भारत-चीन सीमा विवाद में पाँच चीनी सैनिकों के मारे जाने की ख़बर, ट्वीट से कैसे फैला भ्रम

चीनी जवान

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लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प में भारतीय सेना के एक अफ़सर और दो जवानों की मौत हुई है.

इस घटना के सामने आने के बाद कुछ भारतीय मीडिया चैनल चीन के सरकारी अख़बार 'ग्लोबल टाइम्स' के हवाले से ये ख़बर चला रहे थे कि चीनी सेना के भी 5 जवानों की मौत हुई है और उसके 11 जवान घायल हुए हैं.

इस पर 'ग्लोबल टाइम्स' ने ट्वीट किया है कि चीनी पक्ष की ओर से हताहतों की संख्या के बारे में ग्लोबल टाइम्स ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कभी कोई जानकारी नहीं दी थी.

ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट में लिखा है कि वो इस समय भी मारे गए या घायल हुए चीनी सैनिकों की संख्या की पुष्टि नहीं कर सकता है.

वहीं, ग्लोबल टाइम्स अख़बार के चीनी और अंग्रेज़ी संस्करण के प्रधान संपादक ने ट्वीट करके कहा है कि इस हिंसक झड़प में चीनी पक्ष को भी नुक़सान हुआ है, लेकिन उन्होंने इस नुक़सान का कोई विवरण या संख्या नहीं दी है.

उन्होंने ट्वीट किया है, "मैं जो जानता हूं उसके आधार पर गलवान घाटी में झड़प में चीनी पक्ष को भी नुक़सान हुआ है. मैं भारतीय पक्ष को कहना चाहता हूं कि अभिमानी मत बनिए और चीन के संयम को उसकी कमज़ोरी मत समझिए. चीन, भारत के साथ संघर्ष नहीं चाहता है लेकिन हम उससे डरते नहीं हैं."

चीन ने भारत की निंदा की

वहीं, सोमवार को गलवान घाटी में हुई इस झड़प को चीन ने अवैध गतिविधि बताते हुए इसे भड़काऊ हरकत क़रार दिया है. चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसने इसके ख़िलाफ़ भारत को अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि कूटनीतिक और सैन्य चैनल के माध्यम से चीन और भारत सीमा तनाव पर बातचीत कर रहे थे, 6 जून को सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत के बाद दोनों देश एक आम सहमति पर पहुंचे थे लेकिन "सोमवार का उसका गंभीर रूप से उल्लंघन करते हुए भारतीय सेना ने अवैध गतिविधियों के लिए दो बार सीमा पार की और चीनी सेना के ख़िलाफ़ भड़काने वाले हमले किए".

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प्रवक्ता झाओ ने कहा कि इसके बाद दोनों देशों के जवानों के बीच गंभीर हिंसक झड़प हुई.

झाओ ने कहा कि चीनी पक्ष ने भारत के सामने विरोध दर्ज कराया है और साथ ही ये भी कहा कि भारत को दोनों देशों के बीच बनी सहमति के आधार पर अपने सैनिकों को संयमित रहने की हिदायत देनी चाहिए. इसके अलावा "ना तो भारत को बॉर्डर लाइन पार करनी चाहिए और ना ही कोई ऐसा एकतरफ़ा क़दम उठाना चाहिए, जिससे हालात बिगड़ते हों".

झाओ के मुताबिक़ चीन और भारत बातचीत के ज़रिए मुद्दों को सुलझाने पर सहमत हुए हैं ताकि सीमावर्ती इलाकों में तनाव कम किया जा सके और शांति क़ायम हो.

भारतीय सेना का कहना है कि हिंसक झड़प में एक अधिकारी और दो सैनिक मारे गए हैं. इसके बाद झाओ का ये बयान आया है. भारतीय सेना मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस घटना में दोनों ओर से लोग हताहत हुए हैं.

दोनों देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारी हालात को क़ाबू करने की कोशिशों में लगे हैं.

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रिपोर्टर का ट्वीट

दरअसल, भारतीय मीडिया चैनलों ने ग्लोबल टाइम्स की पत्रकार वांग वेनवेन के हवाले से कहा था कि चीन के 5 जवान मारे गए हैं और 11 घायल हुए हैं, इस जानकारी का आधार रिपोर्टर वेनवेन का ट्वीट था.

हालांकि, बाद में उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट करके इस पर सफ़ाई दी.

उन्होंने नया ट्वीट करते हुए कहा कि उन्हें यह जानकरी दरअसल भारतीय सूत्रों से मिली थी.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि अभी भी आधिकारिक तौर पर चीन ने अपने किसी सैनिक के हताहत होने की कोई पुष्टि नहीं की है.

साथ ही, उन्होंने भारतीय मीडिया पर ग़ैर-पेशेवर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इसे चीन के आधिकारिक पक्ष के तौर पर पेश किया जो सही नहीं है.

जाने माने पत्रकार प्रवीण स्वामी ने इस संबंध में एक ट्वीट किया है.

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