जबरन शादी के बाद घर छोड़कर भागने वाली लड़की की कहानी

  • 12 अगस्त 2019
नेय्ला ख़ान

"बहुत छोटी उम्र में मेरी शादी मेरे कज़न से तय कर दी गई थी. इसे लेकर मैं हमेशा असहज रहती थी."

स्कॉटलैंड की रहने वाली 30 वर्षीय नायला ने ये बात 'बीबीसी स्कॉटलैंड' के 'द नाइन' कार्यक्रम में कही.

नायला बताती हैं, "मुझे बचपन से ही पता था कि मेरे कज़न के साथ मेरा रिश्ता तय कर दिया गया है. इसे लेकर मैं हमेशा से ही असहज रही है. मेरे घरवाले इस बात को लेकर चिंतित रहा करते थे कि कहीं मैं पश्चिमी संस्कृति में रच-बस न जाऊं. उनको लगता था कि वो मुझे इन सब से बचा रहे हैं. "

मीरपुरी मुस्लिम परिवार में कड़े तौर-तरीक़ों के साथ बड़ी हुईं नायला कहती हैं कि वो अपने विचारों को खुलकर प्रकट करना चाहती थीं और एक अलग तरह से ज़िंदगी जीना चाहती थीं.

जब पाकिस्तान ले गईं नायला

17 साल की उम्र में उन्हें पाकिस्तान ले जाए जाने की घटना नायला को आज भी याद है.

वो बताती हैं, "उन्होंने ये कहना शुरू कर दिया कि तुमने पाप किया है, अब तुम्हें अपने कज़न से शादी करनी होगी, तुमने अपने परिवार की नाक कटा दी है. अब बस शादी करके तुम हमारी इज़्ज़त बचा सकती हो."

शुरुआत में नायला ने ये सब करने से मना कर दिया. लेकिन घरवाले लगातार मिन्नतें करते रहे जिसके बाद आख़िरकार नायला को अपने घरवालों की बात माननी पड़ी.

वो बताती हैं, "मैं सिर्फ़ उन्हें चुप कराना चाहती थी. इसके बाद मेरी हालत कुछ ऐसी थी कि शरीर से प्राण निकल रहे हों. तन-मन और दिमाग़ सुन्न होता जा रहा था क्योंकि मैं बेबस हो गई थी."

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घर छोड़ना

पाकिस्तान में पाँच हफ्ते बिताने के बाद नायला अपने पति के बिना स्कॉटलैंड वापस आ गईं. उनके पति को कुछ दिनों बाद आना था.

लेकिन इसके कुछ महीनों बाद ही नायला अपना घर छोड़ कर अपनी दोस्त के यहां रहने चली गईं.

वो बताती हैं, "मैंने अपना सामान बांध लिया और मैं भाग गई. मैं एक साल तक घर से बाहर रही. मुझे घर से, परिवार से और समुदाय के लोगों से बहुत गालियां मिलीं. "

नायला से कहा गया कि वो कभी अपने भाई और बहन से नहीं मिल पाएंगी.

वो अपना दर्द बताते हुए कहती हैं कि ये सब ऐसा था मानों आपकी पूरी दुनिया आपसे कहे कि वो आपसे कुछ नहीं चाहती.

आज़ाद मुसलमान महिला

एक साल के बाद वो अपने घर लौटीं.

नायला बताती हैं कि उनके परिवार वालों ने उन्हें अपना लिया लेकिन उनका समुदाय इस बात से नाराज़ था.

वो कहती हैं, "ये मुश्किल था लेकिन हमने किया. हमने धर्म से पहले प्यार को चुना"

इसके बाद नायला का तलाक़ हुआ और वो पढ़ने के लिए अबेरदीन यूनिवर्सिटी चली गईं.

नायला कहती हैं, "तबसे मैं एक आज़ाद मुसलमान महिला हूं."

किसी भी व्यक्ति की ज़बरदस्ती शादी करना क़नूनन जुर्म है. ज़बरदस्ती चाहे शारीरिक रूप से हो या मानसिक रूप से या फिर आर्थिक रूप से दबाव बनाकर शादी करवाना भी क़ानूनन ज़ुर्म है.

ब्रिटेन सरकार के हाल ही में जारी किए आँकड़ों के अनुसार पिछले साल ज़बरदस्ती शादी के 1,764 मामले सामने आए थे.

स्कॉटलैंड में साल 2017 में ऐसे 18 मामले थे जो पिछले साल 30 हो गए.

ब्रिटेन सरकार की बनाई यूनिट कहती है कि ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या बताती हैं कि लोग इस बात को लेकर जागरूक नहीं हैं कि ज़बरदस्ती शादी करना क़ानूनन जुर्म है.

नायला कहती हैं, "मुझे नहीं लगता हमने इसका कोई पक्का उपाय तलाशा है. शिक्षा और जागरूकता तो इसमें अहम भूमिका निभाते ही हैं लेकिन मुझे लगता है परिवार वालों को समझना चाहिए कि ज़बरदस्ती शादी करने से वो अपनी बेटी को कितना दर्द दे रहे हैं."

"मुझे लगता है लोगों को समझने की ज़रूरत है कि जब किसी महिला को ज़बरदस्ती शादी करने के लिए मजबूर किया जाता है तो वो मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से बहुत कमज़ोर हो जाती है"

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