तुर्की क्या तालिबान के रवैए के कारण अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने पर विवश हुआ है?

तुर्की एयरलाइंस

इमेज स्रोत, Reuters

अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने के फ़ैसले के एक दिन बाद तुर्की ने अपने सैनिकों के पहले ग्रुप को वहाँ से बाहर निकाल लिया है.

एक निजी टीवी चैनल एनटीवी ने ख़बर दी कि अफ़ग़ानिस्तान से तुर्की के 345 सैनिक राजधानी अंकारा पहुँच गए हैं.

चैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "अफ़ग़ानिस्तान से निकाले गए तुर्की के सैनिकों को लेकर पहला विमान अंकारा में उतर चुका है."

तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार देर शाम यह घोषणा की थी कि अफ़ग़ानिस्तान से तुर्की के सैनिकों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

राष्ट्रपति के प्रवक्ता इब्राहिम कलिन ने उम्मीद जताई कि तुर्की के सभी सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान से अगले 24 से 36 घंटे में बाहर निकाल लिया जाएगा.

नेटो के हिस्से के रूप में अफ़ग़ानिस्तान में तुर्की के 500 से अधिक सैनिक तैनात थे. लेकिन जंग में उनकी कोई भूमिका नहीं थी बल्कि वो नेटो की दूसरी योजनाओं में हिस्सा लेते रहे हैं.

तालिबान के काबुल पर क़ब्ज़े से पहले इस महीने की शुरुआत में ये कहा जा रहा था कि अफ़ग़ानिस्तान से नेटो के सैनिकों की वापसी के बाद तुर्की वहाँ अपने सैनिकों को तैनात रखने की योजना पर काम कर रहा है. लेकिन आखिर अब क्या हुआ कि तुर्की को अफ़ग़ानिस्तान छोड़ना पड़ रहा है?

इमेज स्रोत, EPA

एयरपोर्ट की सुरक्षा तुर्की को सौंपे जाने की चल रही थी बात

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच ब्रसेल्स में हुई मुलाक़ात के बाद तुर्की के सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान में बनाए रखने का मुद्दा एजेंडा में आया था.

14 जून को ब्रसेल्स में हुई इस मुलाक़ात में काबुल के हवाई अड्डे की सुरक्षा तुर्की की फ़ौज के हवाले करने की योजना पर बात हुई थी.

यहाँ तक कि अफ़ग़ानिस्तान सरकार भी तालिबान के आने से पहले तक काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा ज़िम्मेदारी तुर्की को सौंपे जाने की बात कर रही थी.

वीडियो कैप्शन,

काबुल की कमान तालिबान के हाथों में आने पर क्या बोला इस्लामिक स्टेट?

तुर्की में अफ़ग़ानिस्तान के दूत अमीन मुहम्मद रामीन ने 13 अगस्त को कहा था कि तुर्की की सेना हवाई अड्डे की अंदरूनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारियाँ अदा करेगी, जबकि अफ़ग़ान सेना हवाई अड्डे की बाहर की सुरक्षा का ज़िम्मा देखेगी.

तुर्की के लगभग 600 सैनिक काबुल के हामिद करज़ई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सुरक्षा देते रहे थे.

लेकिन 16 अगस्त को काबुल के हवाई अड्डे पर अफ़रा-तफ़री का माहौल देखने को मिला. इस वक़्त हवाई अड्डे और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की सुरक्षा अमेरिकी फ़ौज के हाथ में है.

इमेज स्रोत, Reuters

क्या तालिबान की धमकियों से वापस लौट रही तुर्की की सेना?

इसके बाद बीते हफ़्ते ही यह ख़बर आई कि तुर्की ने काबुल एयरपोर्ट का संचालन जारी रखने का इरादा छोड़ दिया है. लेकिन तुर्की ने तब इसका खंडन किया था.

लेकिन तालिबान नहीं चाहता कि नेटो के कोई भी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में रहें. उसने कह दिया है कि "नेटो के सारे सैनिक देश से निकल जाएँ."

यानी तुर्की के लिए काबुल एयरपोर्ट के संचालन के लिए वहाँ बने रहना मुश्किल होता, क्योंकि वो भी नेटो का सदस्य है.

तालिबान ने खुले तौर पर तुर्की की फ़ौज को अफ़ग़ानिस्तान में रखने की आलोचना की थी. उन्होंने इसे अपने देश पर क़ब्ज़े के तौर पर बताया था.

वीडियो कैप्शन,

'काबुल के कसाई' ने भारत को दी नसीहत

तालिबान ने तुर्की को धमकी दे रखी थी कि वो काबुल एयरपोर्ट पर अपनी सेना न भेजे.

