कोरोना पर बोले शी जिनपिंग- दिक़्क़तें बहुत झेलीं पर चीन हारता नहीं

  • 23 फरवरी 2020
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कोरोना वायरस फैलने के बाद पैदा हुए हालात पर चर्चा के लिए अब तक की सबसे उच्चस्तरीय बैठक की है.

जिनपिंग ने देश की शीर्ष सैन्य और स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है कि कोरोना वायरस देश के सामने सबसे गंभीर स्वास्थ्य संकट है और इससे उबरने के लिए सभी को दिन रात काम करना होगा.

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी का मुखपत्र माना जाने वाला अख़बार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़ रविवार को हुई इस बैठक में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) से जुड़े एक लाख 70 हज़ार अधिकारी शामिल हुए.

राष्ट्रपति जिनपिंग ने टेलिकॉन्फ्रेंस के ज़रिए अधिकारियों से बात की.

चीनी विश्लेषकों के मुताबिक़ ये बैठक अभूतपूर्व है और इससे पता चलता है कि इस संकट को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है.

राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि चीन ने इतिहास में बहुत दिक्क़तों का सामना किया है और वो कभी हारा नहीं है.

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Image caption राजधानी बीजिंग में खाली सड़क पर मास्क पहने जाते साइकिल सवार.

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़ जिनपिंग ने कहा कि चीन बनने के बाद से ये महामारी 'सबसे तेज़ी से फैलने वाली, सबसे ज़्यादा लोगों को संक्रमित करने वाली और नियंत्रण करने में सबसे मुश्किल पेश आने वाली है.

जिनपिंग ने ये भी कहा कि इसके बावजूद चीन अपने आर्थिक और सामाजिक उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में भी काम करता रहेगा.

चीन में महामारी के बाद के हालात अब भी गंभीर और जटिल हैं और रोकथाम और नियंत्रण कार्य अपने सबसे नाज़ुक दौर में है.

वहीं चीन की ओर से जारी ताज़ा अधिकारिक आंकड़ें में नए रोगियों और मरने वालों की तादाद में इज़ाफ़ा हुआ है.

कोरोनावायरस संक्रमण के अधिकतर मामले चीन के मध्य प्रांत हूवे में हैं जहां के मुख्य शहर वुहान में ये वायरस सबसे पहले मिला था.

चीन में कोरोना वायरस के मामलों की तादाद 77 हज़ार के क़रीब पहुंच गई है जबकि 2400 लोग अब तक मारे जा चुके हैं.

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कोरोनावायरस और ईरान का चुनाव

दूसरी ओर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह ख़मेनई ने रविवार को हुए चुनाव में हुए मतदान की प्रशंसा करते हुए इसे शानदार बताया है.

1979 में इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान में हुए चुनावों में रविवार को हुए चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत अब तक सबसे कम रहा है. अधिकारियों के मुताबिक़ इस बार 42 फ़ीसदी लोगों ने मतदान किया.

रूहानी ने कहा कि देश के दुश्मनों ने लोगों को मतदान से दूर रखने के लिए कोरोना वायरस के ख़तरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया.

ईरान में भी कोरोना वायरस फैलने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं. यहां अभी तक कुल पैंतीस मामले आए हैं जिनमें से आठ लोगों की मौत हो चुकी है.

वहीं पाकिस्तान ने ईरान में फैल रहे कोरोना वायरस के मद्देनज़र ईरान से लगी अपनी सीमा को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है.

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Image caption इराक़ ने भी ईरान से लगी अपनी सीमा को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है.

इटली की सरकार ने भी कोरोना वायरस प्रभावित दो क्षेत्रों को अलग-थलग करने के लिए सख़्त दिशा निर्देश जारी किए हैं.

मिलान और वेनिस के नज़दीक के इन इलाक़ों को देश में वायरस फैलने का हॉटस्पाट माना जा रहा है.

अधिकारियों ने वेनिस कार्निवाल को भी बीच में ही रोक दिया है.

अगले दो सप्ताह तक वेनेटो और लोम्बार्डी इलाक़ों में लोगों के दाख़िल होने और यहां से बाहर जाने पर रोक रहेगी.

इटली में कोरोना से अब तक दो लोगों की मौत हो गई है और संदिग्धों की तादाद 100 के पार चली गई है.

प्रभावित क्षेत्रों के बाहर भी व्यापारिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर असर हुआ है. कई व्यापारिक प्रतिष्ठान और स्कूल बंद रहे. यही नहीं खेलकूद के आयोजन भी रद्द किए जा रहे हैं.

दक्षिण कोरिया में भी हालात गंभीर होते जा रहे हैं. राष्ट्रपति मून जाए-इन ने कहा है कि अगले कुछ दिन वायरस को रोकने के लिए बेहद अहम हैं.

दक्षिण कोरिया में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और संक्रमित लोगों का आँकड़ा 500 पार कर गया है.

दक्षिण कोरिया इस समय सबसे गंभीर अलर्ट पर है. देश के सभी स्कूलों को नया सत्र एक सप्ताह और टालने के लिए कहा गया है.

दक्षिण कोरिया में प्रभावित आधे से अधिक लोग एक चर्च से जुड़े हैं. इन लोगों ने एक साथ एक प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया था.

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