नोबेल विजेता ईयू से जुड़ी दस अहम बातें

यूरोपीय संघ
Image caption फ्रांस और जर्मनी में शांति के लिए यूरोपीय संघ को मिला नोबल पुरस्कार.

यूरोपीय संघ को 2012 के लिए नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.

नोबेल कमेटी का मानना है कि संघ ने फ्रांस और जर्मनी को करीब लाने में काफी अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा दक्षिणी, मध्य और पूर्वी यूरोप में लोकतंत्र को मजबूत करने में भी उसका बड़ा योगदान रहा है. हालांकि अवॉर्ड देने वाले नॉर्वे के पैनल के इस फैसले को विवादास्पद माना जा रहा है.

यूरोज़ोन में छाई आर्थिक मंदी के चलते कड़ी प्रतिक्रियाओं का शिकार रहे यूरोपीय संघ के लिए ये पुरस्कार राहत लेकर आएगा या नहीं ये बहस का विषय है लेकिन आइए जानते हैं यूरोपीय संघ से जुड़ी दस अहम बातें-

  1. यूरोपीय संघ यानी ईयू उस संस्था का नाम है जो यूरोप के लोकतांत्रिक देशों का एक संगठन है और इन देशों में शांति और संपन्नता बहाल करने के मकसद से काम करता है. यूरोपीय संघ मुख्य रुप से सदस्य देशों में आपसी सामंजस्य बैठाने और व्यापार, पर्यावरण, यातायात और रोज़गार जैसे मुद्दों पर परस्पर लाभ के लिए काम करना है.
  2. यूरोपीय संघ की स्थापना का विचार द्वितीय विश्व युद्ध में यूरोप को हुए व्यापक नुकसान के बाद उस वक्त आया जब यूरोपीय देशों को एक ऐसी संस्था की ज़रूरत महसूस हुई जो इस तरह के विनाश से उनका बचाव करे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके हितों की रक्षा करे. पहले पहल बनाई गई इस संस्था का नाम था यूरोपीयन कम्युनिटीज़(ईसी)
  3. आखिरकार 1991 में यूरोपीय संघ को अमल में लाने के लिए मास्त्रिख्त की संधि हुई जिसके बाद यूरोपीयन कम्युनिटीज़ को यूरोपीय संघ यानी ईयू का नाम दिया गया. इसके साथ ही पहली बार ईयू के सदस्य देशों के नागरिकों को यूरोपीय संघ की नागरिकता प्रदान की गई. सदस्य देशों के नागरिक बिना वीज़ा के यूरोपीय देशों में आ जा सकते हैं.
  4. 1999 में यूरोपीय संघ के 11 सदस्य देशों ने ‘यूरो’ को अपनी आधिकारिक मुद्रा के रुप में अपनाया. ग्रीस ने यूरो को दो साल बाद अपनाया जबकि डेनमार्क, स्वीडन और ब्रिटेन ने ‘यूरो’ को न अपनाने का फैसला किया.
  5. साल 2004 में कई मतभेदों और लंबे विचार-विमर्श के बाद यूरोपीय संघ के संविधान को अमल में लाया गया. 2004 की जिस बैठक में संविधान को स्वीकृति मिली उसमें 25 सदस्य देश शामिल थे. ये फैसला यूरोपीय संघ के ब्रसेल्स स्थित मुख्यालय में लिया गया.
  6. आज यूरोपीय संघ के कुल सदस्यों की संख्या 27 है. यूरोपीय संघ के 17 सदस्यों से मिलकर बनता है यूरोज़ोन जो उन देशों का संगठन है जिनकी मुद्रा यूरो है. यूरोज़ोन ‘यूरोपीय सेंट्रल बैंक’ (ईसीबी) के ज़रिए काम करता है.
  7. यूरोपीय संघ की अपनी संसद है जिसके सदस्यों का चुनाव यूरोपीय संघ के नागरिक हर पांच साल में एक बार करते हैं. यह संसद ईयू के बजट और इस बजट को सदस्य देशों पर लागू करने का अधिकार रखती है. यूरोपीय संघ की परिषद विधाई फैसले लेती है और ब्रसेल्स स्थित मुख्यालय से काम करती है.
  8. यूरोपीय संघ की परिषद निर्णय लेने वाली मुख्य इकाई है जिसे मंत्री परिषद के नाम से भी जाना जाता है. यह परिषद सदस्य देशों के वैयक्तिक हितों का ध्यान रखती है और हर देश के अपने मंत्री इसके सदस्य हैं. परिषद के अध्यक्ष का चुनाव 30 महीने के सत्र के लिए किया जाता है.
  9. यूरोपीय संघ के शुरुआती साल सुनहरे अक्षरों में लिखे गए लेकिन सदस्य देशों की ओर से कर्ज़ के मामलों और सरकारी कामकाज के लिए बनाए गए नियमों में लापरवाही के चलते 2009 में यूरोज़ोन में आर्थिक मंदी का दौर शुरु हुआ. सबसे अधिक मुश्किल में पड़े हैं ग्रीस जैसे देश जहां कर्ज़ का आंकड़ा सकल घरेलू उत्पाद के 113 फीसदी तक पहुंच गया है.
  10. जून 2012 में यूरोपीय संघ ने भविष्य की दिशा तय करने के कुछ दिशा-निर्देश तय किए जिनके तहत ईयू के अधिकारियों के पास बजट और ऋण संबंधी मामलों में ज्यादा अधिकार होंगे. इसके अलावा एक यूरोपीय कोष भी बनाया गया है जो राष्ट्रीय स्तर पर बजट पर नियंत्रण रखेगा. साथ ही 2014 से 2017 के बीच कुछ नए नियम लागू किए जाएंगे जिनसे यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को मिले वोटिंग अधिकारों में परिवर्तन होगा. नए नियमों के तहत यूरोपीय संघ के 55 फीसदी सदस्य आम सहमति से कुछ प्रस्ताव पास कर पाएंगे क्योंकि इन देशों में यूरोपीय संघ की 65 फीसदी आबादी रहती है.

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