राजकुमारी हया और उनके पति दुबई के शासक शेख मोहम्मद में बढ़ी और रंजिश

  • 31 जुलाई 2019
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दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मख़दूम से अलग हुईं उनकी पत्नी ने लंदन की अदालत में ज़बरन शादी में रखे जाने से सुरक्षा की मांग की है.

शेख मोहम्मद की पत्नी जॉर्डन की 45 साल की राजकुमारी हया हैं, जो अपने पति को छोड़ दुबई से लंदन आ गई हैं. हया सेंट्रल लंदन में हाई कोर्ट के फैमिली कोर्ट डिविज़न में मंगलवार को इस मामले की शुरुआती सुनवाई में पेश हुई थीं.

हया ने अदालत में फ़ोर्स मैरिज प्रोटेक्शन ऑर्डर की मांग की है, जो किसी व्यक्ति को शादी में ज़बरदस्ती रखे जाने से सुरक्षा देता है. इस सुनवाई में दुबई के शासक शेख मोहम्मद पेश नहीं हुए थे.

राजकुमारी हया बिंत अल हुसैन जॉर्डन के शाह अब्दुल्लाह की सौतेली बहन भी हैं और वो शेख़ मोहम्मद की छठी पत्नी हैं. दुबई और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए इस मामले को बहुत संवेदनशील समझा जा रहा है.

इस मामले पर इस महीने निजी सुनवाई भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने बयान जारी कर कहा था कि यह मुक़दमा उनके बच्चों की बेहतरी के लिए है न कि उनके तलाक़ के लिए या पैसे के लिए.

यूएई ने इस मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है और इसे परिवार का निजी मामला बताया है.

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Image caption शेख़ा लतीफ़ा ने दुबई से भागने की कोशिश की थी

शेख़ा लतीफ़ा भी भागी थीं दुबई से

दुबई के शाही परिवार के क़रीबी लोगों का कहना है कि शेख़ मोहम्मद और राजकुमारी हया के बीच पारिवारिक कलह की वजह उनकी 33 वर्षीय बेटी शेख़ा लतीफ़ा हैं, जिनकी मां शेख की एक दूसरी बीवी हैं.

शेख़ा लतीफ़ा पहले भी विवाद में रह चुकी हैं. कथित तौर पर उनके तौर-तरीक़ों पर रोक-टोक लगाई गई थी जिसके बाद उन्होंने घर से भागने की कोशिश की थी.

शेख़ लतीफ़ा के दोस्तों के अनुसार, पिछले साल उन्होंने भागने की कोशिश की थी लेकिन भारतीय तट के नज़दीक अमीराती सेना ने उनके जहाज़ को पकड़ लिया था. दिसंबर में आयरलैंड की पूर्व राष्ट्रपति मैरी रॉबिन्सन के साथ एक बैठक के बाद वह नज़र नहीं आई हैं.

रॉबिन्सन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समूह की पूर्व प्रमुख हैं और राजकुमारी हया की दोस्त भी हैं. उस बैठक के बाद शेख़ लतीफ़ा को 'मुसीबत' में बताया जा रहा था और कहा गया था कि वह 'अपने परिवार की प्यार भरी देखभाल' में हैं.

इसके बाद यूएई प्रशासन ने आरोपों के जवाब में शेख़ा लतीफ़ा के इलाज और रॉबिन्सन से मुलाक़ात की जानकारी जारी की थी.

पिछले साल मार्च में सामने आए 40 मिनट के वीडियो में शेख़ लतीफ़ा ने अपने ऊपर लगाई जा रही पाबंदियों पर बात करते हुए कहा था कि वो दुबई में नहीं रहना चाहतीं. उन्होंने अपनी बहन शम्सा का ज़िक्र करते हुए कहा था कि 2000 में वह ब्रिटेन में छुट्टी मनाने के दौरान भाग गई थीं.

लतीफ़ा ने कहा था, "जब आप वीडियो देख रहे हैं तो हो सकता है तब मैं मर चुकी हूं या बहुत-बहुत बुरी स्थिति में हूं."

