अमरीका ने दोहराया, सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले के पीछे ईरान

  • 16 सितंबर 2019
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अमरीका ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी करके दावा किया है कि सऊदी अरब के प्रमुख तेल ठिकानों पर हमले के पीछे ईरान का हाथ है.

सैटेलाइट तस्वीरों के अलावा अमरीका ने इस बाबत ख़ुफ़िया जानकारी होने का भी दावा किया है.

शनिवार को सऊदी तेल ठिकानों पर हुए हवाई हमले में किसी संलिप्ता से ईरान ने साफ़ इनकार किया है. इस हमले के लिए पहले यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को ज़िम्मेदार माना जा रहा था.

इस हमले के बाद दुनिया भर में तेल आपूर्ति में पांच प्रतिशत की कमी देखने को मिली है और पेट्रोलियम तेल की क़ीमतों में काफ़ी वृद्धि देखने को मिली है.

अमरीका क्या कह रहा है?

अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने बीते सप्ताह इस हमले के लिए ईरान पर बिना किसी सबूत के आरोप लगाया था.

इसके बाद रविवार को अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया जिसमें उन्होंने ईरान का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि जब हमलावर का पता चल जाएगा तो उसके ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई की जाएगी.

अमरीकी अधिकारी गोपनीयता के साथ न्यूयार्क टाइम्स, एबीसी और रायटर्स के साथ बात कर रहे हैं.

एक अधिकारी ने मीडिया को बताया है कि ये हमला पश्चिमी-उत्तरी-पश्चिमी दिशा से हुआ है, यह यमन में हूती विद्रोहियों का इलाक़ा नहीं है. हूती के नियंत्रण वाला इलाक़ा सऊदी तेल ठिकानों के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है.

न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार ने अमरीकी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि ड्रोन और क्रूज़ मिसाइल दोनों हमले के लिए तैनात किए गए थे लेकिन ये सब अबक़ीक़ और ख़ुरैस के तेल ठिकानों पर निशाना नहीं लगा पाए.

एबीसी ने एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी के हवाले से लिखा है कि ट्रंप इस बात की इस बात की पूरी जानकारी है कि हमले के पीछे ईरान का हाथ है.

तेल बाज़ार पर असर?

पेट्रोलियम तेल की क़ीमतें बढ़ रही हैं. 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद ये पहला मौक़ा है जब महज़ एक दिन में पेट्रोलियम तेल की क़ीमतों में इतनी बड़ी वृद्धि देखने को मिली है- कच्चे तेल के दाम 10 प्रतिशत बढ़कर 66.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं.

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हालांकि अमरीकी राष्ट्रपति ने जब यूएस रिज़र्व को रिलीज़ करने का आदेश दिया है तब जाकर क़ीमतों में थोड़ी कमी देखने को मिली है.

लेकिन आशंका जताई जा रही है कि अगर तनाव बढ़ा तो पेट्रोलियम तेल के दाम भी बढ़ेंगे. बीबीसी के बिज़नेस संवाददाता केटी प्रेसकॉट ने बताया कि तेल क़ीमतों पर असर के बारे में किसी तरह की भविष्यवाणी करना जल्दबाज़ी होगी.

ईरान की प्रतिक्रिया क्या रही है?

अमरीका के ताज़ा आरोपों पर अभी तक ईरान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

लेकिन ईरान के विदेश मंत्री जव्वाद ज़रीफ़ ने रविवार को ट्वीट करके बताया था कि अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो जब अधिकतम दबाव की रणनीति बनाने में नाकाम रहे तो अधिकतम क्षल करने की रणनीति अपना रहे हैं.

ट्रंप प्रशासन की घोषित नीति ईरान पर 'अधिकतम दबाव' बनाने की है. अमरीका ने यह नीति ईरान के परमाणु कार्यक्रमों के अंतरराष्ट्रीय समझौते से अलग होने के बाद अपनायी है.

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