इमरान ख़ान पर पाकिस्तान को एकदलीय शासन व्यवस्था बनाने का आरोप- उर्दू प्रेस रिव्यू

  • इक़बाल अहमद
  • बीबीसी संवाददाता
केनेथ एफ़ मैकेंज़ी

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते उपचुनाव और सीनेट के चुनाव से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं. सबसे पहले बात अमेरिकी सेना के सेन्ट्रल कमांड (सेंटकॉम) के नए प्रमुख केनेथ एफ़ मैकेंज़ी के पाकिस्तान दौरे की.

अमेरिकी सेंटकॉम के प्रमुख और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के अफ़ग़ानिस्तान के लिए विशेष दूत ने इस हफ़्ते पाकिस्तान का दौरान किया और विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी तथा पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा से मुलाक़ात की.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार इन दोनों की पाकिस्तान यात्रा ऐसे समय में हुई है जब नया अमेरिकी प्रशासन और नेटो सेना फ़रवरी 2020 में तालिबान के साथ हुए समझौते पर अमल करने से कतरा रहे हैं.

अख़बार के अनुसार अमेरिका और रूस के इन दो प्रमुख अधिकारियों का पाकिस्तान दौरा कमज़ोर होती अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया को दोबारा बहाल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

अमेरिका और तालिबान में इस बात को लेकर मतभेद पैदा हो गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध कैसे समाप्त होगा.

अफ़ग़ानिस्तान के लिए पुतिन के विशेष दूत ज़ामिर क़ाबलूफ़ ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री और सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा से मुलाक़ात की.

अमेरिकी सेंटकॉम के प्रमुख जनरल केनेथ एफ़ मैकेंज़ी ने भी जनरल बाजवा से मुलाक़ात की और कहा कि अफ़ग़ानिस्तान युद्ध का सियासी हल निकालना हद से ज़्यादा ज़रूरी है.

जनरल बाजवा ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति को बढ़ावा देने की कोशिशों को पाकिस्तान विशेष अहमियत देता है.

अख़बार के अनुसार अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने इस बातचीत के दौरान दहशतगर्दी के ख़िलाफ़ जंग और इस क्षेत्र में स्थिरता क़ायम रखने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों को सराहा.

अख़बार के अनुसार पुतिन के विशेष दूत ने भी अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान के सकारात्मक भूमिका की सराहना की.

इस दौरान इस बात पर सहमति जताई गई कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान और रूस के संबंध और बेहतर होंगे.

इस दौरान जनरल बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में शांति पूरे क्षेत्र के फ़ायदे में है.

इस हफ़्ते पाकिस्तान में कुल आठ सीटों के लिए उपचुनाव हुए. दो नेशनल एसेंबली के लिए और छह प्रांतीय एसेंबली के लिए चुनाव हुए.

सरकार और विपक्ष का एक-दूसरे पर हमले जारी

अख़बार दुनिया के अनुसार प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि पाकिस्तान एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, एक तरफ़ पाकिस्तान की जनता है और दूसरी तरफ़ डाकू माफ़िया हैं. इमरान ख़ान ने विश्वास जताया कि आख़िर में जीत पाकिस्तान की होगी.

इमरान ख़ान ने कहा, "विपक्षी पार्टियां हर जगह सरकार को शिकस्त देने में नाकाम हो गई हैं. अब ये सोच रहें हैं कि सीनेट के चुनाव में हमारे लोगों को ख़रीदकर किसी तरह अपने ज़्यादा सिनेटर्स ले आएं. ये कौन सा लोकतंत्र है, लोकतंत्र में भी कोई पैसा देकर आता है?"

इमरान ख़ान ने कहा, "नेताओं को ख़रीदने और सीनेटर बनने के लिए क़ीमतें लगी हुईं हैं और यह मंडी अभी से नहीं लगी बल्कि 30 साल से यह सांसदों को ख़रीदते आ रहे हैं. हम कह रहे हैं कि सांसद बताएं कि वो किनको वोट दे रहे हैं, लेकिन सारी विपक्षी पार्टियां कह रहीं हैं कि ख़ुफ़िया वोट दो. हालांकि पहले यह सब ख़ुद कहते थे कि ओपन बैलेट होना चाहिए तो फिर अब उनमें यह बदलाव कैसे आया?"

सीनेट का चुनाव ख़ुफ़िया बैलट या ओपन बैलट से होगा, यह मामला फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट में है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई के दौरान कहा कि वोट को ख़ुफ़िया रखना जुर्म को बढ़ावा देना है.

सुनवाई के दौरान चीफ़ जस्टिस गुलज़ार अहमद ने कहा कि पाकिस्तानी संविधान में सीनेट चुनाव के दौरान ख़ुफ़िया बैलेट का कोई ज़िक्र नहीं है.

चीफ़ जस्टिस ने कहा कि अफ़सोस है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और मुस्लिम लीग (नवाज़) अपने ही वादे से पीछे हट गए.

पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन सीनेट की 48 सीटों के लिए तीन मार्च को चुनाव होने वाले हैं.

सभी प्रमुख पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है और कई उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भी कर दिया है.

पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी इस्लामाबाद से विपक्षी पार्टियों के समूह पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के संयुक्त उम्मीदवार होंगे.

इमरान ख़ान पाकिस्तान को वन पार्टी स्टेट बनाना चाहते हैं

अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान के पूर्व गृहमंत्री और मुस्लिम लीग (नवाज़) के वरिष्ठ नेता अहसन इक़बाल ने कहा है कि इमरान ख़ान पाकिस्तान को वन पार्टी स्टेट बनाना चाहते हैं.

अहसन इक़बाल ने यह बयान आठ सीटों के लिए हुए उपचुनाव के दौरान हुई कथित धांधलियों के संदर्भ में कहीं.

इसी हफ़्ते पाकिस्तान में दो नेशनल एसेंबली और छह प्रांतीय एसेंबली की सीटों के लिए उपचुनाव हुए थे.

सरकार और विपक्ष ने डसका सीट के लिए हुए उपचुनाव के दौरान एक दूसरे पर कथित धांधली के आरोप लगाए हैं.

वोटिंग के दौरान एक पोलिंग स्टेशन पर फ़ायरिंग हुई जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में एक मुस्लिम लीग (नवाज़) कार्यकर्ता और दूसरा पीटीआई के कार्यकर्ता थे.

उपचुनाव के वोटों की गिनती जारी है और अब तक मिली ख़बर के अनुसार मुस्लिम लीग (नवाज़) ने दो और पाटीआई ने एक सीट पर जीत हासिल कर ली है.

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