मुताबिक़, जावेद फरार हैं और उन्होंने अपना फ़ोन बंद कर लिया है, इसलिए वह पहुंच से बाहर हैं. हालांकि पुलिस अब भी उन्हें तलाश रही है.

पुलिस ने फेसबुक पर ईशनिंदा करने और सेना के ख़िलाफ़ बोलने की वजह से जावेद के ख़िलाफ़ टेलिग्राफ़ एक्ट और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बनाए गए कानून के तहत एफ़आईआर दर्ज की है.

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