इसराइली सैनिकों को लड़कियों की तस्वीर से ललचाया, फिर...

  • 18 फरवरी 2020
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Image caption इसराइली सेना का कहना है कि हमास के हैकरों ने उसके जवानों को ऐसी तस्वीरें भेजीं और फ़ोन हैक कर लिए.

इसराइली सेना के मुताबिक उसके दर्जनों सैनिकों के स्मार्टफ़ोन को लड़कियों की तस्वीरें भेजकर हैक कर लिया गया.

सेना के एक प्रवक्ता के मुताबिक सैनिकों को युवा महिलाओं की तस्वीरें भेजी गईं और उन्हें एक एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए ललचाया गया.

सैनिकों को ये पता नहीं था कि ये एप्लीकेशन उनके फ़ोन को हैक कर लेगी.

इसराइली सेना का कहना है कि ये हैकिंग हमास संगठन से जुड़े लोगों ने की है.

गज़ा पर नियंत्रण करने वाले चरमपंथी गुट हमास और इसराइल के बीच पुरानी दुश्मनी हैं.

इसराइली सेना के प्रवक्ता कर्नल जोनाथन कार्निकस के मुताबिक इसारइली सैनिकों के फ़ोन हैक करने का हमास के ये तीसरा और अब तक का सबसे जटिल प्रयास था.

उन्होंने कहा, "हम ये देख रहे हैं कि वो सीख रहे हैं और उन्होंने अपनी क्षमताओं को बढ़ाया है."

कर्नल कार्निकस के मुताबिक हैकरों ने टूटी फूटी हिब्रू बोलने वाली और प्रवासी होने का दावा करने वाली युवतियों का रूप धरा.

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Image caption हमास समर्थक फ़लस्तीनी पुलिस का एक नया जवान प्रशिक्षण के दौरान आग से कूदता हुआ.

सैनिकों से दोस्ती गांठने के बाद इन युवतियों ने कुछ लिंक्स भेजे और कहा कि इनके ज़रिए वो अपनी तस्वीरें भेज सकेंगी.

हालांकि वास्तव में ये वायरस था जो स्मार्टफ़ोन को हैक करने में सक्षम था.

एक बार क्लिक करने पर ये लिंक हैकरों को स्मार्टफ़ोन के डाटा, लोकेशन और तस्वीरें का एक्सेस दे देता है.

यहीं नहीं इससे फ़ोन को कंट्रोल भी किया जा सकता है और इस्तेमाल करने वाले की जानकारी के बिना ही तस्वीरें और आवाज़ें रिकॉर्ड की जा सकती हैं.

कर्नल कार्निकस का कहना है कि इसराइली सेना को इस साज़िश के बारे में महीनों पहले ही पता चल गया था और अपनी निगरानी में इसे चलने दिया गया गया. बाद में इसे बंद कर दिया गया.

इसराइली सेना पहले भी अपने सैनिकों को सतर्कता से स्मार्टफ़ोन इस्तेमाल करने की चेतावनी दे चुकी है.

इसराइल और हमास के बीच दशकों से संघर्ष चल रहा है और दोनों ही एक दूसरे की जासूसी में लगे रहते हैं.

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