ओबामा की विदेश नीति बदलना चाहते हैं रोमनी

Image caption मिट रोमनी ने ओबामा को खराब विदेश नीति के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

अमरीका में अगले महीने राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मिट रोमनी ने डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार और मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा की विदेश नीति की जमकर आलोचना की है.

वर्जीनिया में अपने भाषण के दौरान मिट रोमनी ने कहा कि जब बराक ओबामा राष्ट्रपति बने थे उस समय की तुलना में मध्य-पूर्व में आज हालात ज्यादा ख़राब हैं.

अपने भाषण में मिट रोमनी ने लीबिया में हुई हिंसक घटना से लेकर मिस्र, इसराइल, ईरान के अलावा अफ़ग़ानिस्तान के हालात पर भी चर्चा की और कहा कि बराक ओबामा में आगे बढ़कर नेतृत्व करने की क्षमता नहीं है और उन्होंने अमरीका को हालात के हाथों छोड़ दिया है.

मध्य़-पूर्व का ख़ास तौर पर ज़िक्र करते हुए मिट रोमनी ने कहा, “अब मध्य-पूर्व में हमें अपनी दिशा बदलने का समय आ गया है. अमरीका को अपने उद्देश्य में विश्वास, अपने मक़सद में स्पष्टता और अपने संकल्प में निश्चितता होनी चाहिए. अमरीका के किसी भी मित्र को उसकी मदद करने की प्रतिबद्धता पर संदेह नहीं होना चाहिए. अमरीका पर हमला करने वाले किसी दुश्मन को उसको शिकस्त देने के हमारे संकल्प पर शक नहीं होना चाहिए.”

इतिहास की दिशा

मिट रोमनी ने ईरान के बारे में कहा कि वो कभी भी ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगें.

उनका कहना था, “मैं ईरान के नेताओं को नोटिस देते हुए कहूंगा कि अमरीका और उसके साथी ईरान को परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने से हर हालत में रोकेगा. मैं ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने में ज़रा भी नहीं संकोच नही करुंगा और मौजूदा प्रतिबंध को और कड़ा करूंगा. सैन्य क्षमता को और बढ़ाने के लिए मैं इसराइल के साथ मिलकर काम करूंगा.”

हाल ही में लीबिया के शहर बेन्गाज़ी में अमरीकी राजदूत की हत्या के लिए भी मिट रोमनी ने ओबामा की नीतियों को ही ज़िम्मेदार ठहराया.

उन्होंने कहा कि वो इतिहास को सही दिशा देने की अमरीका की शक्ति का इस्तेमाल करें और पीछे से नेतृत्व नहीं करें और हमारे भविष्य को हालात पर ना छोड़ दें.

अफ़ग़ानिस्तान के बारे में मिट रोमनी ने कहा कि वो ज़मीनी हालात का जायज़ा लेंगे और अपने सैन्य कमांडरों से विचार विमर्श करके ही कोई फैसला करूंगा. उन्होंने कहा कि उनका कर्तव्य अपना राजनीतिक फ़ायदा देखना नहीं बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा करना है.

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