ब्रिटेन : एसेक्स में मृत मिले 39 लोग थे चीनी नागरिक

  • 25 अक्तूबर 2019
लॉरी इमेज कॉपीरइट European Photopress Agency
Image caption ब्रिटेन के एसेक्स में जिस लॉरी में 39 लोगों के शव मिले, उसके अगले हिस्से पर आयरलैंड और अल्टीमेट ड्रीम लिखा हुआ है.

ब्रिटेन के एसेक्स में एक लॉरी में मृत पाए गए 39 लोग चीन के नागरिक थे.

एसेक्स पुलिस का कहना है कि उनके इतिहास में ये हत्या से जुड़ी सबसे बड़ी तफ़्तीश है. पुलिस के मुताबिक ये माना जा रहा है कि मरने वाले 'सभी लोग चीन के नागरिक हैं.'

पुलिस ने बताया कि 39 लोगों की औपचारिक पहचान का काम 'लंबी प्रक्रिया साबित हो सकती है'.

ब्रिटेन में चीन के राजदूत लियो शियामिंग ने ट्वीट किया कि उनके दूतावास ने 'भारी दिल के साथ' मौत की रिपोर्ट को पढ़ा है. उन्होंने बताया कि उनका दूतावास ब्रिटिश पुलिस के संपर्क में है.

इमेज कॉपीरइट FACEBOOK
Image caption लॉरी के ड्राइवर की पहचान रॉबिनसन के तौर पर हुई है.

ड्राइवर है संदिग्ध

लॉरी के ड्राइवर मो रॉबिनसन की जांच कर रही ब्रिटिश पुलिस को पूछताछ के लिए 24 घंटे का वक़्त और दिया गया है. 25 बरस के रॉबिनसन आठ महिलाओं और 31 पुरुषों की हत्या के मामले में संदिग्ध हैं.

इस मामले में उत्तरी आयरलैंड की तीन जगहों पर छापे मारे गए हैं. नेशनल क्राइम एजेंसी ये पड़ताल करने में जुटी है कि कहीं इस मामले में 'संगठित आपराधिक समूह' तो शामिल नहीं हैं.

ये लॉरी बेल्जियम के ज़ेब्रूग से परफ्लीट पहुंची थी. एंबुलेंस स्टाफ ने ग्रेज़ के वाटरग्लैड इंडस्ट्रियल पार्क इलाके से बुधवार को गाड़ी में मौजूद शव बरामद किए थे.

ये लॉरी परफ्लीट पोर्ट से स्थानीय समय के मुताबिक करीब एक बजकर पांच मिनट पर रवाना हुई थी.

पुलिस के मुताबिक लॉरी डबलिन के रास्ते रविवार को वेल्स के होलीहेड से ब्रिटेन में दाखिल हुई थी.

एक मजिस्ट्रेट ने गुरुवार को एसेक्स पुलिस को रॉबिनसन से पूछताछ के लिए अतिरिक्त वक़्त दे दिया. इसके बाद डिप्टी चीफ़ कॉन्स्टेबल पिपा मिल्स ने कहा कि उनकी प्राथमिकता 'मारे गए 39 लोगों की गरिमा बचाए रखना और ये तय करना है कि उनके प्रियजन को जवाब मिल सकें'.

इमेज कॉपीरइट PA Media
Image caption मारे गए 39 लोगों की याद में मोमबत्तियां जलाई गईं.

शवों का होगा पोस्टमार्टम

कॉउंसलर पॉल बेरी ने बताया कि आरमा काउंटी के लॉरेलवाले गांव में 'पूरी तरह सदमे की स्थिति' है. रॉबिनसन का परिवार यहीं रहता है.

बेरी ने बताया कि वो रॉबिनसन के पिता के संपर्क में हैं. उन्हें अपने बेटे की गिरफ़्तारी के बारे में बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली.

उन्होंने बताया, "स्थानीय लोगों की राय है कि वो (रॉबिनसन) इस मामले में फंस गए हैं लेकिन ये तय करना एसेक्स पुलिस का काम है. हम मामले को उन पर ही छोड़ते हैं कि वो इसके दोषियों को पकड़ें".

