भेड़ों को ज़िंदा दफ़नाए जाने पर बवाल

पाकिस्तान में भेड़
Image caption पाकिस्तान में ये भेड़ें ऑस्ट्रेलिया से आई थीं

पाकिस्तान में भेड़ों को ज़िंदा दफ़न कर दिए जाने का एक मामला सामने आने के बाद ऑस्ट्रेलिया में इस बात की माँग ज़ोर पकड़ रही है कि पाकिस्तान को ज़िंदा जानवरों का निर्यात बंद कर दिया जाए.

सत्तारूढ़ लेबर पार्टी और ग्रीन पार्टी के सदस्यों ने जानवरों के कल्याण के नाम पर ये व्यापार रोकने की माँग की है.

दरअसल मामला यूँ है कि 21 हज़ार ऑस्ट्रेलियाई भेड़ें बहरीन भेजी जानी थीं लेकिन एक बीमारी के नाम पर बहरीन ने उन्हें लेने से मना कर दिया और उसके बाद उन भेड़ों को पाकिस्तान पहुँचा दिया गया.

इसके बाद आरोप लगा है कि वहाँ पर अधिकारियों ने लगभग 10 हज़ार भेड़ों को सामूहिक तौर पर मारने की प्रक्रिया में या तो ज़िंदा दफ़न कर दिया या मार दिया. इसका एक वीडियो कराची की एक वेबसाइट पर लगा था.

पशु कल्याण के लिए अभियान चलाने वालों का कहना है कि उनमें से कई जानवरों को या तो छुरा भोंककर मारा गया या फिर उन्हें पीट-पीटकर मार दिया.

व्यापार पर असर

पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून अख़बार के एक पत्रकार काज़िम ख़ान कहते हैं कि उस वीडियो में बड़े पैमाने पर क्रूरता दिखाई देती है.

काज़िम ने कहा, "वो तस्वीरें काफ़ी दर्दनाक थीं. मैं साफ़ तौर पर देख सकता था कि एक ज़िंदा जानवर को हाल ही मारे गए जानवरों के ढेर पर डाल दिया गया था... इसलिए ये बेहद क्रूर और अमानवीय था."

ऑस्ट्रेलिया में कुछ सांसद तो अब ये माँग कर रहे हैं कि पाकिस्तान को ज़िंदा जानवरों का निर्यात पूरी तरह रोक दिया जाना चाहिए.

मगर निर्दलीय सांसद बॉब कैटर ने आलोचकों पर आरोप लगाया है कि वे एक अच्छे और लाभ वाले व्यापार में गड़बड़ करने की कोशिश कर रहे हैं.

कैटर ने कहा, "आपको नहीं लगता कि जब आप उन लोगों से ये कहते हैं कि आप अमानवीय हैं या आपको जानवरों से प्यार नहीं है तो आप काफ़ी घमंड दिखा रहे हैं. हम लगातार उन लोगों को उकसा रहे हैं. साथ ही मैं ज़िम्मेदारी के पद पर बैठे लोगों से अनुरोध करता हूँ कि इसे रोकिए क्योंकि आप घृणा के बीज बो रहे हैं."

ऑस्ट्रेलियाई सरकार कह रही है कि ज़िंदा पशुओं के निर्यात से जुड़े नियम सही ढंग से काम कर रहे हैं और वह पाकिस्तान में अधिकारियों से बात कर रहे हैं जिससे कराची में बची हुई भेड़ों की ठीक ढंग से देखभाल हो सके.

पिछले ही साल ऑस्ट्रेलिया ने इंडोनेशिया को जानवरों का निर्यात रोक दिया था क्योंकि एक वीडियो फ़ुटेज में उन जानवरों के साथ अमानवीय व्यवहार की शिकायतें आई थीं.

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