संतरों से लड़े जाने वाला एक 'युद्ध': तस्वीरों में

Gathering in the main square

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इटली के उत्तर-पश्चिम में स्थित इवरेया शहर में हर साल सैकड़ों लोग श्रोव मंगलवार का जश्न मनाने के लिए एकत्र होते हैं.

इस मध्यकालीन शहर के एक बड़े चौराहे पर जश्न का आयोजन किया जाता है और रस्म के तौर पर लोग एक दूसरे पर संतरे फेंकते हैं.

इवरेया में जहाँ इस आयोजन की तैयारियाँ ज़ोर शोर से चल रही हैं, वहीं पेशेवर फ़ोटोग्राफ़र एंड्रिया कापैलो ने बीबीसी से इस महोत्सव की कुछ तस्वीरें साझा की हैं जो उन्होंने पिछले साल खींची थीं.

वे बताती हैं कि 'शहर में इस महोत्सव के दौरान ऐसा लगता है, मानो संतरों की मदद से लोग आपस में कोई युद्ध लड़ रहे हैं.'

इस त्योहार की बहुत पुरानी मान्यताए हैं जो भारतीय पर्व होली से काफ़ी मिलती-जुलती हैं.

दरअसल श्रोव मंगलवार, एश बुधवार से एक दिन पहले का मंगलवार होता है जो अमूमन ईस्टर से 40 दिन पहले (सात सप्ताह पहले) आता है.

इवरेया में इसके पीछे की कहानी ये है कि एक राजा था जो बहुत ही निर्मम था, कठोर था और उसने अपनी प्रजा के लिए बहुत ही कड़े नियम क़ानून बना दिये थे. लोग उस राजा से नाराज़ थे, पर वे अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करने का जोख़िम नहीं उठा सकते थे. पर इस राजा का अंत तब हुआ, जब सुहागरात के दिन रानी वॉयलेटा ने उसकी गर्दन चीर डाली.

शहर के लोग बताते हैं कि इस घटना के बाद गुस्साए लोगों ने राजा के क़िले को आग लगा दी थी और इस दौरान राजा के समर्थकों और उनके मुख़ालिफ़ों के बीच जो संघर्ष हुआ, श्रोव मंगलवार का जश्न उसी को दर्शाता है.

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शहर के बड़े चौराहे पर जो भीड़ जमा होती है वो ख़ूब गाजे-बाजे के साथ आती है

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हर साल एक शादीशुदा महिला रानी वॉयलेटा का किरदार निभाती है

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संतरों से खेले जाने वाला कथित युद्ध तीन दिन तक चलता है जो श्रोव मंगलवार के दिन जाकर थमता है

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जो लोग राजा की फ़ौज की भूमिका में होते हैं वे एक गाड़ी के ऊपर से संतरे फेंकते हैं

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और नीचे खड़ी जनता उन पर हमला करती है. कई बार तो लोगों में बहुत ज़्यादा जोश देखने को मिलता है

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दोनों तरफ से संतरे फेंके जा रहे होते हैं, इस वजह से पूरा इलाक़ा मलबे से भर जाता है

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जब ये प्रतीकात्मक युद्ध थमता है तो लोग अपने-अपने हिस्से की कहानियाँ सुनाते हैं और ख़ुश होते हैं

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काफ़ी लोगों को इस दौरान चोटें भी लगती हैं

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कुछ लोगों का ख़ून भी बहता है

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स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस आयोजन में क़रीब 700 टन संतरे इस्तेमाल हो जाते हैं

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और अंत में इस सारे मलबे को इकट्ठा कर शहर के बाहर स्थित कूड़ेदान में फेंक दिया जाता है

सभी तस्वीरें एंड्रिया कापैलो के सौजन्य से.

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