ज़माने की पसंद हैं ओबामा...

  • 23 अक्तूबर 2012
बराक ओबामा और मिट रोमनी
Image caption सर्वेक्षण से पता चला है कि भारत में ओबामा के लिए समर्थन बढ़ा है.

विदेश नीति पर किए गए वायदों पर खरा न उतरने के बावजूद दुनियाभर के 50 फीसद लोग ये चाहते हैं कि राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को मात दें और फिर से अमरीका के राष्ट्रपति का पद ग्रहण करें.

चार साल पहले 23 देशों में किए गए बीबीसी सर्वेक्षण में जहां ओबामा को अपने प्रतिद्वंदी मैक केन से अधिक समर्थन मिला था, तो वर्ष 2008 के मुकाबले चार साल बाद यानी वर्ष 2012 में कई हल्कों में ओबामा का सर्मथन और मज़बूत हुआ है.

भारत में इस साल अगस्त के दौरान लोगों से बीबीसी द्वारा की गई बातचीत में ये सामने आया कि मुल्क में पिछले सर्वेक्षण की तुलना में ओबामा के समर्थन में 12 फीसद इजा़फा हुआ और 36 प्रतिशत भारतीय ओबामा को अमरीका के राष्ट्रपति के तौर पर देखना चाहते हैं.

क्या है वजह

वहीं रिपब्लिकन पार्टी, यानी जिस पार्टी से पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का ताल्लुक था, उसके समर्थन में भारत में तीन फीसदी की कमी आई है.

आखिर क्या वजह है इसकी जबकि भारत-अमरीका परमाणु करार जैसी संधि जॉर्ज बुश के शासनकाल की ही देन थी.

अमरीका के डेलावेयर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार मुक़तदर ख़ान कहते हैं, ''अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भारत की राय दो बातों पर निर्भर करती है, पहला भारत के साथ पाकिस्तान के संबंध और दूसरा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की अहमियत.''

वे कहते हैं, ''मुझे लगता है कि अपनी विदेश नीति के तहत तालिबान और चरमपंथी गुटों के खिलाफ ओबामा जिस सख्ती से पेश आए हैं, ओसामा बिन लादेन को मारा है, शायद इसकी वजह से वो भारत में पहले से ज्यादा लोकप्रिय हो गए हैं.''

पाकिस्तान में कम समर्थन

जाहिर है कि पाकिस्तान में ओबामा का समर्थन पहले की तुलना में तीन फीसद कम हुआ है. ओबामा के सबसे अधिक समर्थक ऑस्ट्रेलिया में पाए गए जबकि चीन में ओबामा के चाहने वालों की संख्या में वर्ष 2008 के मुक़ाबले सात फीसद की कमी आई है.

मुक़तदर ख़ान कहते हैं, ''आपने डिबेट वगैरह में देखा होगा कि मिट रोमनी ने चीन के खिलाफ काफी बातें की हैं, उन्होंने वादा किया है कि यदि वो राष्ट्रपति बनते हैं तो पहले ही दिन से चीन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करेंगे. लेकिन जब वो बेन कैपिटल के सीईओ थे और उनके निजी निवेश वगैरह थे, तो उन्होंने रोजगार के काफी अवसर चीन की तरफ भेजे हैं. जब वो ओलंपिक के प्रमुख थे, तब काफी सामान चीन से आयात किया गया. लेकिन राष्ट्रपति ओबामा के दौर में एक नयी चीज हुई है, वो ये है कि अमरीका में निर्माण क्षेत्र में रोजगार फिर से बढ़ने लगा है.''

अगर एशिया में ओबामा लोकप्रिय हैं तो अफ्रीका में उनका सर्मथन ज्यों का त्यों बरकरार है. लेकिन सर्वेक्षण में ओबामा के सबसे अधिक समर्थक यूरोपीय देशों, जैसे फ्रांस और ब्रिटेन में पाए गए, जहां 65 फीसद से अधिक लोग मानते हैं कि ओबामा फिर से अमरीका के राष्ट्रपति पद के हकदार हैं.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार