अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव: ओबामा रोमनी में विदेश नीति पर दो-दो हाथ

मिट रोमनी और बराक ओबामा
Image caption मिट रोमनी और बराक ओबामा विदेश नीति पर बहस कर रहे हैं.

अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले दोनों उम्मीदवारों के बीच होने वाली टीवी बहस का तीसरा दौर फ़्लोरिडा में चल रहा है. बराक ओबामा और मिट रोमनी के बीच इस बहस का केंद्रबिंदु विदेश नीति थे.

बराक ओबामा ने बहस के शुरुआत में कहा कि उन्होंने 9/11 हमलों के दोषी ओसामा बिन लादेन का सामना न्याय से करवाया और इराक़ में युद्ध जीता है.

मिट रोमनी ने कहा कि बराक ओबामा ने मध्य-पूर्व में बवाल के बढ़ने दिया है. लेकिन ओबामा ने पलट वार करते हुए कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी की अफ़ागिस्तान और इराक़ के प्रति नीति एक जैसी नहीं रही है इसलिए मिट रोमनी का नेतृत्व 'ग़लत और बेपरवाह' हो सकता है.

बहस का संचालन सीबीएस न्यूज़ के अनुभवी एंकर बॉब साइफ़र कर रहे हैं.

इससे पहले हुई दो बहसों का संचालन सीएनएन के कैंडी क्रॉउली और पीबीएस के जिम लेहर्र ने किया था. उन दोनों पर बहस में बार-बार हस्तक्षेप का आरोप लगा था.

इससे पहले पहले हुई टीवी बहस के दो दौर में दोनों उम्मीदवारों के बीच तीख़ी नोक-झोंक हुई थी. माना जाता है कि पहले दौर की बहस में मिट रोमनी का पलड़ा भारी रहा था लेकिन दूसरे दौर में ओबामा थोड़ा संभलते दिखे थे.

मध्य-पूर्व

मिट रोमनी ने सीरिया में आम लोगों की हत्या, मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड के सत्ता में आने, उत्तरी अफ़्रीका में अल-क़ायदा के सहयोगी संगठनों के उदय, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लीबिया में अमरीकी वाणिज्यिक दूतावास पर हमले का उदाहरण देते हुए कहा कि ओबामा प्रशासन ने इस क्षेत्र ऐसी घटनाओं को होने दिया है.

लेकिन ओबामा ने इसका जवाब देते हुए कहा कि वो इस बात से ख़ुश हैं कि रोमनी अल-क़ायदा को एक ख़तरा मानते हैं क्योंकि वे पहले कह चुके हैं कि रूस अमरीका के लिए सबसे ख़तरा है ना कि अल-क़ायदा.

ओबामा ने ज़ोर देकर कहा कि उनके नेतृत्व में ओसामा बिन लादेन को मारा गया और इराक़ में युद्ध समाप्त हुआ.

बराक ओबामा ने साफ़ कहा कि जब तक वो राष्ट्रपति हैं ईरान को परमाणु हथियारों का विकास नहीं करने देंगे.

लेकिन रोमनी ने पलट वार करते हुए कहा कि ईरान पहले से कहीं अधिक एक परमाणु हथियार बनाने की कगार पर है और हमें बीते चार सालों में इसे ना होने देने के लिए कदम उठाने चाहिए थे.

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