महाभियोग जांच में सहयोग नहीं करेगा व्हाइट हाउस

  • 10 अक्तूबर 2019
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व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग की जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया है.

डेमोक्रेटिक नेताओं को भेजे गए एक पत्र में इसे "आधारहीन" और "संवैधानिक रूप से अमान्य" कहकर ख़ारिज कर दिया गया है.

डेमोक्रेटिक सदस्यों की अगुवाई वाली हाउस की तीन समितियां डोनल्ड ट्रंप के ​ख़िलाफ़ जांच कर रही हैं. इस मामले में यूरोपीय संघ में तैनात अमरीकी राजदूत को उनके सामने पेश होना था.

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या राष्ट्रपति ने जो बाइडेन के ख़िलाफ़ जांच शुरू करने के लिए यूक्रेन पर दबाव बनाया था जो साल 2020 में होने वाले चुनाव के लिए डेमोक्रेटि​क पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के संभावित प्रत्याशी हैं.

ट्रंप प्रशासन द्वारा राजदूत को समिति के सामने पेश होने से रोकने के कुछ घंटों के बाद व्हाइट हाउस का पत्र सामने आया है.

पत्र में क्या कहा गया है?

व्हाइट हाउस के वकील पैट सिपोलोन ने डेमोक्रेट नेता और प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पलोसी और डेमोक्रेटिक समितियों के तीन अध्यक्षों को पत्र लिखा है.

उन्होंने जांच के संबंध में नेताओं पर "मौलिक निष्पक्षता और संवैधानिक रूप से अनिवार्य प्रक्रिया का उल्लंघन करने" का आरोप लगाया है.

पत्र में जोर देकर कहा गया है कि डेमोक्रेट सांसदों ने सदन में महाभियोग शुरू करने के लिए मतदान नहीं किया था, इसलिए जांच संवैधानिक रूप से अमान्य है.

पत्र में डेमोक्रेट सदस्यों पर साल 2016 के चुनाव परिणाम को बदलने और अमरीका के लोगों को स्वतंत्र रूप से राष्ट्रपति चुनने से वंचित करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है.

पत्र में कहा गया है, "अमरीकी लोगों के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप और उनका प्रशासन इन परिस्थितियों में आपकी पक्षपातपूर्ण और असंवैधानिक जांच में भाग नहीं ले सकता है."

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कोई सहयोगी नहीं

नैंसी पलोसी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पत्र को स्पष्ट रूप से ग़लत बताया और ट्रंप पर अराज़कता फैलाने का आरोप लगाया.

नैंसी पलोसी ने कहा, "आप क़ानून से ऊपर नहीं हैं. आपको जवाबदेह ठहराया जाएगा."

हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में दो सप्ताह से जारी महाभियोग जांच से अमरीका में संवैधानिक संकट आ गया है.

व्हाइट हाउस की ओर से नैंसी पलोसी को भेजे गए आठ पन्नों के पत्र में साफ़ संदेश दिया गया है, "कोई बयान नहीं. कोई दस्तावेज़ नहीं. कोई सहयोग नहीं."

प्रशासन ने पूरी जांच की वैधता पर सवाल उठाया है और इस प्रक्रिया को असंवैधानिक क़रार दिया है.

डेमोक्रेट सदस्यों का कहना है कि सदन को महाभियोग की एकमात्र शक्ति संविधान प्रदान करता है और वे व्हाइट हाउस की सहमति या असहमति से अपनी जांच जारी रखेंगे.

इस मोड़ पर डेमोक्रेट सदस्यों के पास कई वि​कल्प हैं. वे प्रशासन को कह सकते हैं कि आप काम में बाधा डाल रहे हैं, यह खुद महाभियोग चलाए जाने के लिए काफ़ी होगा.

वे सहयोग के लिए व्हाइट हाउस को मजबूर करने के लिए अदालत का रुख़ कर सकते हैं.

हालांकि न्यायपालिका इस टकराव को रोकने के प्रति अनिच्छुक हो सकती है जिससे राजनीतिक टकराव कम नहीं होगा.

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महाभियोग की जाँच में नया क्या है?

