मिस्र के स्वेज़ नहर में मालवाहक जहाज़ फँसा, आवाजाही ठप

स्वेज़ नहर (फ़ाइल फोटो)

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मिस्र की स्वेज़ नहर के आसपास उस समय कार्गो जहाज़ों की आवाजाही रुक गई, जब एक बड़ा कंटेनर जहाज़ नियंत्रण खोने के बाद वहाँ रेत में फँस गया.

400 मीटर लंबे (1312 फ़ीट) और 59 मीटर चौड़े जहाज़ एवर गिवेन को वहाँ से हटाने के लिए कई जहाज़ों को लगाया गया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है ये जहाज़ वहाँ कई दिनों तक फँसा रह सकता है.

ये घटना मंगलवार सुबह स्वेज़ बंदरगाह के उत्तर में हुई. ये जलमार्ग भूमध्यसागर को लाल सागर से जोड़ता है, जो एशिया और यूरोप के बीच सबसे छोटा समुद्री लिंक है.

एवर गिवेन नाम का ये कंटेनर शिप पनामा में रजिस्टर्ज है.

ये जहाज़ चीन से नीदरलैंड्स के बंदरगाह शहर रोटेरडम जा रहा था. इसी क्रम में ये जहाज़ उत्तर में भूमध्यसागर की ओर जाते समय स्वेज़ नहर से होकर गुज़र रहा था.

स्थानीय समय के अनुसार मंगलवार, सुबह 7:40 बजे ये जहाज़ वहाँ फँस गया.

वर्ष 2018 में निर्मित और ताइवान की ट्रांसपोर्ट कंपनी एवरग्रीन मरीन की ओर से संचालित ये जहाज़ नियंत्रण खोने के बाद वहाँ फँस गया और इस कारण वहाँ से गुज़रने वाले कई जहाज़ों का रास्ता अवरुद्ध हो गया.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, एवरग्रीन मरीन का कहना है कि शायद अचानक आई तेज़ हवा के कारण हुआ.

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असर

मंगलवार को इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर पोस्ट की गई है. इस तस्वीर के बारे में कहा जा रहा है कि इसे एवर गिवेन के पीछे आ रहे दूसरे मालवाहक जहाज़ द मेर्स्क डेनवर से लिया गया है. तस्वीर में फँसा हुआ जहाज़ देखा जा सकता है और साथ ही नहर के किनारे बालू निकालने वाला छोटा सा यंत्र भी देखा जा सकता है.

अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना राज्य में स्थित समुद्री इतिहासकार डॉक्टर साल मर्कोग्लियानो ने बीबीसी को बताया कि इस तरह की घटनाएँ दुर्लभ हैं, लेकिन वैश्विक व्यापार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.

उन्होंने बताया कि स्वेज़ नहर में फँसने वाले ये सबसे बड़ा जहाज़ है. उन्होंने ये भी कहा कि ये जहाज़ किनारे आकर फँस गया और इसने अपना पॉवर खो दिया और फिर जहाज़ वहाँ से चल नहीं पाया.

मार्कोग्लियानो ने कहा कि अगर जहाज़ को वहाँ से अगर नहीं निकाला गया, तो उन्हें जहाज़ पर लदे सामान को निकालना शुरू करना पड़ेगा.

कई दिन लग सकते हैं

स्वेज़ नहर अथॉरिटी के एक अधिकारी के हवाले से कायरो 24 न्यूज़ ने बताया है कि एवर गिवेन को निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान वहाँ से बड़ी मात्रा में रेत को निकालना पड़ सकता है और इस काम में कई दिन लग सकते हैं.

वर्ष 2017 में एक जापानी जहाज़ ने स्वेज़ नहर का रास्ता रोक दिया था. लेकिन मिस्र के अधिकारियों ने इसे निकालने के लिए जहाज़ तैनात किए और कुछ घंटों में इसे वहाँ से हटा दिया गया.

स्वेज़ नहर मिस्र में स्वेज इस्थमस को पार करती है. ये लगभग 193 किमी (120 मील) लंबा है और इसमें तीन प्राकृतिक झीलें शामिल हैं.

वर्ष 2015 में, मिस्र की सरकार ने स्वेज़ नहर का विस्तार किया था. इस विस्तार के कारण जलमार्ग को और गहरा किया गया और वहाँ से गुज़रने वाले जहाज़ों को 35 किलोमीटर का एक समानान्तर चैनल प्रदान किया गया.

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