यूएन में कश्मीर का मुद्दा उठाना गलत: कृष्णा

 मंगलवार, 2 अक्तूबर, 2012 को 07:38 IST तक के समाचार
एसएम कृष्णा

एसएम कृष्णा ने जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बतलाया

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की ओर से क्लिक करें कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने नाराज़गी जताई है.

सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 67 वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को उठाया जाना उचित नहीं है.

एसएम कृष्णा ने अपने भाषण में पाकिस्तान के राष्ट्रपति का नाम लिए बगैर उनके संबोधन में कश्मीर का हवाला दिए जाने को अनुचित बताया.

उन्होंने कहा, ''इस मंच से जम्मू कश्मीर के हवाले से अनुचित टिप्पणी की गई. इस मुद्दे पर हमारा सैद्धांतिक रुख रहा है जो सबको मालूम है. जम्मू कश्मीर की जनता ने भारतीय जनतांत्रिक प्रणाली के ज़रिए कई बार अपने भविष्य के बारे में चुनाव किया है. हम यह बिल्कुल साफ़ कर देना चाहते हैं कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.''

क्या कहा था ज़रदारी ने

"इस मंच से जम्मू कश्मीर के हवाले से अनुचित टिप्पणी की गई. इस मुद्दे पर हमारा सैद्धांतिक रुख रहा है जो सबको मालूम है. जम्मू कश्मीर की जनता ने भारतीय जनतांत्रिक प्रणाली के ज़रिए कई बार अपने भविष्य के बारे में चुनाव किया है. हम यह बिल्कुल साफ़ कर देना चाहते हैं कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है"

एसएम कृष्णा

पिछले हफ़्ते पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान कहा था कि जम्मू कश्मीर के लोगो को अपना भविष्य तय करने की आज़ादी होना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा था कि कश्मीर के मुद्दे का हल न निकाला जाना संयुक्त राष्ट्र की नाकामी दर्शाता है.

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, पाकिस्तान के साथ बातचीत की फिर शुरूआत कर चुका है और दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य करने के लिए कदम बढ़ा रहा है.

उनका कहना था कि भारत अपने सभी पड़ोसियों के साथ दोस्ताना रिश्ते रखना चाहता है जिससे क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिले.

अफ़गानिस्तान के हवाले से उन्होंने कहा कि भारत, अफ़गानिस्तान को एक शांतिपूर्ण, स्थिर, जनतांत्रिक और समृद्ध देश बनाने के लिए अफ़गान सरकार और लोगों की मदद कर रहा है.

लेकिन उन्होंने सीमापार पाकिस्तान में चरमपंथियों को मिल रही मदद को शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा रोड़ा बताया.

हिलरी क्लिंटन से मुलाकात

हिलरी क्लिंटन के साथ एसएम कृष्णा

एसएम कृष्णा ने हिलरी क्लिंटन से मुलाकात को सुखद बताया

अमरीका में बनी इस्लाम-विरोधी फ़िल्म की वजह से विश्वभर में होने वाले हिंसक प्रदर्शनों के बारे में भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि भारत में विभिन्न धर्मों और जाति के लोग सहिष्णुता और सौहार्द के साथ रहते हैं और जनतांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को संवैधानिक मान्यता प्राप्त है.

उन्होंने कहा, ''सहिष्णुता और सह-अस्तित्व के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि एक दूसरे की धार्मिक भावनाओं का आदर किया जाए. लेकिन हाल की दुखद घटनाओं से यह साफ़ हुआ है कि विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के बीच गहन-संवाद की ज़रूरत है.''

उन्होंने ये भी कहा कि हिंसा से एक दूसरे को बेहतर तरीके से नहीं समझा जा सकता और ज़रूरी है कि हम शांतिपूर्ण संवाद का तरीका अपनाना जारी रखें.

भारतीय विदेश मंत्री ने आतंकवाद को भी विश्व शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया. उन्होंने विश्व-समुदाय से कहा कि चरमपंथ से सख्ती से निपटने के लिए ज़रूरी है कि इसके नेटवर्क, प्रशिक्षण केंद्रों और इन्हें धन मुहैया कराने की प्रक्रिया को भी खत्म किया जाए.

एसएम कृष्णा ने सोमवार को ही अमरीकी विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन से भी न्यूयॉर्क में मुलाकात की.

भारतीय विदेश मंत्री ने बीबीसी को बताया कि यह मुलाकात हमेशा की तरह सुखद रही और इसमें द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा अफ़गानिस्तान और अन्य मामलों पर भी बात हुई.

उन्होंने कहा कि भारत में खुदरा बाज़ार में एफ़डीआई की नीति के बारे में भी अमरीका के साथ बातचीत हुई. लेकिन इस चर्चा का उन्होंने खुलासा नहीं किया.

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