भारत का ताज दुबई का सरताज

 गुरुवार, 4 अक्तूबर, 2012 को 14:27 IST तक के समाचार

मुमकिन है दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल अब भारत की जगह दुबई में लोगों की भीड़ जुटाए.

दुबई में ताजमहल की नकल पर आधारित उससे कई गुना बड़ा एक भव्य होटल बनाया जा रहा है. इसमें 300 कमरे होंगे और महंगे बजट की शादियां आयोजित की जा सकेंगी.

एक अरब डॉलर वाली इस परियोजना की दुबई के रिएलिटी बाज़ार में इन दिनों की खासी चर्चा है. पैसे की कमी के चलते विवादों में रही ताज एरेबिया नाम की इस परियोजना से जुड़े अरुण मेहता कहते हैं, ''मुझे नहीं लगता कि की कोई भी ऐसी वजह हो सकती है जिसके चलते ये होटल लोगों के बीच लोकप्रिय न हो. ताज प्रेम को समर्पित एक ऐतिहासिक इमारत है और हमें उम्मीद है दुबई में इसकी खासी चर्चा हेगी.''

मुग़ल गार्डन भी

"मुझे नहीं लगता कि की कोई भी ऐसी वजह हो सकती है जिसके चलते ये होटल लोगों के बीच लोकप्रिय न हो. ताज प्रेम को समर्पित एक ऐतिहासिक इमारत है और हमें उम्मीद है दुबई में इसकी खासी चर्चा हेगी."

परियोजना से जुड़े अरुण मेहता

लिंक ग्लोबल ग्रुप की ओर से शुरु की जा रही इस परियोजना का नाम होगा ‘वर्ल्ड इन ए सिटी’. जिसमें ‘लैंड ऑफ इंडिया’ के तहत ताजमहल के आसपास खूबसूरत लैंडस्केप बनाए जाएंगे. इसमें भारत के मुगल गार्डन की तर्ज पर बनाए गए बगीचे भी शामिल होंगे.

‘वर्ल्ड इन ए सिटी’ में कई रिहाइशी इलाके भी होंगे और कुछ दुकानें आभूषणों और विवाह से जुड़े सामानों की होंगी. इसके अलावा दुनियाभर में वास्तुकला की बेजोड़ मिसाल रहे मिस्र के पिरामिड, बेबिलॉन के गार्डन, एफिल टॉवर और तीन की दीवार भी बनाए जाएंगे.

परियोजना से जुड़े सलेम अल मूसा कहते हैं, लैंड ऑफ इंडिया हमारा मुख्य आकर्षण होगा. हमें पूरी उम्मीद है कि ये परियोजना पूरी तरह सफल रहेगी. ‘’

साल 2009 से अब तक दुबई में कई अरब रुपए के कर्ज़ के ज़रिए नई परियोजनाओँ पर काम किया है. इनमें से कुछ परियोजनाओं से उसके पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा भी मिला है. हालांकि दुबई के प्रॉपर्टी बाज़ार में इन दिनों मांग से ज्यादा सप्लाई की समस्या है.

(इस खबर का शीर्षक हमें पाठकों ने भेजा है. आज पसंद की गई है मनोज बिस्वा और नूतन गुप्ता का भेजा शीर्षक.)

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