पीएम केयर फ़ंड के पैसे एनडीआरएफ़ में ट्रांसफ़र करने की ज़रूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट - आज की बड़ी ख़बरें

सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने पीएम केयर फ़ंड में रखे पैसे को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ़) में ट्रांसफ़र किए जाने का आदेश देने से इनकार कर दिया है.

सेंटर फ़ॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (CPIL) नामक एक ग़ैर-सरकारी संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपील की थी कि अदालत सरकार को आदेश दे कि वो पीएम केयर फ़ंड में रखे सारे पैसे एनडीआरएफ़ में ट्रांसफ़र कर दे.

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि पीएम केयर फ़ंड भी एक चैरिटी फ़ंड है इसलिए उसके पैसे को कहीं और ट्रांसफ़र करने की ज़रूरत नहीं है.

अदालत ने कहा कि कोई भी व्यक्ति या संस्था एनडीआरएफ़ में पैसे दान कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने 27 जुलाई को इस पर बहस के बाद अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा था.

केंद्र की तरफ़ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता हाज़िर हुए थे जबकि एनजीओ की तरफ़ से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे अदालत में पेश हुए थे.

सुनवाई के दौरान दवे ने कहा था कि एनडीआरएफ़ को सीएजी ऑडिट करते हैं लेकिन पीएम केयर फ़ंड प्राइवेट ऑडिटर से ऑडिट किया जाता है. दवे के अनुसार ये आपदा प्रबंधन क़ानून का उल्लंघन है. लेकिन तुषार मेहता का कहना था कि पीएम केयर फ़ंड एक चैरिटेबल संस्था है और उसमें लोग अपनी मर्ज़ी से दान देते हैं.

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'सस्ती वाइन' को लेकर आस्ट्रेलिया से नाराज़ हुआ चीन

चीन ने ऑस्ट्रेलियाई वाइन के आयात की कीमतों की जांच शुरू कर दी है. दोनों देशों के बीच वाइन की कीमतों को लेकर विवाद चल रहा है.

चीन का कहना है कि वो इस मामले की जांच में पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या ऑस्ट्रेलियाई उत्पादक जानबूझकर सस्ती वाइन बेच रहे हैं ताकि बाज़ार में उनका प्रभाव और बढ़े.

हाल के महीनों में चीन ने ऑस्ट्रेलिया पर बीफ़ और जौ को लेकर भी निशाना साधा था. ऑस्ट्रेलिया ने चीन की ओर से शुरू की गई जांच पर हैरानी जताई है.

जब ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना संक्रमण के फैलने को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग की थी उस वक्त चीन ने ऑस्ट्रेलिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे.

ऑस्ट्रेलिया चीन में हर साल क़रीब एक अरब डॉलर की वाइन बेचता है. फ्रांस के मुक़ाबले वह चीन में ज्‍यादा बोतलें भेज रहा है.

एक न्यूज़ ब्रीफ़िंग में जब चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान से इस जांच के संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में ज्यादा कुछ भी पढ़ना कयास लगाना ग़लत होगा.

झाओ लिजियान ने कहा, "मैंने चीन की स्थिति स्पष्ट कर दी है. यह एंटी-डंपिंग का एक साधारण-सा मामला है तो कृपया इस साधारण से मामले के बारे में कोई भी अनावश्यक अटकलें न लगाएं."

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