तुर्की को बातचीत का रास्ता समझ में नहीं आता, कार्रवाई चाहता है : फ़्रांस

तुर्की और फ़्रांस

तुर्की ने कहा है कि क्रीट द्वीप से ग्रीस के छह एफ़-16 जंगी जहाज़ों ने उस इलाक़े में घुसने करने की कोशिश की जहां तुर्की अपना ड्रिलिंग का काम कर रहा है, लेकिन तुर्की के एफ़-16 जंगी जहाज़ों ने उन्हें रोक दिया.

तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार शाम इससे संबंधित वीडियो जारी किया है. तुर्की का दावा है कि वीडियो में यूनान के लड़ाकू विमानों को गैस खोजने के अभियान में लगे तुर्की के जहाज़ के नज़दीक आते देखा जा सकता है.

हालांकि ग्रीस के मीडिया ने तुर्की पर आरोप लगाते हुए कहा है कि क्रीट में बेस पर लौट रहे उसके एफ़-16 विमानों का रास्ता तुर्की के फाइटर जेट ने रोका.

दोनों देश नेटो के सदस्य हैं. हाल में भूमध्यसागर में तुर्की के गैस भंडार खोजने के अभियान से दोनों के बीच तनाव बढ़ गया है. इस इलाक़े के गैस भंडारों पर अधिकार और देशों के कॉन्टिनेल्टल शेल्फ़ को लेकर विवाद है.

इन मुद्दों को लेकर ग्रीस लगातार तुर्की का विरोध करता रहा है और इस मामले में फ़्रांस उसके साथ है.

इसी सप्ताह जहां तुर्की ने समुद्र में गैस के भंडार खोजने के लिए सर्वे करने वाला अपना जहाज़ ओरुक रीज़ पूर्वी भूमध्यसागर में भेजा है, वहीं पूर्वी भूमध्यसागर में फ़्रांस, ग्रीस, इटली और साइप्रस का साझा सैन्य अभ्यास भी इसी सप्ताह शुरू हुआ है.

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तुर्की पर यूरोपीय संघ लगा सकता है प्रतिबंध

शुक्रवार को यूरोपीय संघ ने तुर्की को चेतावनी दी और कहा कि अगर पूर्वी भूमध्यसागर में ग्रीस और साइप्रस के साथ तनाव कम करने की तुर्की ने कोशिश नहीं की तो उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

संघ के कूटनीति मामलों के प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा कि संघ चाहता है कि "बातचीत के ज़रिए मामले का हल निकले," लेकिन इस मामले में ईयू ग्रीस और साइप्रस के साथ है जिन्होंने इलाक़े में सैन्य गतिरोध की आशंका जताई है.

बर्लिन में शुक्रवार को यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक हुई जिसमें तुर्की के ड्रिलिंग अभियान से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगाने की साइप्रस की गुज़ारिश पर सदस्यों देशों में सहमति बनी. पूर्वी भूमध्यसागर के जिस इलाक़े में तुर्की ड्रिलिंग का काम कर रहा है, साइप्रस उस पर अपना दावा करता है.

जोसेप बोरेल ने तुर्की से कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़े. इसके लिए "तुर्की को किसी तरह की एकतरफ़ा कार्रवाई से बचना चाहिए." इलाक़े में शांति कायम करने के लिए इस बातचीत की मध्यस्थता जर्मनी करना चाहता है.

बोरेल ने कहा, "इस बात पर सहमति बन गई है कि अगर तुर्की इस मामले में अपने क़दम आगे नहीं बढ़ाता तो उस पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों की एक सूची तैयार की जाएगी जिस पर सितंबर 24-25 को होने वाली यूरोपीय काउंसिल की बैठक में चर्चा की जाएगी."

संभावित प्रतिबंधों के बारे में जानकरी देते हुए बोरेल ने कहा कि ड्रिलिंग का काम करने वाले जहाज़ पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, साथ ही यूरोपीय संघ के बंदरगाहों के इस्तेमाल और ड्रिलिंग के काम से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

हालांकि उन्होंने ये भी कहा तुर्की की ड्रिलिंग रोकने को लेकर दूसरे क़दम अगर कारगर नहीं हुए तो प्रतिबंध लागू कर दिए जाएंगे.

फ़्रांस ने भी की तुर्की के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की मांग

पूर्वी भूमध्यसागर में तुर्की के जहाज़ के आगे बढ़ने को लेकर फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को कहा कि तुर्की अपने ख़िलाफ़ कार्रवाई चाहता है, वो बातचीत का रास्ता समझना नहीं चाहता.

