मिट रोमनी के सामने विकल्प

  • 10 नवंबर 2012
Image caption राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुई पहली बहस में रोमनी ओबामा पर भारी पड़े थे

मिट रोमनी अब क्या करेंगे? क्या अमरीकी राजनीति से उनका नाम अब मिट जाएगा? इस सवाल पर उनकी पार्टी और उनकी टीम के सदस्यों के बीच चर्चा शुरू हो गई है.

चुनावी परिणाम आने के बाद बुधवार को अपनी चुनावी टीम को संबोधित करते हुए खुद मिट रोमनी ने ऐसा कुछ नहीं कहा कि उनका अगला क़दम क्या होगा. लेकिन एक बात तो तय है राजनीति से वह अलग हो जाएंगे.

किताब लिख सकते हैं

'' मिट रोमनी किताब लिख सकते हैं. वह चुनाव प्रचार के दौरान रोज़ डायरी लिख रहे थे. शायद वो डायरी अब काम आ जाए"

मीडिया में भी 65 वर्षीय रोमनी के अगले क़दम के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं. क्या वो राष्ट्रपति पद की चुनावी मुहिम पर एक किताब लिखेंगे?

उनकी रिपब्लिकन पार्टी के एक सदस्य भारतीय मूल के तरुण पाल ने मुझे सैन होज़े, कैलिफ़ोर्निया से फोन पर बताया, ''मिट रोमनी किताब लिख सकते हैं. वह चुनाव प्रचार के दौरान रोज़ डायरी लिख रहे थे. शायद वो डायरी अब काम आ जाए". एक स्थानीय अख़बार के अनुसार अगर उन्होंने किताब लिखी तो ये काफी बिकेगी.

इस बात के भी संकेत मिल रहे हैं की वह मॉरमॉन चर्च में कोई बड़े पद की पेशकश कबूल कर सकते हैं. मिट रोमनी मॉरमॉन हैं जो इसाई धर्म की एक शाखा हैं. वो 20 साल पहले अपने मॉरमॉन धर्म के प्रचार में लगे हुए थे.

आर्थिक क्षेत्र का विकल्प

Image caption रोमनी अगले चुनाव तक सत्तर वर्ष के हो जाएंगे

रोमनी के बारे में सभी जानते हैं कि वो धनी अमरीकियों में से एक हैं. उन्होंने अपने धन का अमरीका और विदेश में निवेश किया हुआ है. एक समय वह निवेश कंपनी बेन कपिटल के प्रधान रह चुके हैं.

वो आर्थिक जगत में आराम से लौट सकते हैं क्योंकि इस दुनिया में एक अच्छे निवेशक की उनकी छवि अब भी बरक़रार है.

उनकी टीम के लोग कहते हैं कि उनके पास फिलहाल सारे रास्ते खुले हैं. सिर्फ एक रास्ते को छोड़ कर. वो है राजनीति का.

मैसाचुसेट्स राज्य के गवर्नर रह चुके रोमनी ने देश के सब से ऊंचे पद के लिए चुनाव लड़ा है. अगले चार साल तक तो अब राष्ट्रपति का चुनाव नहीं लड़ सकते.

अगले चुनाव तक उनकी उम्र 70 के करीब हो जायेगी. वैसे तो वो वो काफी स्वस्थ नज़र आते हैं और पूरे चुनाव के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति ओबामा को ज़बरदस्त चुनौती दी. लेकिन अगले चुनाव तक उनकी उम्र अधिक हो जायेगी.

तो क्या वह ओबामा द्वारा 2008 के चुनाव में पछाड़े गए जॉन मेक्केन और भूतपूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की तरह देश की बड़ी अकेडमिक संस्थाओं में जा कर भाषण दिया करेंगे?

आजकल इस पेशे में काफी पैसा भी है और प्रतिष्ठा भी. वह अच्छा बोलते हैं और टीवी बहस के दौरान अच्छा बोलने वाले की उनकी छवि बन चुकी है.

अब देखना है अगले कुछ दिनों में मिट रोमनी किस पेशे में जाने का एलान करते हैं.

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