लॉरी को टिलबरी डॉक्स पर भेज दिया गया है. पुलिस ने बताया है कि शवों को चेम्सफॉर्ड के ब्रूमफील्ड हॉस्पिटल के मुर्दाघर में रखा जाएगा.

शवों को पुलिस की निगरानी में प्राइवेट एंबुलेंस के जरिए ले जाया जाएगा जहां उनका पोस्टमार्टम होगा. पुलिस को उम्मीद है कि सप्ताहांत तक सभी शव वहां पहुंचा दिए जाएंगे.

इमेज कॉपीरइट European Photopress Agency

अब तक क्या पता है?

इमिग्रेशन सर्विस यूनियन की लूसी मॉर्टन ने कहा कि ब्रिटेन में हर दिन इतनी संख्या में कंटेनर आते हैं कि सभी के अंदर क्या रखा है इसकी जांच करना नामुमकिन है.

उन्होंने कहा कि जब तक इस तरह की 'खुफ़िया रिपोर्ट न हो कि हमें जांच करनी है' तब तक ऐसी जांच होने की उम्मीद कम ही रहती है.

पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि ये लॉरी बुल्गारिया से आई है लेकिन बाद में बताया कि पुलिस अधिकारियों की राय में ये लॉरी बेल्जियम से ब्रिटेन आई है.

बुल्गारिया के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि ये ट्रक उनके देश में एक कंपनी के नाम से रजिस्टर है. इस कंपनी के मालिक आयरलैंड के नागरिक हैं.

बेल्जियम के पब्लिक प्रोसिक्यूटर कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि ये कंटेनर मंगलवार दोपहर 2 बजकर 29 मिनट पर ज़ेब्रूग आया था और उसी दिन वहां से चला गया था. प्रवक्ता ने बताया कि ये साफ़ नहीं है कि पीड़ित कब कंटेनर में दाखिल हुए और ये भी स्पष्ट नहीं है कि क्या ये बेल्जियम में ही हुआ.

परफ्लीट और ज़ेब्रूग पर ऑपरेशन की देखभाल से जुड़ी कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि वो पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करेंगे.

इमेज कॉपीरइट Press Association

बीबीसी एशिया पैसिफिक की रीज़नल एडिटर सीलिया हैटन का विश्लेषण

जब चीन समाचारों की सुर्खियों में जगह बनाता है, तब अक्सर चीन की तस्वीर धनवान वैश्विक शक्ति के तौर पर सामने आती है.

हालांकि, चीन के बूम यानी अप्रत्याशित उछाल ने वहां ख़ासी असमानता को बढ़ाया है. चीन के एक फ़ीसदी अमीर नागरिकों के पास देश की एक तिहाई संपदा है. ये खाई चौड़ी हो रही है. अमरीका के साथ जारी ट्रेड वार की वजह से कई फैक्टरियां बंद हो गई हैं. चीन के सबसे गरीब मजदूरों को असमानता की मार झेलनी पड़ रही है.

सर्वेक्षणों में ये बात लगातार सामने आई है कि चीन के उच्च और मध्यम वर्ग के नागरिक देश छोड़ने को बेताब हैं. वो स्कूलों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा की कमी और हेल्थकेयर को लेकर चिंतित हैं. प्रदूषण और खाद्य सुरक्षा के मुद्दे भी उन्हें परेशान करते हैं.

चीन के गरीब लोग भी ऐसी चिंताओं से घिरे हैं लेकिन उनके पास बाहर जाने के मौके कम हैं. पासपोर्ट जारी करने और बाहर जाने की अनुमति किसे दी जा सकती है, इसे लेकर चीन सरकार का कड़ा नियंत्रण है. लगातार कड़े नियंत्रण की वजह से मानव तस्कर ऐसे लोगों को शिकार बनाते हैं जो काम पाने के लिए बेताब हैं.

हमें अभी ये नहीं पता कि जो लोग एसेक्स में एक लॉरी में मिले हैं, उन्होंने ये यात्रा क्यों की. एक साल पहले आधुनिक दौर की दासता पर ब्रिटिश सरकार की जो रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, उसमें ये पाया गया था कि चीन मानव तस्करी के पीड़ितों के मामले में तीसरा सबसे आम देश है.

ये भी पढ़ेंः

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे

संबंधित समाचार