जानकार ये बता रहे थे कि तुर्की के अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के साथ क़रीबी संबंधों के कारण तालिबान, तुर्की के सैनिकों की देश में मौजूदगी को कुछ देर के लिए बर्दाश्त कर सकता है.

लेकिन तालिबान ने तुर्की की काबुल एयरपोर्ट के संचालन करने की पेशकश को 'घृणित' बताया.

तालिबान ने तब कहा था, "हम अपने देश में किसी भी विदेशी सेना की किसी भी रूप में मौजूदगी को क़ब्ज़ा मानते हैं."

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन,

तुर्की के विपक्षी नेता कमाल कुचदारोलू

तुर्की में भी सेना की वापसी की उठ रही थी मांग

उधर तुर्की में विपक्ष अपनी सेना को अफ़ग़ानिस्तान से वापस बुलाने की लगातार मांग कर रहा था.

15 अगस्त को तुर्की के विपक्षी नेता कमाल कुचदारोलू ने कहा, "सरकार को अफ़ग़ानिस्तान से तुर्की के सैनिकों को वापस बुला लेना चाहिए."

विपक्षी दल का समर्थन करने वाले एक अख़बार ने 16 अगस्त को हेडलाइन लगाई- तुर्की की फ़ौज को वापस बुलाया जाए.

इसमें लिखा गया कि तुर्की अमेरिका को ख़ुश करना चाहता है लेकिन ऐसा करने की उसकी तमाम योजनाएँ अब ख़त्म हो गई हैं.

लेकिन 16 अगस्त को जब काबुल हवाई अड्डे पर अफ़रा-तफ़री का माहौल देखने को मिला. तब ख़बर आई कि एयरपोर्ट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की सुरक्षा अमेरिकी फ़ौज के हाथ में है.

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन,

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयेब अर्दोआन

तालिबान पर अर्दोआन के बदलते बोल

अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सेना की वापसी के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयेब अर्दोआन तालिबान को लेकर संयमित बयान दे रहे हैं.

15 अगस्त को काबुल पर क़ब्ज़े के बाद तालिबान के दिए बयानों को नियंत्रित बताते हुए अर्दोआन ने कहा है कि एक बार वहाँ सरकार बन जाए तो वह उनके साथ जुड़ने के लिए तैयार है.

राष्ट्रपति रैचेप तैयप अर्दोआन ने कहा, "हम अभी के लिए एहतियात के साथ आशावान रहते हुए तालिबान नेताओं के संदेशों का स्वागत कर रहे हैं."

उन्होंने कहा, "तालिबान के शब्दों से नहीं बल्कि उनकी आगे की गतिविधियों और कार्यों से उनके उठाए गए क़दम यह निर्धारित करेंगे कि अफ़ग़ानिस्तान में हमारी आगे प्रक्रिया क्या रूप लेती है."

वीडियो कैप्शन,

तालिबान के किस एलान के बाद ख़ौफ़ में हैं अफ़ग़ान?

हालांकि राष्ट्रपति अर्दोआन ने कुछ दिनों पहले जो कुछ कहा वो इस ताज़ा बयान के बिल्कुल उलट था.

तब अर्दोआन ने एक बयान में कहा था, "हमारी नज़र में, तालिबान का रवैया वैसा नहीं है, जैसा एक मुसलमान का दूसरे मुसलमान के साथ होना चाहिए."

उन्होंने तालिबान से अपील की थी कि वो दुनिया को जल्द से जल्द दिखाए कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति बहाल हो चुकी है.

उन्होंने कहा था, "तालिबान को अपने ही भाइयों की ज़मीन से क़ब्ज़ा छोड़ देना चाहिए."

इमेज स्रोत, AFP

इमेज कैप्शन,

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुज़ाहिद

तालिबान का ताज़ा बयान

सेना की वापसी से उपजी ताज़ा स्थिति के बाद तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने भी बयान दिया है जिसमें उसने काबुल में आगे सुरक्षा में भूमिका निभाने के विकल्प को खुला छोड़ दिया है.

बीते छह वर्षों से हवाई अड्डे पर अपने सैनिकों की तैनाती को ध्यान में रखते हुए इसने कहा है, "तुर्की तब तक अफ़ग़ान लोगों के साथ रहेगा जब तक वे चाहेंगे."

उधर तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुज़ाहिद ने मंगलवार को कहा कि उनका समूह तुर्की के साथ अच्छा संबंध चाहता है.

उन्होंने कहा, "हम तुर्की, तुर्की सरकार और तुर्की के मुसलमानों के साथ अच्छा संबंध चाहते हैं."

वीडियो कैप्शन,

तालिबान के कब्ज़े पर अल क़ायदा ने दी बधाई, मुसलमानों से क्या कहा?

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)