US ELECTION 2020: कमला हैरिस को क्या चुनौती दे पाएंगी भारतीय मूल की निकी हेली

  • कमलेश
  • बीबीसी संवाददाता
साउथ कैरालाइना की पूर्व गवर्नर निकी हेली

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन,

साउथ कैरालाइना की पूर्व गवर्नर निकी हेली

“जो बाइडन और डेमोक्रेट्स अब भी अमरीका फ़र्स्ट (सबसे पहले अमरीकियों का हित) का विरोध करते हैं. डोनाल्ड ट्रंप अमरीका को सबसे पहले रखते हैं. उन्हें और चार सालों के लिए राष्ट्रपति चुनना चाहिए.”

“डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में हमने वो कर दिखाया जो बराक ओबामा और जो बाइडन नहीं कर पाए. हम अमरीका के लिए खड़े हुए... हम अपने दुश्मनों के ख़िलाफ़ खड़े हुए हैं.”

“अमरीका नस्लवादी देश नहीं है. ये मेरा निजी अनुभव है. मैं भारतीय प्रवासियों की स्वाभिमानी बेटी हूं. वो अमरीका आए और यहां के छोटे से दक्षिणी शहर में बस गए. साउथ कैरोलाइना के लोगों ने मुझे पहली अल्पसंख्यक और महिला गवर्नर बनाया.”

अमरीका की रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय कन्वेंशन में रिपब्लिकन नेता निकी हेली ने इन्हीं शब्दों के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ज़ोरदार समर्थन किया.

सोमवार को दिए गए लगभग साढ़े नौ मिनट के भाषण में उन्होंने घरेलू से लेकर विदेशी मसलों पर डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडन पर हमला बोला और डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तारीफ़ की.

उन्होंने 1984 में संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की राजदूत जीन कर्क पैट्रिक के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि तब से लेकर आज तक डेमोक्रेट्स अमरीका फ़र्स्ट (सबसे पहले अमरीकियों का हित) की नीति का विरोध करते रहे हैं.

निकी हेली ने अमरीका फ़र्स्ट की नीति के तहत उत्तर कोरिया, ईरान, इसराइल, और चीन के मसलों पर डोनाल्ड ट्रंप के फ़ैसलों और उपलब्धियों की तारीफ़ की.

उन्होंने कहा कि ''राष्ट्रपति ट्रंप ने मज़बूती और कामयाबी का रिकॉर्ड क़ायम किया है. पूर्व उप-राष्ट्रपति जो बाइडन ने कमज़ोरी और नाकामयाबी दिखाई है. वो ईरान और आईएसआईएस के लिए अच्छे, कम्युनिस्ट चीन के लिए महान और जो भी अमरीका को नीचा दिखाना व नुक़सान पहुंचाना चाहता था उसके लिए भगवान साबित हुए."

निकी के अनुसार, "डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के मामले में कमज़ोरी छोड़ उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए. ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को तोड़ा. वह चीन पर सख़्त हुए और आईएसआईएस पर जीत हासिल की. वो अर्थव्यवस्था के स्तर पर भी देश को आगे ले गए जबकि जो बाइडन पीछे."

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन,

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ साउथ कैरोलाइना की पूर्व गवर्नर निकी हेली

निकी हेली क्यों हैं अहम

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
पॉडकास्ट
दिन भर

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

ड्रामा क्वीन

समाप्त

भारतीय मूल की अमरीकी नागरिक निकी हेली को अमरीकी राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर चर्चा होती रही है लेकिन फ़िलहाल वो किसी भी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ रही हैं.

इसके बावजूद भी उन्हें अमरीकी चुनावों में ख़ास अहमियत मिल रही है. उन्हें पार्टी का महत्वपूर्ण चेहरा बनाकर पेश किया जा सकता है.

डेमोक्रेटिक पार्टी की उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस को इसकी वजह बताई जा रही है.

अमरीका में क़रीब 40 लाख 50 हज़ार भारतीय मूल के लोग रहते हैं. संख्या में कम होने के बावजूद उनका राजनीति में प्रभाव बढ़ता जा रहा है.

जो बाइडन के चुनाव अभियान के अनुसार अमरीका में क़रीब 13.1 लाख ऐसे अमरीकी भारतीय वोटर हैं जिनका रुझान आठ चुनाव क्षेत्रों में निर्णायक साबित हो सकता है.

वहीं, ट्रंप विक्ट्री इंडियन अमरीकन फाइनेंस कमेटी के एक आकलन के अनुसार, “भारतीय अमरीकी वोटर्स में से क़रीब आधे वोट बाइडन की बजाय ट्रंप के पक्ष में जा सकते हैं.”

ऐसे में दोनों पार्टियां भारतीय अमरीकी मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में हैं. भारतीय मूल की कमला हैरिस को चुनाव में उतारने की इसे प्रमुख वजह बताया जा रहा है.

रिपब्लिकन पार्टी ने माइक पेंस को फिर से उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है. लेकिन भारतीय अमरीकियों के मसले पर वो कमला हैरिस के लिए सीधी चुनौती नहीं बन सकते थे. ऐसे में रिपब्लिकन्स के लिए निकी हेली एक विकल्प बनकर सामने आई हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन,

अमरीका की डेमोक्रेटिक पार्टी की उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस

राष्ट्रीय कनवेन्शन में दिए गए निकी हेली के भाषण से भी इस बात के संकेत मिलते हैं.

