कुलभूषण जाधव बेहद दबाव में हैं: भारत

  • 2 सितंबर 2019
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भारत ने आज दावा किया कि पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव इस समय बहुत तनाव में हैं.

कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर ऐक्सेस मिलने के बाद सोमवार को इस्लामाबाद में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर गौरव अहलूवालिया ने उनसे मुलाक़ात की.

इस मुलाक़ात के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक प्रेस नोट जारी करके बताया, ''ये साफ़ लग रहा था कि श्री जाधव उनके बारे में किए गए झूठे दावों की वजह से बेहद तनाव में हैं. आज जो मुलाक़ात हुई, पाकिस्तान उसके लिए बाध्य था.''

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मुलाक़ात के बारे में जाधव की मां को भी जानकारी दी है.

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार कुलभूषण जाधव को न्याय दिलाने और उन्हें स्वदेश सुरक्षित लाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी आज एक प्रेस नोट जारी किया है.

इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान ने वियना संधि, अंतरराष्ट्रीय अदालत के फ़ैसले और पाकिस्तान के कानूनों के अनुरूप कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर ऐक्सेस दी है.

इसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी अधिकारियो की मौजूदगी में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर ने कुलभूषण जाधव से दो घंटे तक मुलाक़ात की.

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पाकिस्तान का दावा रहा है कि कुलभूषण जाधव एक भारतीय जासूस हैं जो भारतीय नौसेना और ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के लिए काम कर रहे थे.

कुलभूषण सुधीर जाधव को मार्च 2016 में पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में गिरफ़्तार किया गया था और इस मामले ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया था.

पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने 2017 में जाधव को जासूसी के इलज़ाम में फ़ांसी की सज़ा सुनाई थी जिसके बाद भारत ने इसके ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था.

पाकिस्तान ने इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाया था. अदालत ने इस एतराज़ को रद्द कर दिया था. ये भारत के हक़ में आया पहला फ़ैसला था. अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा, "1963 के वियना कन्वेंशन के अनुसार आईसीजे दो देशों के बीच विवादों का अनिवार्य निपटारा कर सकता है."

अदालत ने भारत के इस तर्क को सही माना था कि कुलभूषण जाधव को इतने दिनों तक क़ानूनी सहायता नहीं देकर पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया.

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