"मीम ने मेरी ज़िंदगी मज़ाक़ बना दी"

  • 26 जुलाई 2019
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सोशल मीडिया ने कई लोगों के जीवन बदल दिए. कई लोगों ने सोशल मीडिया से शोहरत हासिल की. लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो सोशल मीडिया का शिकार हुए.

डेबोराह के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ. 2012 की एक शाम वो ख़ुद को लेकर काफ़ी अच्छा महसूस कर रही थीं. उन्हें लग रहा था कि वो ख़ूबसूरत लग रही हैं.

15 साल की डेबोराह गहरे रंग की ड्रेस पहन कर फ़ैमिली पार्टी के लिए तैयार हुई थीं. उन्होंने काला चश्मा लगाकर सेल्फ़ी खींची और अपने फ़ेसबुक प्रोफाइल पर डाल दी.

फ़ोटो को फ़ेसबुक पर शेयर करने के बाद डेबोराह की तस्वीर पर कुछ लाइक आए. लेकिन कुछ दिन के बाद डेबोराह ने देखा कि कुछ अनजान लोग उनकी तस्वीर शेयर कर रहे हैं.

जल्द ही उन्हें इस बात का पता चला की उनकी फ़ोटो एक मीम के रूप में इस्तेमाल की जा रही है.

मीम में डेबोराह को काले चश्मों के एक ब्रांड का नाम दिया जा रहा था. लोग इस ब्रांड के नाम को लिखकर उनकी फ़ोटो शेयर कर रहे थे.

इस फ़ोटो को शेयर करते वक़्त लोग तो ख़ूब हंसते थे लेकिन डेबोराह अपने कमरे में बैठी रोती थीं.

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इस बात का उन पर इस क़दर असर हुआ कि उन्होंने घर से बाहर निकलना तक बंद कर दिया ताकि बाहर लोग उन्हें पहचान सकें.

22 साल की डेबोराह ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, " मैं अपनी उम्र लड़कियों की तुलना में बदसूरत और अपमानित महसूस करती थी. उस फ़ोटो पर आने वाले कमेंट मेरे बारे में बहुत कुछ कहते थे और मुझे इस बात से परेशानी होती थी."

एक समय जब वो स्कूल से बाहर निकलीं तो उन्होंने घर से बाहर जाना बंद कर दिया घर रह कर वो आत्महत्या के बारे में सोचा करती थी.

"मेरे अंदर बिल्कुल शक्ति नहीं बची थी. मैं सिर्फ़ रोती रहती थी और उस फोटो के लिए मैं ख़ुद को कोसती रहती थी"

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सात साल बाद एक बार फिर डेबोराह ने देखा कि उनकी फ़ोटो को फिर से सोशल मीडिया पर मीम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.

उन्होंने बताया, "लोगों ने फ़ोटो का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था. लेकिन अब फिर से फ़ेसबुक और इंस्टग्राम पर मेरी फ़ोटो को मीम की तरह शेयर किया जाने लगा था"

अभी डेबोराह अपने तीन साल के बेटे के साथ ब्राज़ील के साओ पाउलो में रहती हैं और फारमेसी में काम करती हैं. लेकिन इस बार वो इन मीम्स से ख़ुद को प्रभावित नहीं होने दे रही हैं जैसे सात साल हुआ था.

डेबोराह ने फ़ैसला किया कि पहले की तरह वो इस बात को छुपाएंगी नहीं. उन्होंने अपनी फ़ेसबुक प्रोफाइल पर लिखा कि जिन फ़ेसबुक पेजों ने उनकी फ़ोटो का इस्तेमाल किया उनके ख़िलाफ़ वो क़ानूनी कार्रवाई करेगीं.

मैंने ये महसूस किया कि परेशानी मैं नहीं थी. अब मैं वो स्वीकार नहीं करूंगी जो मैंने सात साल पहले किया था.

इन मीम्स में डेबोराह को एक बदसूरत महिला के रूप में दिखाया गया था.

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मज़ाक़ बनाते थे लोग

अपनी फ़ोटो को फ़ेसबुक पर डालते हुए डेबोराह को लगा था कि लोग उनकी तारीफ़ करेगें, लेकिन वो फ़ोटो एक मीम बन गई.

"मुझे लग रहा था कि मैं सुंदर लग रही थीं. उस समय मेरे पास बहुत आत्मविश्वास था."

वो याद करते हुए बताती हैं कि वो फ़ोटो एक लड़के ने शेयर की थी जो उनके ही किसी दोस्त का दोस्त था.

डेबोराह ने उस लड़के से फ़ोटो हटाने के लिए कहा. लड़के ने अपने प्रोफाईल से फ़ोटो हटा दी थी लेकिन कई लोग उस फ़ोटो को पहले ही शेयर कर चुके थे.

उस फ़ोटो को शेयर करने के बाद जब पहली बार वो घर से बाहर निकलीं तो उन्होंने देखा कि कई लोग उन्हें घूर रहे थे, पता चल रहा था कि लोग मीम देख चुके हैं.

वो बताती हैं, "मुझे इस बात का कोई अंदाज़ा नहीं था कि उस फ़ोटो से क्या फ़र्क़ पड़ने वाला है. लेकिन जब मैं अपने घर के पास वाले एक स्टोर गई तो कई लोगों ने मुझे पहचाना. कई लोग मुझ पर हंसने भी लगे थे. वो बहुत बुरा था"

डेबोराह के स्कूल के दिनों मे वो मीम मशहूर हुआ. उन्हें पता चल गया था कि उनकी क्लास के छात्रों ने भी वो मीम देखा है.

