हॉन्गकॉन्ग: लगातार दूसरे दिन एयरपोर्ट पर कामकाज ठप

  • 14 अगस्त 2019
हांगकांग में प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट Getty Images

हांगकांग अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के सामने लगातार दूसरे दिन मंगलवार को जारी प्रदर्शनों के कारण यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट तक आने वाले रास्ते को कुछ इस तरह घेर रखा था कि फ्लाइट लेने के लिए आ रहे यात्री एयरपोर्ट तक नहीं पहुंच पाए.

सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में दिख रहा है कि यात्री प्रदर्शनकारियों के हूजूम को पार करके एयरपोर्ट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.

इस बीच हांगकांग में मौजूद बीबीसी संवाददाता स्टीफ़न मैकडॉनल्ड ने बताया है कि चीन की सरकारी मीडिया ने कुछ तस्वीरें प्रकाशित की हैं जिनमें सैन्य पुलिस के दस्ते हांगकांग की सीमा से सटे शेन्ज़ेन शहर तक पहुंचते नज़र आ रहे हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी ट्वीट किया है, "हमें खुफ़िया जानकारी मिली है कि चीनी सरकार हांगकांग की सीमा के पास सेना को तैनात कर रही है. सभी को शांत और सुरक्षित रहना चाहिए."

हांगकांग में जारी तनाव के बीच एयरपोर्ट के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें होने की भी ख़बरें हैं.

बताया जा रहा है कि पूरी तरह से लैस दंगारोधी पुलिस दस्ते ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए उन पर पेपर स्प्रे (काली मिर्च स्प्रे) छिड़का.

एक घटना में कुछ युवा प्रदर्शनकारियों ने एक शख़्स को पीटा और उसे बांधकर रखा. उन्हें इस व्यक्ति के अंडरकवर पुलिस अधिकारी होने का शक़ था. कड़ी मशक्कत के बाद इस व्यक्ति को प्रदर्शनकारियों के कब्ज़े से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया गया.

बाद में चीन से छपने वाले ग्लोबल टाइम्स अख़बार के संपादक ने बताया कि ये व्यक्ति उनके संवाददाता थे और केवल अपना काम कर रहे थे.

इधर हांगकांग पुलिस ने भी स्वीकार किया है कि शहर में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के बीच सादे कपड़ों में मौजूद थे.

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प्रदर्शनकारियों को चेतावनी

सोमवार को हुए प्रदर्शनों के बाद हांगकांग की नेता कैरी लैम ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि हांगकांग में "स्थिति बेहद ख़तरनाक" हो गई है और हिंसा ऐसे ही जारी रही तो "हालात ऐसे बिगड़ेंगे कि सुधर नहीं सकेंगे."

हांगकांग में विवादित प्रत्यर्पण बिल को लेकर बीते 10 सप्ताह से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. इस क़ानून के मुताबिक़ हांगकांग के लोगों को मुक़दमा चलाने के लिए चीन प्रत्यर्पित किया जा सकता है.

प्रदर्शनकारी इस बिल को पूरी तरह से ख़त्म करने की मांग कर रहे हैं और कैरी लैम के इस्तीफ़े की मांग भी कर रहे हैं. साथ ही प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाल में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त रिहा किया जाए.

इसी साल जुलाई में कैरी लैम ने कहा था कि "ये बिल दम तोड़ चुका है". लेकिन उन्होंने इसे वापस लेने का ऐलान नहीं किया था जिस कारण प्रदर्शनकारी फिर सड़कों पर उतर आए.

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मंगलवार को एयरपोर्ट पर क्या हुआ?

सोमवार के प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने चेतावनी जारी की थी, लेकिन इसके बावजदू मंगलवार को हांगकांग अंतररष्ट्रीय एयरपोर्ट के सामने प्रदर्शनकारियों का जुटना जारी रहा.

एयरपोर्ट के भीतर से मिल रही तस्वीरों में देखा गया कि प्रदर्शनकारी रास्ता रोकने के लिए सामान का इस्तेमाल कर रहे हैं.

मामला बढ़ने पर अधिकारियों ने स्थानीय समय 16.30 बजे तक सभी चेक-इन निलंबित करने की घोषणा की. साथ ही यात्रियों को जल्द से जल्द टर्मिनल से बाहर जाने के लिए कहा गया. इस कारण कई उड़ानों को भी रद्द करना पड़ा.

ये भी देखा गया कि कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख़्ती थी और वो यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए माफी मांग रहे थे.

स्थानीय मीडिया के अनुसार मंगलवार को हांगकांग के क्वीन एलिज़ाबेथ अस्पताल के डॉक्टरों ने भी पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ धरना दिया.

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क्या कह रहे हैं अधिकारी?

सख्ती के साथ कार्रवाई के लिए हांगकांग पुलिस की आलोचना के बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कमिशनर मिशेल बैचलेट ने अधिकारियों को इस दौरान संयम बरतने की सलाह दी.

उन्होंने एक बयान जारी कर मामले की जांच कराने की अपील की और कहा, "अधिकारी एक बंद जगह पर भीड़ पर आंसू गैसे के गोले छोड़ रहे थे, कई जगहों पर वो किसी ख़ास प्रदर्शनकारी को निशाना बना रहे थे. इससे लोगों की सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा हो रहा है."

इससे पहले सोमवार को एक वीडियो सामने आया था जिसमें देखा गया कि पुलिसकर्मी काफी नज़दीक से लोगों को निशाना बना रहे हैं. इस हिंसा में एक पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल हुए थे.

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इसके बाद कैरी लैम में एक संवाददाता सम्मेलन में नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा था कि हिंसा की तस्वीरें देखकर उनका दिल टूट गया है.

उन्होंने सवाल किया, "थोड़ा रुकिए और सोचिए कि क्या हम वाकई ऐसे हालात चाहते हैं."

हालांकि उन्होंने पुलिस पर लग रहे बलप्रयोग के आरोपों को ख़ारिज़ करते हुए कहा कि पुलिस बेहद मुश्किल परिस्थिति में काम कर रही है.

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