फ़्रांस भी नेटो का सदस्य है. हाल में नेटो और लीबिया में तुर्की की भूमिका और भूमध्यसागर में गैस रिज़र्व को लेकर उसकी महत्वाकांक्षा को लेकर फ़्रांस ने तुर्की का विरोध किया है.

मैक्रों ने कहा है कि साइप्रस के पास मौजूद गैस के भंडार को लेकर हो रहे विवाद में और साइप्रस के कॉन्टिनेन्टल शेल्फ़ की सुरक्षा पर यूरोपीय संघ को ग्रीस और साइप्रस का साथ देना चाहिए. उन्होंने कहा कि संघ को इस मामले को लेकर प्रतिबंध लगाने के बारे में सोचना चाहिए. हालांकि संघ के सदस्यों में इस मुद्दे को लेकर अभी मतभेद हैं.

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फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों

मैक्रों ने कहा, "जब बात भूमध्सामगरीय देशों की संप्रभुता की आती है तो फ़्रांस ने अपनी कथनी और करनी में फ़र्क़ नहीं रखा है."

कुछ महीनों पहले सीरिया में मौजूद संदिग्ध रसायनिक हथियारों के ठिकानों पर फ़्रांस ने हवाई हमले किए थे. इस बात की ओर इशारा करते हुए मैक्रों ने कहा, "मैं आपको बता सकता हूं कि तुर्की इसी बात को समझता है. अगर आप चेतावनी देंगे लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं करेंगे तो इससे कोई लाभ नहीं होगा."

इसी साल जून में लीबिया को हथियार बेचने को लेकर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के मद्देनज़र फ़्रांस ने तुर्की के जहाज़ की जांच करने की कोशिश की थी, इसी घटना के बाद से फ़्रांस और तुर्की के बीच विवाद ने तूल पकड़ा था.

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तुर्की का जहाज़ ओरुक रीज़ (फ़ाइल तस्वीर)

मैक्रों का कहना है तुर्की अपनी हरकतों से यूरोपीय संघ को उकसा रहा है. उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि तुर्की ने हाल के वक़्त में जो रणनीति अपनाई है वो किसी नेटो सदस्य की रणनीति नहीं हो सकती. वो यूरोपीय संघ में शामिल दो देशों की संप्रभुता और उनके स्पेशल इकनॉमिक ज़ोन पर हमला कर रहा है."

"अगर हम अपने सदस्यों की संप्रभुता की रक्षा नहीं कर पाते तो हम बेलारूस के मामले में स्थिति संभालने में हमारी क्या विश्वसनीयता होगी?"

हालांकि इस पूरे मामले में यूरोपीय संघ के एक अहम सदस्य जर्मनी का कहना है कि इस मामले को सुलझाने के लिए तुर्की और ग्रीस को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए.

जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास से चर्चा करने के बाद मंगलवार को तुर्की और यूनान के विदेश मंत्रियों ने आपस में बात की थी. लेकिन मामला सुलझने की बजाय उस वक्त औऱ भी उलझ गया जब दोनों से कहा कि वो भूमध्यसागर के इलाक़े में अपने हक़ों की रक्षा करेंगे.

इसके बाद शुक्रवार को मैक्रों ने कहा "जर्मनी और दूसरे देश अब इस बात से सहमत होंगे कि तुर्की का एजेंडा सही नहीं है. छह महीने पहले कहा जा रहा था कि फ़्रांस बिना वजह तुर्की पर आरोप लगा रहा है, लेकिन अब सभी को दिख रहा है कि वाक़ई वो एक समस्या है."

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तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआ

इस मुद्दे पर तुर्की की प्रतिक्रिया

इसके जवाब में तुर्की के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हामी अक्सोय ने कहा है कि "तुर्की बातचीत से हल निकालने का समर्थक है, लेकिन प्रतिबंधों की भाषा से समस्या हल नहीं होगी. इससे देश का इरादा और मज़बूत होगा."

उन्होंने कहा, "अगर यूरोपीय संघ पूर्वी भूमध्यसागर की समस्या का हल चाहता है तो उसे बिना किसी का पक्ष लिए काम करना होगा और एक ईमानदार मध्यस्थ की भूमिका निभानी होगी."

इस मुद्दे को लेकर तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने नेटो प्रमुख जेन्स स्टोल्टेनबर्ग से फ़ोन पर बात की.

उन्होंने कहा, "नेटो को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों की अवमानना करने वाले और इलाक़े में शांति को भंग करने वाले एकतरफ़ा क़दमों का विरोध करना चाहिए."

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तुर्की और ग्रीस के बीच बढ़ते झगड़े में कौन देश किसके साथ है?

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