अमरीकी चुनाव: दस मुद्दों पर जनता से सवाल

मंगलवार को जब अमरीका में चुनाव होंगे तो यहां के लोग केवल दो दिग्गज नेताओं बराक ओबामा और मिट रोमनी के लिए ही नहीं बल्कि कुछ ऐसे मुद्दों पर भी अपनी राय ज़ाहिर करेंगे जो उनके दिल के करीब हैं.

चुनाव के दौरान अमरीका के 38 राज्यों के लोग मतपत्र के ज़रिए 174 सवालों पर अपना मत ज़ाहिर करेंगे, जिन सवालों से जुड़े हैं ये दस अहम मुद्दे.

1. मैरिजुआना

ओरेगॉन, वॉशिंगटन और कोलोराडो में लोग नशीले पदार्थ मैरिजुआना की बिक्री और इस्तेमाल को कानूनी मान्यता दिए जाने के मुद्दे पर मतदान के ज़रिए अपनी राय ज़ाहिर करेंगे.

कोलंबिया सहित 17 राज्यों में फिलहाल मैरिजुआना को केवल चिकित्सीय इस्तेमाल के लिए खरीदा या बेचा जा सकता है.

कानूनी मान्यता मिलने के बाद मैरिजुआना को सिगरेट और शराब की तरह हर उस व्यक्ति को बेचा जा सकेगा जिसकी उम्र 21 से ज्यादा हो.

इसके प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि इससे सरकार को कई लाख डॉलर का फायदा होगा वहीं विरोधियों का कहना कि मैरिजुआना खतरनाक है और इसे कानूनी मान्यता दिया जाना घातक है.

2. समलैंगिक विवाह

मायने, मैरीलैंड, मिनेसोटा और वॉशिंगटन में चुनाव के दिन मतदाता समलैंगिक विवाह के मुद्दे पर भी मतदान करेंगे.

मायने में मतदाताओं से पूछा जा रहा है कि क्या वो समलैंगिकों की शादी के पक्ष में हैं. अमरीका के 31 राज्यों में समलैंगिक विवाह पर रोक लगाई जा चुकी है जबकि नौ राज्यों ने इसे कानूनी मान्यता दे दी है.

3. जीएम फूड

कैलिफोर्निया के मतदाता इस मुद्दे पर अपनी राय ज़ाहिर करेंगे कि अनुवांशिक रुप से परिवर्तित खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग पर इसके बारे में जानकारी लिखित रुप में मौजूद हो.

कुछ लोगों का मानना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि किस खाद्य पदार्थ में अनुवांशिक बदलाव किए गए हैं. वहीं विरोधियों का कहना है इससे खाने की चीज़ों के दाम बढ़ेंगे और लोगों में यह भ्रम फैलेगा कि ये पदार्थ खाने के लिए उपयुक्त नहीं.

4. मौत की सज़ा

कैलिफोर्निया में मतदाता इस मुद्दे पर मतदान करेंगे कि कैदियों को मौत की सज़ा दिए जाने के बजाय उम्र कैद का सज़ा दी जाए.

कैलिफोर्निया में इस समय 725 कैदी मौत का सज़ा इंतज़ार कर रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक यह मुद्दा लोगों के लिए संवेदनशील रहा है लेकिन इस पर बहस नहीं छिड़ सकी क्योंकि दोनों ही पक्षों को इससे कोई आर्थिक लाभ नहीं.

5. गर्भपात

गर्भपात का मुद्दा इन चुनावों में बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि 1970 से लेकर अब तक इस मुद्दे पर 37 बार मतदान हो चुका है. इस साल मोनटाना में लोग यह तय करेंगे कि 16 साल से कम उम्र की लड़की अगर गर्भपात के लिए अस्पताल पहुंचे तो उसके माता-पिता को इसकी सूचना दी जाए.

फ्लोरिडा में लोग इस सवाल पर मतदान करेंगे कि गर्भपात के मामलों में लड़की की मदद के लिए राज्य सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाए या नहीं.

6. फ्लोराइड

कांसास इलाके के विचीटा शहर में लोग इस बात पर मतदान करेंगे कि शहर के पानी में फ्लोराइड मिलाया जाए या नहीं.

समर्थकों का कहना है कि दांतों की सड़न को खत्म करने का ये एक सस्ता और कारगर तरीका है.

विरोधी इसे जबरन दवाएं खिलाने की रणनीति के रुप में देखते हैं. चुनाव विश्लेषकों के मुद्दा लोगों के लिए इतना महत्वपूर्ण है कि बड़ी संख्या में वो इस पर अपनी राय ज़ाहिर करने के लिए मतदान में हिस्सा लेंगे.

पानी में फ्लोराइड की मात्रा ब्रिटेन में भी विवाद का विषय रही है.

7. नवीनीकृत ऊर्जा स्रोत

बिजली उत्पादन के लिए नवीनीकृत ऊर्जा के इस्तेमाल के मुद्दे पर लोगों ने सकारात्मक मतदान किया तो 2025 तक मिशिगन की 25 फीसदी बिजली वैकल्पिक और नवीनीकृत ऊर्जा स्रोतों से आएगी. इस नियम को अमल में लाने लिए सरकार को संविधान में बदलाव करना पड़ेगा.

8. आत्महत्या में मदद

मैसेच्यूसेट्स के मतदाता इन चुनावों में यह तय करेंगे कि क्या डॉक्टरों को इस बात की इजाज़त हो कि वो लाइलाज बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों और ऐसे लोगों को इच्छा-मृत्यु दे सकें जो किसी भी हाल में छह महीने से अधिक जीने की अवस्था में नहीं. ओरेगॉन में इस तरह का एक प्रस्ताव पहले ही पास हो चुका है.

9. ‘अमरीका टू कनाडा’

अमरीका और कनाडा के बीच सबसे व्यस्त व्यापारिक इलाकों को एक पुल के ज़रिए जोड़ने का मुद्दा भी लगातार विवादों में घिरा रहा है.

कनाडा की सरकार इस पुल को बनाए जाने के पक्ष में है और इसके लिए आर्थिक मदद देने को तैयार है. इस पुल का विरोध कर रहे हैं वो अरब व्यवसायी जिन्होंने मौजूद पुल बनाया है. इस व्यवसायी ने लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाने के लिए लाखों डॉलर खर्च किए हैं.

10. कसीनो

अमरीका में कभी जुआ खेलना बुरा माना जाता था और उस पर कई नियम लागू थे लेकिन पिछले 30 साल में कई बदलाव हुए और राज्य सरकारें अब इसे पैसा कमाने का महत्वपूर्ण ज़रिया मानती हैं जो करों मे बढ़ोत्तरी के मुकाबले कम विवादास्पद है.

ओरेगॉन में मतदाताओं से पूछा जाएगा कि वो राज्य में जुआङरों पर लगी रोक को हटाना चाहते हैं या नहीं.

समर्थकों का कहना कि इससे मिले धन को शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर खर्च किया जा सकता है. वहीं विरोधियों का मानना है कि इससे समाज में अपराध बढ़ेंगे.

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