तालिबान से पाकिस्तानी विदेश मंत्री की मुलाक़ात पर क्या बोला अफ़ग़ानिस्तान

शाह महमूद क़ुरैशी

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने अफ़ग़ान तालिबान के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात की है. मुलाक़ात के बाद क़ुरैशी ने कहा कि तालिबान से शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है.

मगर अफ़ग़ान सरकार ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापित करने के वादे को निभाने में पाकिस्तान अब तक नाकाम रहा है. अफ़ग़ान सरकार के एक प्रवक्ता ने पाकिस्तान से 'व्यावहारिक क़दम' उठाने के लिए कहा है.

अफ़ग़ानिस्तान में 19 साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए जल्द ही फिर से शांति वार्ता शुरू होने जा रही है. तालिबान नेताओं और पाकिस्तानी विदेश मंत्री की इस मुलाक़ात को इसी कड़ी में देखा जा रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के डायरेक्टर मुल्ला बरादर के साथ प्रतिनिधिमंडल सोमवार रात को पाकिस्तान पहुंचा था.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस मुलाक़ात के दौरान अफ़ग़ानिस्तान में शांति वार्ता को लेकर विचार साझा किए गए.

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क्या कहा क़ुरैशी ने

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान कहते रहे हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष का सैन्य हल नहीं हो सकता है और राजनीतिक वार्ता ही एकमात्र रास्ता है.

दो घंटे चली वार्ता के बाद क़ुरैशी ने पत्रकारों से कहा, 'तालिबान नेतृत्व को लगता है कि पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान में शांति लाने में अहम भूमिका निभाई है.'

क़ुरैशी ने कहा कि दोहा में अमरीका और तालिबान के बीच हुए शांति समझौते को भी लागू किया जाना चाहिए. इसमें कुछ अवरोध हैं जो बातचीत से हटाए जा सकते हैं.

पाकिस्तान ने तालिबान से अफ़ग़ानिस्तान सरकार के साथ शांति समझौता करने का आह्वान भी किया है. तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान सरकार के बीच शांति वार्ता में क़ैदियों की रिहाई के मुद्दे को लेकर देर हो रही है.

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अफ़ग़ान सरकार की प्रतिक्रिया

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माना जाता है कि पाकिस्तान का तालिबान पर ख़ासा प्रभाव है और वो शांति वार्ता में अहम भूमिका निभा सकता है.

वहीं अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तालिबान को लेकर रिश्ते बहुत अच्छे नहीं है.

अफ़ग़ानिस्तान सरकार पाकिस्तान पर तालिबान को मज़बूत करने का आरोप लगाती रही है. हालांकि, पाकिस्तान इन आरोपों को ख़ारिज करता रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति के प्रवक्ता सिद्दीक़ सिद्दीक़ी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा है, 'अफ़ग़ानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान अपने वादे निभाने में नाकाम रहा है. हम उम्मीद करते हैं कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तानी सरकार व्यावहारिक क़दम उठाए और अफ़ग़ानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग करे.'

हाल के दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा तेज़ हुई है. मंगलवार को ही चर्चित फ़िल्म अभिनेत्री और निर्देशक सबा सहर पर हमला किया गया है. वहीं देश के दक्षिणी इलाक़े में एक सैन्य अड्डे पर हुए हमले में तीन लोग मारे गए हैं.

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