पाकिस्तान को अमरीका से बेहतर रिश्ते की आस

  • 8 नवंबर 2012
Image caption ओबामा के कार्यकाल में ही ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में मारे गए थे.

एक वक्त ऐसा भी था जब अमरीका और पाकिस्तान के रिश्ते काफी अच्छे हुआ करते थे. 2011-12 में पाकिस्तान में अमरीका के ख़िलाफ माहौल सबसे ज्यादा गरम रहा है

कुछ ही महीने पहले पैगंबर मोहम्मद का अपमान करती एक फिल्म भी आई जिसके चलते पाकिस्तान में अमरीका विरोधी भारी प्रदर्शन भी हुए.

एक के बाद एक कई घटनाओं के चलते पाकिस्तान मे अमरीका विरोधी माहौल ही बना रहा. वहाँ न सिर्फ अमरीका के खिलाफ आम राय बनी बल्कि धार्मिक संगठनों ने भी इस पर सख्त ऐतराज किया.

पाकिस्तान में लोग चाहते हैं कि जो गलतियां राष्ट्रपति ओबामा ने पिछले कार्यकाल में की थीं,उन्हें वो इस बार न दोहराएं,विशेष रुप से एक मुसलमान होने के नाते वो मुसलमानों के करीब आने की कोशिश करें.

बेहतरी की उम्मीद

साथ ही अमरीका के पाकिस्तान के साथ रिश्ते जिस तरह से खराब हुए हैं उम्मीद है कि उन्हें ओबामा दोबारा बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे.

महत्वपूर्ण बात ये है कि ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मौजूद होने और अमरीकी अभियान में मारे जाने के बाद से पाकिस्तान सरकार और सेना को काफी शर्मिदंगी उठानी पड़ी , उसके बाद से ही पाकिस्तान को बार बार अमरीका को सफाई देनी पड़ी है.

एक मामला अमरीकी ड्रोन हमलों का भी है, जिसमे आम नागरिक और सैनिक मारे गए हैं. पाकिस्तान में इनका काफी विरोध होता रहा है.

तो इन सबको देखते हुए पाकिस्तान के राजनीतिक दलों को उम्मीद है कि ओबामा अपने दूसरे कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों की अहमियत को समझेंगे और उन्हें बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगे.

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