पाकिस्तान में इस वक़्त क्यों छाया हुआ है एक वीडियो: उर्दू प्रेस रिव्यू

  • 14 जुलाई 2019
मरियम नवाज़ इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते एक जज का कथित वीडियो लीक होने, क्रिकेट वर्ल्ड कप आदि से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं. सबसे पहले बात वीडियो लीक की.

पाकिस्तान में इन दिनों एक वीडियो के बारे में ख़ूब चर्चा हो रही है.

पूरा मामला ये है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़ गुट) की उपाध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ ने छह जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक वीडियो जारी किया था जिसमें कथित तौर पर नेशनल एकाउंटिबिलीटी ब्यूरो (नैब) के एक जज अरशद मलिक को दिखाया गया था.

नैब पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाली संस्था है.

जस्टिस अरशद मलिक वही जज हैं जिन्होंने पिछले भ्रष्टाचार के एक मामले में नवाज़ शरीफ़ को दोषी क़रार दिया था.

मरियम नवाज़ ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान उस वीडियो को दिखाते हुए ये दावा किया था कि नवाज़ शरीफ़ को जेल भेजने वाले जज पर 'नामालूम लोगों' का दबाव था.

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जज ने लगाया रिश्वत का आरोप

इसके बाद जस्टिस अरशद मलिक ने चार पेज का एक बयान जारी किया. इस बयान में उन्होंने कहा कि उनके कुछ परिचित लोगों ने कहा कि नवाज़ शरीफ़ की पार्टी के किसी बड़े नेता की सिफ़ारिश पर उन्हें नैब का जज बनाया था.

उनका दावा है कि केस की सुनवाई के दौरान नवाज़ शरीफ़ के लोगों ने नवाज़ शरीफ़ को बरी करने के लिए पैसों का लालच दिया और फिर लालच में नहीं आने पर जान से मारने की धमकी भी दी. उससे भी बात नहीं बनी तो मुझे एक अश्लील वीडियो दिखाई गई और ये कहा गया कि 'उस वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मैं हूं.'

जज मलिक के अनुसार ये वीडियो दिखाकर उन पर दबाव बनाया गया कि वो केवल इतना कह दें कि किसी दबाव के कारण उन्होंने नवाज़ शरीफ़ को बिना किसी ठोस सबूत के सज़ा सुनाई है और उसी आत्मग्लानि में वो अपने पद से इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

इसके लिए उन्हें मुंह मांगी रक़म, परिवार समेत पाकिस्तान से बाहर रहने और बिज़नेस जमाने में मदद करने का यक़ीन दिलवाया गया.

लेकिन जब वो इसके लिए भी तैयार नहीं हुए तो उनसे कहा गया कि वो केवल नवाज़ शरीफ़ को सज़ा सुनाने के फ़ैसले के खिलाफ़ दायर की जाने वाली याचिका का मसौदा देख लें और कोई सुझाव दें.

जज अरशद के अनुसार उन्होंने नवाज़ शरीफ़ के साथियों की ये बात मान ली और मसौदा देख कर सलाह भी दी. जज अरशद का दावा है कि मरियम नवाज़ ने जो वीडियो दिखाई है वो दरअसल उनकी मुलाक़ात का ही वीडियो है जिसे तोड़-मरोड़ कर दिखाया जा रहा है.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार इस्लामाबाद हाईकोर्ट की सिफ़ारिश पर न्याय मंत्रालय ने जस्टिस अरशद मलिक को नैब जज के पद से हटाकर वापस लाहौर हाईकोर्ट भेज दिया गया है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने कहा कि वीडियो की जांच होनी चाहिए और जस्टिस अरशद मलिक को भी सफ़ाई का मौक़ा देना चाहिए.

अख़बार दुनिया ने सुर्ख़ी लगाई है 'इस्तीफ़ा दें और 50 करोड़ लें.' अख़बार दुनिया के अनुसार इस मामले की सुनवाई 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के मुताबिक़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ की नेता फ़िरदौस आशिक़ आवान ने कहा है कि जस्टिस अरशद मलिक ने ये अपना बयान नहीं दिया है बल्कि शरीफ़ ख़ानदान के ख़िलाफ़ पूरी चार्जशीट दायर कर दी है.

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अब बात क्रिकेट वर्ल्ड कप की

क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में नहीं पहुंचने के बावजूद पाकिस्तानी टीम के कप्तान सरफ़राज़ को हटाने के बारे में नहीं सोचा जा रहा है.

अख़बार जंग के मुताबिक़ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कहा है कि वो इस समय सरफ़राज़ अहमद के भविष्य के बारे में कोई फ़ैसला नहीं करने जा रहे हैं.

पीसीबी के मैनेजिंग डायरेक्टर वसीम ख़ान ने जंग अख़बार से बातचीत करते हुए कहा कि कप्तान चुनने का अधिकार केवल पीसीबी चेयरमैन अहसान मनी को है.

वसीम ख़ान के अनुसार पीसीबी सरफ़राज़ अहमद के प्रदर्शन की जांच कर रही है, लेकिन टेस्ट और वनडे टीम से उन्हें फ़िलहाल बाहर करने पर कोई विचार नहीं हो रहा है. उन्होंने मीडिया में इस बारे में आ रही ख़बरों को सिरे से ख़ारिज कर दिया.

क़रीब डेढ़ साल पहले मिस्बाह-उल-हक़ के इस्तीफ़े के बाद सरफ़राज़ अहमद को टेस्ट, वनडे और टी-20 टीमों का कप्तान बनाया गया था.

लेकिन वर्ल्ड कप में उम्मीद के मुताबिक़ प्रदर्शन न करने और ख़ासकर भारत से हारकर सेमीफ़ाइनल की दौड़ से बाहर हो जाने के बाद पाकिस्तानी मीडिया में इस तरह की ख़बरें छप रही हैं कि सरफ़राज़ अहमद को कप्तानी के पद से हटा दिया जाएगा.

रविवार को लॉर्ड्स के मैदान में मेज़बान इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच वर्ल्ड कप का फ़ाइनल मैच खेला जाएगा. जीत किसी की भी हो ये बात तय है कि क्रिकेट को एक नई वर्ल्ड चैंपियन टीम मिलेगी.

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