कनवेन्शन में उन्होंने कहा, “अमरीका नस्लवादी है, ये कहना डेमोक्रेटिक पार्टी में फ़ैशन बन गया है. ये झूठ है. अमरीका नस्लवादी देश नहीं है. ये मेरा निजी अनुभव है. मैं भारतीय प्रवासियों की स्वाभिमानी बेटी हूं... मेरे पिता पगड़ी पहनते थे. मेरी मां साड़ी पहनती थीं. मैं काले और सफ़ेद लोगों के बीच एक ब्राउन लड़की थी.”

“हमने भेदभाव और मुश्किलों का सामना किया. लेकिन मेरे माता-पिता ने कभी शिकायत और नफ़रत नहीं की. मेरी मां ने एक सफल कारोबार बनाया. मेरे पिता ने 30 सालों तक ब्लैक कॉलेज में पढ़ाया और साउथ कैरोलाइना के लोगों ने मुझे पहली अल्पसंख्यक और महिला गवर्नर बनाया.”

निकी हेली ने अपने निजी अनुभवों के ज़रिए भारतीय अमरीकी पहचान को ख़ासतौर पर उभारा.

इमेज स्रोत, EPA

निकी उर्फ़ निम्रत रंधावा

48 साल की निकी हेली अमरीकी राजनीति में पहले से ही काफ़ी चर्चित रही हैं. वह ट्रंप प्रशासन में कैबिनेट रैंक हासिल करने वालीं भारतीय मूल की पहली महिला हैं.

अजीत सिंह रंधावा और राज कौर रंधावा की बेटी निकी हेली का जन्म 20 जनवरी, 1972 में साउथ कैरोलाइना के बैम्बर्ग में हुआ था. उनका पूरा नाम निम्रत निक्की रंधावा हेली है. वो पंजाब के सिख परिवार से हैं जो बाद में अमरीका में बस गया.

निकी हेली ने 1996 में माइकल हेली से शादी की जो बाद में सैन्य सेवाओं में चले गए. उनके दो बच्चे हैं.

अकाउंटिंग में बीएससी कर चुकीं निकी हेली शुरुआत से ही अपने परिवार की कंपनी के लिए अकाउंटिंग का काम करती थीं. वह लंबे समय तक अपनी मां की कंपनी ‘एक्ज़ॉटिका इंटरनेशनल’ में काफ़ी सक्रिय रहीं.

वह साल 2004 में नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ वुमन बिज़नस ओनर्स की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. इसके अलावा वो कारोबार और महिलाओं से जुड़ी अन्य संस्थाओं के साथ भी काम करती रही हैं.

निकी हेली ने क्रिश्चन धर्म अपना लिया लेकिन अपने माता-पिता की आस्था को देखते हुए वो सिख धर्म से जुड़ी सेवाओं में भी शामिल होती रहती हैं.

राजनीतिक सफ़र

निकी हेली कम उम्र में ही राजनीति में आ गई थीं. 2004 में वो अमरीकी राज्य साउथ कैरोलाइना से अमरीकी संसद में पहुँची थीं.

साल 2010 में निकी हेली ने अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाली पहली गवर्नर, साउथ कैरोलाइना की पहली महिला गवर्नर और अमरीका की सबसे युवा गवर्नर बनने का रिकॉर्ड बनाया. इसके बाद साल 2014 में उन्होंने एक बार फिर साउथ कैरोलाइना की गवर्नर बनने में सफलता पाई. वह 2017 तक इस पद पर रहीं.

2016 से रपब्लिकन पार्टी में उनकी जगह मज़बूत होना शुरू हुई. तब उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के स्टेट ऑफ़ द यूनियन एड्रेस पर प्रतिक्रिया देने के लिए चुना गया था. वो करों में कटौती, गर्भपात पर प्रतिबंध और आव्रजन क़ानूनों को प्रभावी तरीक़े से लागू करने के समर्थन में रही हैं.

उन्होंने जनवरी 2017 से दिसंबर 2018 तक ट्रंप प्रशासन में संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत के तौर पर काम किया. अपने इस्तीफ़े से पहले वो विवादों में घिर गई थीं. वो व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ सलाहकार से रूस पर पाबंदियों के बारे में दिए गए बयान पर उलझ गई थीं. इसके बाद उन्होंने एक विवादास्पद बयान दे दिया था.

वह डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से पहले उनकी आलोचक रही थीं. इसके बावजूद उन्हें अहम पद दिया गया और ट्रंप प्रशासन से उनकी नज़दीकी बनी रही.

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार कहा था, "निकी हेली मेरे लिए बहुत ख़ास रही हैं. उन्होंने बेहद शानदार काम किया है."

निकी हेली को लेकर ऐसी भी चर्चाएं हैं कि उन्हें अगले राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया जा सकता है.

इससे पहले भी साल 2018 में उनके राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की चर्चा हो चुकी है. लेकिन, तब हेली ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था.

तब उन्होंने कहा था कि वह 2020 में राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी करने नहीं जा रही हैं और अगले चुनाव में भी वह ट्रंप के लिए ही प्रचार करेंगी.

निकी हेली अब ट्रंप के लिए प्रचार कर भी रही हैं लेकिन क्या वो भारतीय मूल के लोगों को डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में एकजुट कर पाएंगी, ये देखना होगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)