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कौन हैं दोनों के वकील

क़ानूनी लड़ाई ने ब्रिटेन के दो मशहूर वकीलों को भी आमने-सामने ला खड़ा किया है. फ़ियोना शेकल्टन को अपने आकर्षण के साथ-साथ तेज़-तर्रार दांव-पेच के लिए भी जाना जाता है. साथ ही शाही मामलों का केस लड़ने में उन्हें महारत हासिल है. वह राजकुमारी हया की वकील हैं.

शेकल्टन को प्रसिद्धि तब मिली जब उन्होंने 1992 में ब्रिटेन के राजकुमार एंड्र्यू और सारा फ़र्ग्यूसन के अलगाव का मामला लड़ा. पेन हिक्स बीच लॉ फ़र्म में रहते हुए 1996 में राजकुमारी डायना और प्रिंस चार्ल्स के तलाक़ मामले में वह प्रिंस चार्ल्स की ओर से पेश हुईं.

वहीं, शेख़ मोहम्मद की ओर से स्टुअर्ट्स लॉ की लेडी हेलेन वॉर्ड केस लड़ रही हैं. लेडी हेलेन ने ब्रिटिश फ़िल्म निर्देशक गाय रिची और पॉप स्टार मैडोना के तलाक़ का केस लड़ा है. उनके मुवक्किलों में संगीतकार एंड्र्यू लॉयड वेबर और फ़ॉर्म्यूला वन रेसिंग टीम के मालिक बर्नी एकल्स्टन शामिल हैं.

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Image caption राजकुमारी हया शेख़ मोहम्मद के साथ

शेख़ मोहम्मद का ब्रिटेन से नाता

उधर, शेख़ मोहम्मद के ब्रिटेन के साथ गहरे रिश्ते रहे हैं. वह ब्रिटेन की मशहूर सैन्य अकादमी सैंडहर्स्ट से स्नातक हैं. महारानी एलिज़ाबेथ की तरह ही उन्हें भी घोड़ों से प्यार है और ब्रिटेन के घुड़सवार उद्योग की वह ताक़तवर शख़्सियत हैं.

उनके और उनके परिवार की ब्रिटेन में कई संपत्तियां हैं. उनके नेतृत्व के दौरान ही दुबई एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र और पर्यटन स्थल बना.

लेकिन लंदन में अब शुरू होने वाली पारिवारिक रस्साकशी के बीच उन्हें अपने घर दुबई में राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है. बीते चार सालों से अर्थव्यवस्था ख़ासी धीमी है और तेल के दाम क्षेत्रीय तनाव के बाद लगातार नीचे जा रहे हैं.

यह क़ानूनी लड़ाई जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला के लिए भी ख़ासी चिंतित करने वाली है क्योंकि यूएई और उसके सहयोगी सऊदी अरब से जॉर्डन को सरकारी आर्थिक मदद मिलती है.

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Image caption घुड़सवारी करतीं राजकुमारी हया

कौन हैं राजकुमारी हया

राजकुमारी हया का जन्म मई 1974 में हुआ है. उनके पिता जॉर्डन के शाह हुसैन थे जबकि मां महारानी आलिया अल-हुसैन थीं.

जब राजकुमारी हया सिर्फ़ तीन साल की थीं तब एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मां की मौत हो गई थी.

राजकुमारी हया ने अपना बचपन ब्रिटेन में बिताया. उन्होंने दो प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई पूरी की. इनमें ब्रिस्टल का बैडमिंटन स्कूल और डॉर्सेट का ब्रायनस्टन स्कूल शामिल हैं.

इसके बाद उन्होंने ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी से राजनीति, दर्शन और अर्थशास्त्र में पढ़ाई की.

अपने कुछ पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें फै़लकनरी (बाज़ पालने का शौक) शूटिंग और बड़ी मशीनों का शौक है. इसके अलावा उन्होंने दावा किया था कि जॉर्डन में बड़े ट्रक चलाने का लाइसेंस पाने वाली वो एकमात्र महिला थीं.

राजकुमारी हया को घुड़सवारी का भी शौक है. वो 20 साल की थीं तो उन्होंने घुड़सवारी को अपने करियर के तौर पर चुना था.

घुड़सवारी में राजकुमारी हया ने साल 2000 के ओलंपिक खेलों में जॉर्डन का प्रतिनिधित्व भी किया था, वो उस ओलंपिक खेलों में अपने देश की ध्वजवाहक भी थीं.

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