सोमालिया: होटल पर आत्मघाती हमला, 26 की मौत

  • 13 जुलाई 2019
हमले से क्षतिग्रस्त हुई इमारत इमेज कॉपीरइट AFP

दक्षिण सोमालिया के एक होटल में शनिवार को हुए एक आत्मघाती हमले में कम-से-कम 26 लोगों की मौत हो गई.

रिपोर्टों के मुताबिक मरने वालों में एक पत्रकार और कई विदेशी नागरिक शामिल हैं. इस हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक संगठन अल-शबाब ने ली है.

अधिकारियों ने बताया कि हमले में एक स्थानीय राजनेता के अलावा कीनिया और तंजानिया के तीन-तीन, अमरीका के दो और एक ब्रिटिश व्यक्ति की मौत हुई है.

अधिकारियों ने बताया है कि एक आत्मघाती हमलावर किसमायो शहर के समुद्र किनारे बने होटल असासे में विस्फोटकों से लदी कार लेकर घुसा और फिर ताबड़तोड़ हमले किये.

जिस वक्त यह हमला हुआ तब होटल में स्थानीय नेता आगामी चुनाव को लेकर चर्चा में जुटे थे.

माना जा रहा है कि इस हमले में पत्रकार होडेन नालियाह और उनके पति की मौत हो गयी है.

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प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या देखा?

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने धमाके से पहले कई हथियारबंद लोगों को अंदर जाते देखा.

एक प्रत्यक्षदर्शी हुसैन मुख्तार ने कहा, "हमले के बाद यहां अफरातफरी मच गयी थी. पास की इमारत से मैंने मृतकों को ले जाते और कई अन्य लोगों को इधर उधर भागते देखा."

प्रशासन को होटल पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने में कई घंटे लगे.

जुबालैंड क्षेत्र के प्रमुख अहमद मोहम्मद ने मृतकों की संख्या 26 बताई. उन्होंने बताया कि इस हमले में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में चार हमलावरों की मौत हो गई.

हमले में कौन-कौन मारे गये?

स्थानीय मीडिया और सोमालिया पत्रकार संघ ने बताया कि मृतकों में 43 वर्षीय पत्रकार होडेन नालियाह और उनके पति फरीद शामिल हैं.

नालियाह इंटीग्रेशन टीवी चलाती थीं जिसमें सोमालिया से जुड़ी कहानियां दिखाई जाती हैं.

छह साल की उम्र में वो अपने परिवार के साथ कनाडा चली गयी थीं. बाद में वहां वो सोमाली समुदाय के मुद्दे उठाया करती थीं.

दो बच्चों की मां नालियाह हाल ही में सोमालिया लौट आयी थीं.

नालियाह को श्रद्धांजलि देते हुए बीबीसी की पत्रकार फरहान जिमाले ने उन्हें एक 'अच्छे दिल वाली महिला' बताया. वहीं कनाडा के अप्रवासी मंत्री अहमद हुसैन ने उन्हें 'कईयों की आवाज़' बताया.

उधार सोमालिया पत्रकार सिंडिकेट ने कहा कि नालियाह के साथ ही एक अन्य रिपोर्टर मोहम्मद ओमार सहल भी इस हमले में मारे गये हैं, जो किसी भी हमले में पत्रकारों की मारे जाने की इस साल की पहली घटना है.

यह हमला कितना बड़ा?

सोमालिया ने कई चरमपंथी हमले देखे हैं लेकिन 2012 में अल-शबाब को किसमायो से बाहर खदेड़े जाने के बाद से यह समुद्रतटीय शहर काफी हद तक शांत रहा है.

हालांकि अफ़्रीकी शांति सेना और अमरीका प्रशिक्षित सोमालियाई सेना की मौजूदगी के बावजूद राजधानी मोगादिशु में लगातार चरमपंथी हमले होते रहे हैं.

अल-शबाब का जुड़ाव अल-क़ायदा से रहा है और सोमालिया के ग्रामीण इलाकों में इसकी मजबूत उपस्थिति रही है.

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