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छोड़ना पड़ा स्कूल

वो बताती हैं, "एक बार फिर लोगों ने मुझे मीम से जोड़कर देखा और मेरा मज़ाक़ बनाया"

इसके बाद जल्दी ही उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा.

डेबोराह की मां बताती हैं कि उस समय डेबोराह बिल्कुल अलग रहती थी.

वो कहती हैं, "मैं उसकी मदद करना चाहती थी. लेकिन मैं समझ ही नहीं पाई कि मैं इसमें क्या कर सकती हूं, इस सब से उसे बहुत दुख होता था"

मनोवैज्ञानिक मर्क डिसूजा के अनुसार ये विषय काफ़ी चिंता करने वाला है.

वो बताते हैं, "सोशल मीडिया एक व्यक्ति के जीवन मे बड़ा बोझ बन सकता है. किसी का मज़ाक़ बनाने के लिए अब बस एक क्लिक ही काफ़ी है. किसी भी कंटेट को आसानी से वायरल किया जा सकता है और एक बार अगर वो पूरी तरह से फैल गया तो उस व्यक्ति का ख़ुद को उससे अलग रखना मुश्किल हो जाता है"

साल 2012 में डेबोराह मर जाना चाहती थीं

डेबोराह बताती हैं, "जो कुछ चल रहा था उसे लेकर मैं बहुत उदास थी. मेरे पास जीने की कोई वजह नहीं थी."

उस समय डेबोराह ने घर में रखी कुछ दवाइयां भी खा ली थीं. वो बस उन सारी चीज़ों छुटाकारा पाना चाहती थीं. लेकिन उन दवाइयों से डेबोराह को कोई ख़तरा नहीं पहुंचा.

फिर से शुरूआत

2014 में ये सारी चीज़े खत्म हो गईं. अब वो शीशे में ख़ुद को देख पाती थीं. धीरे-धीरे मीम में लोगों की रूचि कम होने लगी और उनकी फ़ोटो शेयर होना बंद हो गई.

वो बताती हैं, "मेरा आत्मविश्वास एक बार फिर से बढ़ने लगा था"

देर से ही सही लेकिन डेबोराह अपनी पढ़ाई पूरी कर पाईं.

2015 में उनकी एक लड़के से दोस्ती हुई. कुछ समय बाद वो प्रेंग्नेट हो गईं और उन्होंने अपने बच्चे को जन्म दिया. बच्चे का पिता और वो अब साथ नहीं हैं. लेकिन वो कहती हैं मेरा ख़ुद में विश्वास करना बहुत ज़रूरी था.

मीम्स की वापसी

जुलाई की शुरुआत में वो ये देख कर हैरान हुईं कि एक बार फिर उनकी फ़ोटो का इस्तेमाल एक मीम के लिए किया जा रहा है.

फ़ेसबुक के अलग-अलग पेज उनके रूप रंग का मज़ाक़ बना रहे थे.

उन्होंने पेज के मालिकों को मैसेज भेज कर कहा कि वो इस तस्वीर को शेयर करना बंद करें.

वो बताती हैं, "एक लड़के ने मुझसे कहा कि उसे लगा कि मैं मर चुकी हूं तो फ़ोटो शेयर करने में परेशानी नहीं है"

नस्लवाद की लड़ाई

एक दूसरी चीज़ जिस पर उनका ध्यान गया वो था नस्लवाद.

वो बताती हैं, "जैसे ही उन्होंने मेरी तस्वीर शेयर करना शुरू किया तो फ़ोटो पर कई नस्लवदी कमेंट आने लगे. जब 2012 में ये सब हुआ था तो मुझे ज़्यादा समझ नहीं आया था लेकिन अब आता है"

वो कहती हैं, "मुझे मेरे रंग से प्यार है"

वो कहती हैं, "मीम्स में नस्लवाद साफ़ देखा जा सकता है क्योंकि वो एक सफ़ेद त्वचा वाली लड़की को ख़ूबसूरत लड़की की तरह दिखाते हैं और मुझे एक बदसूरत लड़की की तरह. वो एक काली लड़की को भी सुंदर दिखा सकते हैं पर वो ऐसा नहीं करते. मैंने जो कुछ भी झेला है या झेल रही हूं उससे समझ आया है कि ये नस्लवाद की लड़ाई है"

डेबोराह अब उन सब पेजों के मालिकों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करना चाहती हैं जिन्होंने उनकी तस्वीर को एक मीम की तरह शेयर किया.

बीबीसी को अपना बयान देते हुए फ़ेसबुक ने कहा कि किसी को परेशान करना और अपमानित करना उनके मानको का उल्लघंन हैं.

डेबोराह बताती हैं कि 2012 में उन्होंने उन सभी मीम्स की रिपोर्ट की और अपने दोस्तों को भी रिपोर्ट करने को कहा. लेकिन वो बताती हैं कि फोटो नहीं हटाई गई.

वो बताती हैं कि फ़ोटो सिर्फ़ तभी हटाई गई जब उन्होने पेज के मालिकों से फ़ोटो हटाने के लिए कहा.

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