अमरीका: पेट्रोल पंपों पर लड़ाई की नौबत

  • 3 नवंबर 2012
सैंडी के बाद पेट्रोल की किल्लत
Image caption लोग को बिजली न होने की वजह से इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है

पूर्वोत्तर अमरीका में तूफान सैंडी से हुई तबाही के बाद जिंदगी पटरी पर लौट रही है लेकिन डीजल-पेट्रोल की किल्लत के कारण लोगों को काफी मुश्किलें हो रही हैं और उनमें गुस्सा बढ़ रहा है.

न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में पेट्रोल पंपों पर लोगों में लड़ाइयाँ होती भी देखी गई है जबकि बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियों का कहना है कि कुछ इलाकों में 11 नवंबर तक बिजली बहाल नहीं हो पाएगी.

न्यूयॉर्क के स्टाटेन द्वीप पर भी लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है. वहां लोगों की शिकायत है कि उन्हें तो भुला ही दिया गया है.

पिछले दिनों सैंडी तूफान के कारण अमरीका में 90 से ज्यादा लोग मारे गए. इस तूफान के कारण अमरीका में 50 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.

तूफान प्रभावित इलाकों में रहने वाले वाले लोगों और कामगारों को शुक्रवार को भी यातायात से जुड़ी समस्याओं, बिजली की किल्लत और डीजल-पेट्रोल की कमी का सामना करना पड़ा.

लंबी कतारें

पेट्रोल स्टेशनों पर कारों और कनस्तर लिए लोगों की लंबी लाइनें देखी गईं. एक स्कूल में काम करने वाले आंद्रे हैरिसन ने बीबीसी को बताया कि पेट्रोल पंप पर लाइन लगाने के लिए उन्हें सुबह बहुत जल्दी उठना पड़ा.

पेट्रोल पंप पर मौजूद हैरिसन ने बताया, “मैं यहां दो घंटे से आया हूं लेकिन पेट्रोल पंप वालों ने कहा है कि वो तब तक अपना काम शुरू नहीं करेंगे जब तक पुलिस नहीं आ जाती. मैंने सुना है कि कल यहां दंगा हो गया था.”

वो बताते हैं, “जो आदमी लाइन में सबसे आगे खड़ा है, वो मुझसे पांच घंटे पहले आया है.”

कुछ पेट्रोल पंप मालिकों ने किल्लत को देखते हुए दाम भी बढ़ा दिए हैं जबकि न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में लगभग आधे पेट्रोल पंप बंद ही पड़े हैं.

चुनावी गहमागहमी तेज

Image caption समस्याओं से जूझ रहे लोगों में गुस्सा है

इस बीच न्ययॉर्क के गवर्नर माइकल ब्लूमबर्ग ने अगले हफ्ते होने वाले चुनाव में राष्ट्रपति बराक ओबामा का समर्थन किया है. वो तूफान से निपटने के ओबामा के तरीके से खुश हैं.

रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों पार्टियों में रह चुके ब्लूमबर्ग अब किसी पार्टी से नहीं जुड़े हैं.

उधर तूफान की वजह से थमा चुनाव प्रचार दोबारा व्यापक स्तर पर शुरू हो गया है. राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी के लिए ये मतदाताओं को अपनी तरफ करने के लिहाज से निर्णायक समय है.

चुनावी गहमागहमी के बीच आए श्रम विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर में अमरीका में 1,71,000 नौकरियां पैदा हुई जबकि बेरोजगारी की दर थोड़ी सी बढ़ कर 7.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

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