कोरोना की मार लेकिन पाकिस्तान की विकास दर उम्मीद से कहीं ज़्यादा: पाकिस्तान से उर्दू प्रेस रिव्यू

  • इक़बाल अहमद
  • बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान

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कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बावजूद पाकिस्तान के लिए अच्छी ख़बर यह है कि उसकी आर्थिक विकास दर 3.94 प्रतिशत रही है.

अख़बार 'एक्सप्रेस' के अनुसार शुक्रवार को नेशनल अकाउंट्स कमेटी ने दावा किया कि चालू वित्त वर्ष में पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की विकास दर 3.94 प्रतिशत रही है.

अख़बार के अनुसार ख़ुद पाकिस्तान की सरकार और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के अपने अनुमान से यह कहीं ज़्यादा है. पाकिस्तान में पिछले साल आर्थिक विकास दर 0.47 प्रतिशत थी.

पाकिस्तान की सरकार ने इस वित्त वर्ष की शुरुआत में अनुमान लगाया था कि 2.1 फ़ीसद विकास दर होगी, जबकि आईएमएफ़ ने 2.0 फ़ीसद और वर्ल्ड बैंक ने अनुमान लगाया था कि पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था 1.5 फ़ीसद की दर से बढ़ेगी.

इस पर ख़ुशी जताते हुए प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि "कोरोना के बावजूद बुलंद जीडीपी ग्रोथ हमारी कामयाब आर्थिक नीतियों की अक्कासी है."

पाकिस्तान के योजना मंत्री असद उमर ने कहा कि कोरोना के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों के बावजूद 3.94 प्रतिशत की विकास दर इमरान ख़ान की सरकार की सफलता का सुबूत है.

असद उमर ने कहा कि जीडीपी में इस बढ़ोत्तरी के कारण पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति आय 1,361 डॉलर से बढ़कर 1,541 डॉलर हो गई है.

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इमरान ख़ान के लिए यह बहुत राहत की बात होगी क्योंकि ये आँकड़े ऐसे समय में आये हैं जब पूरा विपक्ष उनपर आरोप लगाता रहा है कि उन्होंने पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है.

हालांकि, इन आँकड़ों के बावजूद विपक्ष का हमला जारी है. अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के अनुसार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने कहा कि इमरान ख़ान ने दूसरों की योजनाओं पर अपनी तख़्ती लगाने के सिवा कुछ नहीं किया. बिलावल ने कहा कि आर्थिक विकास दर के बढ़ने का दावा कर रहे इमरान ख़ान को आम आदमी का ध्यान नहीं है.

बिलावल के अनुसार आम आदमी की क्रय-शक्ति लगातार कम होती जा रही है.

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पाकिस्तान और चीन की दोस्ती के 70 साल

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दो देश,दो शख़्सियतें और ढेर सारी बातें. आज़ादी और बँटवारे के 75 साल. सीमा पार संवाद.

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पाकिस्तान और चीन की दोस्ती के 70 साल पूरे हो गये हैं. शुक्रवार को इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित हुए.

अख़बार 'जंग' के अनुसार इमरान ख़ान ने चीन की मदद से तैयार होने वाले 1100 मेगावाट के कराची न्यूक्लियर पावर प्लांट (K-2) का उद्घाटन किया.

इस अवसर पर इमरान ख़ान ने कहा कि चीन ने हर ज़रूरत में पाकिस्तान का साथ दिया है और पाकिस्तान को चीन की 70 वर्षों पुरानी दोस्ती पर गर्व है.

इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान और चीन की दोस्ती की जड़ें अवाम में गहरी हो रही हैं.

इस मौक़े पर उन्होंने पाकिस्तान में फैले भ्रष्टाचार की भी जमकर आलोचना की. उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बनाई गई संस्था नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (नैब) 23 साल से काम कर रही है, लेकिन वो भ्रष्टाचार पर क़ाबू नहीं पा सकी है."

इमरान ख़ान का कहना था कि "हम छोटे लोगों पर हाथ डालते हैं, जबकि भ्रष्टाचार बड़े लोगों पर हाथ डालने से ख़त्म होगा."

उन्होंने कहा कि इस मामले में चीन से सीखा जा सकता है. इमरान ख़ान ने कहा कि "चीन के एक पूर्व राजदूत ने उन्हें बताया था कि चीन में मंत्री स्तर के क़रीब 425 लोगों को भ्रष्टाचार के मामले में सज़ा दी जा चुकी है."

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कश्मीर: इमरान ख़ान ने कहा, भारत पाँच अगस्त के फ़ैसले पर फिर सोचे

इमरान ख़ान ने कहा है कि "वो भारत समेत अपने सभी पड़ोसियों से शांतिपूर्ण और सहयोग पर आधारित संबंध चाहते हैं."

अख़बार 'दुनिया' के अनुसार शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान भारत का ख़ास ज़िक्र करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "इसके लिए भारत को कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन को बंद करना होगा और 5 अगस्त के एकतरफ़ा फ़ैसले पर पुनर्विचार करना होगा."

भारत ने 5 अगस्त, 2019 को भारत प्रशासित कश्मीर को भारतीय संविधान के अनुच्छेद-370 के तहत मिलने वाले विशेष दर्जे को ख़त्म कर दिया था और कश्मीर से राज्य का दर्जा छीनकर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में तब्दील कर दिया था.

भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चले आ रहे ख़राब संबंधों को भारत सरकार के इस क़दम ने और ज़्यादा ख़राब कर दिया है.

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फ़लस्तीनियों के समर्थन में पूरा पाकिस्तान

इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में पाकिस्तान के सभी राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठन फ़लस्तीनियों के समर्थन में थे.

11 दिन तक चली हिंसा के दौरान पाकिस्तान के लगभग हर शहर में बड़ी-बड़ी रैलियाँ निकाली गईं और अंतरराष्टीय जगत से अपील की गई कि वो फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ होने वाली हिंसा को रोकें.

इसराइल और हमास के बीच युद्ध-विराम लागू होने के बाद पाकिस्तान में भी जश्न मनाया गया.

प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक वीडियो संदेश में कहा कि वो वक़्त जल्द आयेगा जब फ़लस्तीनियों को अपना मुल्क मिलेगा.

अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के अनुसार फ़लस्तीनियों से अपना समर्थन जताने के लिए पूरा पाकिस्तान एक हो गया, यहाँ तक कि राजनीतिक दलों के समर्थकों ने भी अपने आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ रैलियों और जलसों में हिस्सा लिया.

एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा, "फ़लस्तीनी अवाम की आज़माइश की इस घड़ी में पूरा पाकिस्तान साथ खड़ा है. आज़ाद फ़लस्तीन क़ायम किए बग़ैर स्थायी शांति क़ायम नहीं हो सकती. मुस्लिम देशों को फ़लस्तीन की समस्या के समाधान के लिए मिलकर काम करना होगा."

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फ़लस्तीनियों के समर्थन में आयोजित रैली में धमाका, सात की मौत

अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के अनुसार शुक्रवार को बलूचिस्तान के चमन ज़िले में फ़लस्तीनियों के समर्थन में निकाली गई एक रैली में धमाका हुआ, जिसमें कम से कम सात लोग मारे गए और 14 घायल हो गए.

जमीयत-उलेमा-इस्लाम के नेता क़ादिर लोनी के नेतृत्व में रैली निकाली गई थी.

धमाका क़ादिर लोनी की गाड़ी के पास रखी एक मोटरसाइकिल में हुआ, लेकिन क़ादिर लोनी को मामूली चोटें आईं और वो बच गए.

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