व्हाइट हाउस द्वारा अमरीका के राजदूत गॉर्डन सोंडलैंड को यूरोपीय संघ में बंद दरवाजे के पीछे समितियों के सामने पेश होने से रोक दिया गया.

पिछले सप्ताह जारी किए गए टेक्स्ट संदेशों से पता चलता है कि सोंडलैंड ने अमरीका के अन्य राजनयिकों के साथ बाइडेन को लेकर यूक्रेन पर दबाव बनाने के प्रयासों पर चर्चा की.

उनके वकील रॉबर्ट लुस्किन ने कहा कि सोंडलैंड बहुत निराश थे क्योंकि पेश होने के लिए उन्होंने ब्रसेल्स से वॉशिंगटन की यात्रा की थी.

बयान में कहा गया है, "राजदूत सोंडलैंड का मानना है कि उन्होंने हमेशा अमरीका के हित में काम किया और वह समिति के सवालों का पूरी तरह सच्चाई से जवाब देने के लिए तैयार हैं."

राष्ट्रपति ने एक ट्वीट में कहा कि सोंडलैंड को "कंगारू अदालत" के सामने उपस्थित होने की ज़रूरत नहीं.

हालांकि हाउस इंटेलिजेंस समिति के अध्यक्ष एडम शिफ़ ने संवाददाताओं को बताया कि राजदूत के पास जांच को लेकर एक निजी डिवाइस पर टेक्सट संदेश या ईमेल बहुत प्रासंगिक है. उन्होंने कहा कि उन संदेशों को विदेश मंत्रालय को दे दिया गया था जिसके कारण उन्हें रोका गया.

कैलिफ़ोर्निया के डेमोक्रट सदस्य ने कहा, "इसके कारण गवाह पेश नहीं हो सका. इन दस्तावेजों को पेश करने में विफल रहने पर हम कांग्रेस के संवैधानिक कार्यों में बाधा पहुंचाने के लिए अतिरिक्त मजबूत सबूतों पर विचार कर रहे हैं."

महाभियोग की जांच क्यों हो रही है?

डेमोक्रेटिक की अगुवाई ने इस बात का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदीमीर ज़ेलेंस्की पर बाइडेन के खिलाफ जांच करने के लिए करीब 40 करोड़ अमरीकी डॉलर सहायता को रोक लिया है.

जो बाइडेन के बेटे हंटर यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी में बोर्ड मेंबर थे.

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ट्रंप और उनके समर्थकों का मानना ​​है कि जो बाइडेन ने उपराष्ट्रपति के रूप में अपने पद का इस्तेमाल यूक्रेन पर उस कंपनी की जांच बंद करने के लिए दबाव बनाने में किया जिसमें उनका बेटा शामिल था.

ट्रंप ने 25 जुलाई को ज़ेलेंस्की को फ़ोन कर बाइडेन के ख़िलाफ़ जांच करने को कहा.

हालांकि अमरीका के एक व्हिसल-ब्लोअर ने फ़ोन कॉल पर चिंता व्यक्त की. इसके तुरंत बाद नैंसी पलोसी ने औपचारिक रूप से महाभियोग जांच की घोषणा कर दी.

महाभियोग क्या है?

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महाभियोग दो चरण वाली ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कांग्रेस राष्ट्रपति को पद से हटा सकती है. इसमें महाभियोग पहला और राजनीतिक प्रक्रि​या दूसरा चरण है.

अगर प्रतिनिधि सभा से महा​भियोग को पास कर दिया जाता है तो सीनेट में इस पर बहस करना होगा.

कहा जा रहा है कि निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में महाभियोग पास हो सकता है.

लेकिन सीनेट में इसे पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है और यहां रिपब्लिकन का भारी बहुमत है.

अमरीका के इतिहास में केवल दो राष्ट्रपतियों बिल ​क्लिंटन और एंड्रयू जॉनसन के​ ख़िलाफ़ महाभियोग लाया गया था, लेकिन उन्हें पद से हटाया नहीं जा सका.

राष्ट्रपति निक्सन ने महाभियोग चलाने से पहले इस्तीफ़ा दे दिया था.

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