चीन राष्ट्रीय दिवस: कोरोना काल में सैर-सपाटे पर निकल सकते हैं लाखों लोग

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एक ओर जहाँ दुनिया के कई देश कोरोना वायरस महामारी से त्रस्त हैं, वहीं चीन कोविड-19 को काबू में करने के बाद अपना 71वाँ राष्ट्रीय दिवस मना रहा है.

ऐसे समय में, जब स्पेन और यूके जैसे देश कोरोना प्रभावित इलाक़ों में एक बार फिर लॉकडाउन लागू कर रहे हैं, चीन के लोग एक सप्ताह के सैर-सपाटे की तैयारियों में जुटे हैं.

दरअसल, 1 अक्तूबर 1949 को नए चीन की स्थापना हुई थी, इस लिहाज़ से अक्तूबर का पहला सप्ताह (गोल्डन वीक) चीन में बहुत ख़ास माना जाता है. इस दौरान तमाम कार्यालय व दफ़्तर बंद रहते हैं और लोग सैर-सपाटे के लिए निकल पड़ते हैं.

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वुहान शहर में राष्ट्रीय दिवस का जश्न मनाते लोग. चीन के वुहान शहर से ही कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई थी

राष्ट्रीय दिवस की छुट्टियों को चीन में साल का सबसे व्यस्त समय माना जाता है. क़रीब आठ दिन की छुट्टियाँ होने की वजह से इस साल भी पार्कों, दर्शनीय स्थलों में लोगों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है.

चीन प्रशासन के अनुसार, हाल के महीनों में आम जीवन सामान्य स्थिति की ओर लौट पाया है और अगर हर साल की तरह, इस बार भी राष्ट्रीय दिवस की छुट्टियों के दौरान लोग अपने घरों से निकलते हैं, तो चीनी अर्थव्यवस्था को इससे काफ़ी मदद मिलेगी.

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चीन के पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल लोगों की यात्राओं से चीन सरकार को क़रीब 700 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी.

चीनी पर्यटन एजेंसियों का अनुमान है कि "इस साल, सामान्य वर्षों की तुलना में कम से कम 70 फ़ीसद आमदनी ज़रूर होनी चाहिए."

जानकार कहते हैं कि दुनिया के किसी भी हिस्से में छुट्टियों के नाम पर एक साथ इतने सारे लोगों की आवाजाही नहीं होती, जितनी चीन के राष्ट्रीय दिवस पर मिलने वाली छुट्टियों में होती है.

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पिछले सप्ताह ही चीन के पर्यटन मंत्रालय ने आदेश दिया कि "गोल्डन वीक के दौरान सभी दर्शनीय स्थलों की क्षमता 75 प्रतिशत तक सीमित रखी जाये, जो पिछले महीने तक 50 प्रतिशत से कम थी."

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के क़रीब 1500 पर्यटन स्थलों के टिकट या तो मुफ़्त कर दिये गए हैं या फिर उन पर भारी छूट दी जा रही है.

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इससे यह स्पष्ट है कि चीन की सरकार इस बड़े मौक़े को हाथ से नहीं जाने देना चाहती. ख़ासकर तब, जब चीन में कोरोना संक्रमण के स्थानीय मामले लगभग ना के बराबर रह गए हैं. साथ ही चीन ने अपनी सीमाएं बहुत सख़्ती के साथ सील की हुई हैं.

दिसंबर 2019 में चीन के अंदर कोरोना संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि हुई थी और मार्च (2020) अंत तक चीनी प्रशासन ने कहा कि उन्होंने इस महामारी पर पर्याप्त नियंत्रण कर लिया था. हालांकि, इसके बाद भी चीन के कुछ हिस्सों में कोरोना संक्रमण के मामले पाये जाते रहे, लेकिन कहीं भी स्थिति बेकाबू नहीं हुई.

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चीन के स्थानीय मीडिया के अनुसार, अब क़रीब आठ महीने से चीन की अधिकांश आबादी पर कोरोना महामारी से संबंधित किसी तरह का प्रतिबंध लागू नहीं है. हालांकि, ट्रेन या हवाई जहाज़ से यात्रा करने और कुछ शहरों में आने-जाने से संबंधित दिशानिर्देश फ़िलहाल लागू हैं.

चीन सरकार को यह ख़तरा भी है कि राष्ट्रीय दिवस के दौरान हॉन्ग-कॉन्ग में लोकतंत्र समर्थक बड़े प्रदर्शन आयोजित करने की कोशिश कर सकते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए चीन प्रशासन ने गुरुवार सुबह से ही हॉन्ग-कॉन्ग शहर में सैनिकों की भारी तैनाती कर दी है.

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हॉन्ग-कॉन्ग में चीन समर्थक राष्ट्रीय दिवस पर चीन का झंडा फहराते हुए

इस सप्ताह की शुरुआत में ही साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट अख़बार ने रिपोर्ट प्रकाशित की थी कि हॉन्ग-कॉन्ग में राष्ट्रीय दिवस के समय क़रीब छह हज़ार पुलिस अफ़सर तैनात रहेंगे.

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चीन द्वारा हॉन्ग-कॉन्ग पर थोपे गये विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून को लेकर स्थानीय लोगों में नाराज़गी है और इस क़ानून के ख़िलाफ़ हॉन्ग-कॉन्ग के लोग पहले भी विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं. 2019 में उन विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था.

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