जर्मी कोर्बिन की जगह ब्रिटेन में लेबर पार्टी की कमान आई कीर स्टर्मर के पास

कीर स्टर्मर

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सर कीर स्टर्मर को लेबर पार्टी का नया नेता चुना गया है.

स्टर्मर 57 साल के हैं. उनका मुक़ाबला पार्टी की रेबेका लॉन्ग-बैले और लीसा नंदी से था.

इससे पहले ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी का नेतृत्व जर्मी कोर्बिन कर रहे थे.

पेशे से वकील स्टर्मर पहली बार साल 2015 में सांसद बने थे. वो पहले ही राउंड में वोटों की गिनती में 50 फ़ीसदी से अधिक वोटों से आगे थे.

उन्होंने कहा, "उनका मक़सद था कि वो इस महान पार्टी को एक नई उम्मीद और विश्वास के साथ एक नए युग में लेकर जाएं."

पार्टी की ओर से जारी किए गए एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात की बात है कि मुझे चुना गया और मैं उम्मीद करता हूं कि समय आने पर लेबर पार्टी एक बार फिर देश की सेवा कर सकेगी- सरकार बनाकर."

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समाप्त

- सर कीर स्टर्मर- 275,780 वोट (56.2%)

- रेबेका लॉन्ग-बैले- 135,218 वोट (27.6%)

- लीसा नंदी- 79, 597 वोट (16.2%)

इस वोटिंग में भाग लेने के लिए 784,151 लोग योग्य थे लेकिन वोटिंग में हिस्सा सिर्फ़ 490,000 से कुछ ही अधिक लोगों ने लिया.

शैडो एजुकेशन सेक्रेटरी एंगेला रेनेर को उप-नेता चुना गया है. उनके मुक़ाबले में चार अन्य लोग भी थे. इन सभी के बीच कांटे की टक्कर थी और मतदान तीन राउंड तक चला.

सर कीर हॉबॉर्न एंड सेंट पैंक्रास से सांसद हैं. वो ख़ुद को सोशलिस्ट के तौर पर सामने रखते हैं लेकिन जर्मी कोर्बिन की तरह नहीं. उन्होंने कोर्बिन युग की प्रमुख नीतियों को बनाए रखने का वादा किया है जैसे कि रेल, मेल और पानी का राष्ट्रीयकरण साथ ही उनकी 10 सूत्रीय योजना में यूनियन विरोधी क़ानूनों को निरस्त करना भी है.

लेकिन उनका पहला काम कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे ब्रिटेन में लेबर पार्टा की सक्रियता को तय करना होगा. उन्हें प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अन्य दलों के साथ होने वाली बातचीत के लिए भी आमंत्रित किया है. इस मीटिंग में सरकार के सबसे ख़ास वैज्ञानिक सलाहकार भी शामिल होंगे. यह मीटिंग अगले सप्ताह होनी है. इसे "वर्क टूगेदर" ऑन द क्राइसिस नाम दिया गया है.

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एक सशक्त विपक्ष

सर कीर ने कहा कि वो एक बेहद महत्वपूर्ण समय में पार्टी के नेता चुने गए हैं. (महत्वपूर्ण समय से उनका आशय कोरोना वायरस से जूझ रहे देश से था.)

उन्होंने कहा "हम एक सशक्त और रचनात्मक विपक्ष के तौर पर सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि इस महामारी का मुक़ाबला किया जा सके ना की सिर्फ़ एक विपक्ष की तरह जिसका काम सिर्फ़ विपक्ष में बने रहना हो."

उन्होंने आगे कहा, "हम मुश्किल मसलों के समाधान के लिए काम करेंगे और जहां भी हमें कुछ ग़लत नज़र आएगा या सरकार की ख़ामी दिखेगी हम उसे चैलेंज करेंगे."

सर कीर सक्रिय राजनीति में आने से पहले क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस का नेतृत्व करते थे. वो जर्मी कोर्बिन की टीम के शीर्ष सदस्यों में से एक रह चुके हैं. वो ब्रेग्ज़िट को लेकर पार्टी की पॉलिसी तैयार करने वालों में से भी एक थे.

शनिवार को ई-मेल के ज़रिए इन नतीज़ों की घोषणा की गई.

सर कीर के सबसे प्रमुख समर्थकों में से एक लेबर पार्टी के सांसद डेविड लैमी ने कहा कि इन नतीज़ों को जानकर उन्हें बेहद ख़ुशी हुई है. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा यक़ीन है कि उनके सहयोगी इस मुश्किल समय में देश की ज़रूरत को नेतृत्व प्रदान करेंगे.

इन नतीज़ों के साथ ही एक बात और जो स्पष्ट हो गई है वो ये कि लेबर पार्टी को अभी कुछ और समय अपनी पहली स्थायी महिला नेता के लिए इंतज़ार करना होगा. इससे पूर्व हैरिएट हर्मेन और मार्गरेट बेकैट अंतरिम नेता रह चुकी हैं.

वहीं सर कीर की प्रतिद्वंद्वी ने लॉन्ग बैले ने सर कीर के सम्मान में कहा कि वो एक बेहतरीन प्रधानमंत्री होंगे और वो इस बात को हक़ीक़त बनाने के लिए जो हो सकेगा, करेंगी.

वहीं लीसा नंदी ने कहा कि उन्हें उनकी (सर कीर) प्रतिद्वंद्वी बनकर बेहद गर्व की अनुभूति हुई. उन्होंने कहा कि वो लेबर पार्टी के नेता के पूर्ण समर्थन में हैं और वो आगे आने वाली हर चुनौती में उनका साथ देंगी.

उन्होंने कहा, "हमारा देश एक नए नेतृत्व के लिए रो रहा था और आज हमने उसकी शुरुआत की है."

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