समलैंगिक विवाह पर टिप्पणी से पद गंवाया, फिर जीता केस

  • 17 नवंबर 2012
Image caption एडरिएन स्मिथ को लंदन की अदालत ने बेगुनाह करार दिया

समलैंगिक विवाह के बारे में फेसबुक पर टिप्पणी करने की वजह से कंपनी में मैनेजर का पद से हटाए जाने वाले एक ब्रितानी नागरिक एडरिएन स्मिथ को अदालत ने बड़ी राहत दी है.

लंदन की अदालत ने स्मिथ के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनकी कंपनी ‘ट्रैफोर्ड हाउसिंग ट्रस्ट’ को फटकार लगाई है और इस हरकत को कर्मचारी अनुबंध कानून का उल्लंघन बताया है..

स्मिथ 55 वर्षीय हैं और बोल्टन के निवासी हैं. उन्होंने फरवरी 2011 में बीबीसी पर छपी समलैंगिक विवाह की एक रिपोर्ट पर टिप्पणी की थी.

मामला और सज़ा

स्मिथ ने बीबीसी की खबर पर टिप्पणी में कहा था, "यदि चर्च में समलैंगिक विवाह की अनुमति मिले तो ये बराबरी के सिद्धांत को कुछ ज्यादा ही प्राथमिकता देने की तरह होगा."

इसके बाद कंपनी ने उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनके वेतन में 40 फीसदी की कटौती की थी और उन्हें मैनेजर के पद से हटा दिया था.

स्मिथ ने इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया और कंपनी पर मानवाधिकार हनन का भी आरोप लगाया.

लंदन की अदालत में सुनवाई के दौरान स्मिथ ने कहा, “कुछ चीजों ने ब्रिटेन के माहौल में जहर फैला दिया है, जहां मेरे जैसे सच्चे आदमी को सजा दी जाती है जो शादी जैसे महत्वपूर्ण मसले पर व्यवहारिक टिप्पणी करता है.

उन्होंने कहा, “मैं आज जीत गया हूं लेकिन कल क्या लेकर आएगा? मैं बिल्कुल डरा हुआ हूं...प्रधानमंत्री एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहते हैं जहां मेरे जैसे पारंपरिक विवाह के समर्थकों को समाज के हाशिए पर ला खड़ा किया जाएगा?"

अदालत का कहना था कि स्मिथ ने कुछ भी गलत काम नहीं किया था जिसकी वजह से उन्हें दोषी बताया जाता. साथ ही उन्हें मैनेजर पद से हटाना और उनके वेतन में कटोती करना भी गलत था.

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