डोनल्ड ट्रंप के सलाहकार रोजर स्टेन को 40 महीने की जेल

  • 21 फरवरी 2020
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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लंबे वक़्त के सहयोगी और सलाहकार रोजर स्टोन को 40 महीने के लिए जेल की सज़ा सुनाई गई है.

67 वर्षीय स्टोन को अमरीकी संसद से सात मौकों पर झूठ बोलने, काम में बाधा पहुंचाने और ग़वाहों को ग़ुमराह करने का दोषी पाया गया है.

स्टोन ट्रंप के ऐसे छठें सहयोगी हैं जिन्हें रॉबर्ट मुलर की जांच में दोषी पाया गया है. ये जांच साल 2016 में अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ट्रंप और रूस के बीच कथित मिलीभगत से जुड़ी है.

ट्रंप ने संकेत दिया है कि वो अपने सहयोगी को माफ़ कर सकते हैं. वहीं स्टोन लगातार यह कह रहे हैं कि उनके ख़िलाफ़ ये मामला राजनीतिक साज़िश के तहत चलाया जा रहा है.

स्टोन को सज़ा सुनाते हुए जज ऐमी बर्मन जैक्सन ने कहा कि उनका रवैया 'असहनीय, 'धमकाने वाला और डरावना' था.

अभियोजन पक्ष पिछले हफ़्ते उस वक़्त इस मुक़दमे से अलग हो गया था जब अमरीका के न्याय मंत्रालय ने स्टोन की जेल की सज़ा की अवधि घटाने की योजना के बारे में बताया.

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अभियोजन पक्ष ने स्टोन के लिए नौ साल जेल की सज़ा की मांग की थी और राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मांग को 'बेहद डरावना और नाइंसाफ़ी वाला' बताया था.

अदालत ने कहा कि स्टोन ने कई बार झूठ बोला. उन्होंने ट्रंप के चुनाव प्रचार अधिकारियों से हुई अपनी बातचीत के बारे में छिपाया. इसके साथ ही उन्होंने कुछ ईमेल और टेक्स्ट मेसेज की जानकारी भी छिपाई.

वॉशिंगटन की एक अदालत में फ़ैसला सुनाते हुए जज जैक्सन ने कहा कि 'स्टोन को अच्छी तरह पता था कि वो क्या कर रहे थे.'

स्टोन ने पिछले साल सोशल मीडिया पर जज की एक तस्वीर पोस्ट की थी जिसके ऊपर एक बंदूक थी. उन्होंने अदालत की कार्यवाही को 'दिखावे का मुक़दमा' बताया था.

जज ने कहा, "इंसाफ़ के नियम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते. अदालत ये सब देखकर हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकती और न ही ये मान सकती है कि रोजर ऐसे ही हैं."

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स्टोन ने गुरुवार की इस सुनवाई के बारे में ख़ुद कुछ बोलने से इनकार कर दिया लेकिन उनके वकील गिंस्बर्ग ने कहा कि उन्हें इतनी कड़ी सज़ा नहीं मिलनी चाहिए थे.

गिन्सबर्ग ने कहा कि स्टोन एक 'पारिवारिक' और 'आध्यात्मिक' व्यक्ति हैं लेकिन लोगों के मन में उनकी छवि किसी 'धूर्त चालबाज़' जैसी बना दी गई है.

40 महीने जेल की सज़ा के बाद स्टोन पर दो साल तक निगरानी में रखा जाएगा. इसके अलावा उन पर 20 हज़ार डॉलर (14,39,590 रुपये) का ज़ुर्माना भी लगाया गया है.

एक राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर रोजर स्टोन 1970 से रिपब्लिकन पार्टी के लिए काम करते आए हैं. यहां तक कि उनकी पीठ पर अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के नाम का टैटू भी बना हुआ है.

साल 1990 में स्टोन ने ट्रंप के कसीनो बिज़नस के लिए लॉबिंग की थी. नेटफ़्लिक्स की डॉक्युमेंट्री 'गेट मी रोजर स्टोन' के मुताबिक़ स्टोन ने ही ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की सलाह दी थी.

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