सेक्स के बदले भुगतान पर सज़ा की मांग

 मंगलवार, 4 दिसंबर, 2012 को 19:21 IST तक के समाचार
वेश्यावृत्ति

प्रस्तावित कानून के समर्थन में और विरोध में भी लोग सामने आ रहे हैं.

यूरोप में महिला-अधिकारों की पैरवी करने वाले 200 से अधिक समूह वेश्यावृत्ति से जुड़े नए कानूनों की मांग कर रहे हैं.

इन नए कानूनों का मकसद समूचे यूरोपीय संघ में सेक्स के बदले किए जाने वाले भुगतान को अवैध बनाना है.

इस मुहिम का नेतृत्त्व कर रही यूरोपीय वूमेन्स लॉबी का कहना है कि स्वीडन में खुलेआम वेश्यावृत्ति पहले की तुलना में आधी रह गई है जहां इस नीति को एक दशक पहले अपनाया गया था.

उनका कहना है कि यूरोपीय संघ के अन्य देशों को भी स्वीडन के उदाहरण का अनुसरण करना चाहिए.

मुहिम से जुड़े एक सदस्य ने बीबीसी को बताया, ''वेश्यावृत्ति एक तरह की हिंसा है, लैंगिक समानता की राह में एक बाधा और अपराध की राह पर ले जाने वाला खुला दरवाजा है.''

तर्क

"वेश्यावृत्ति एक तरह की हिंसा है, लैंगिक समानता की राह में एक बाधा और अपराध की राह पर ले जाने वाला खुला दरवाजा है."

यूरोपीय वूमेन्स लॉबी

लेकिन रोज़ी-रोटी के लिए वेश्यावृत्ति से जुड़े लोगों का तर्क है कि इसे अपराध की श्रेणी में लाने से यही काम गुपचुप तरीके से होने लगेगा और हिंसा के साथ बलात्कार के मामले भी बढ़ने लगेंगे.

यूरोपीय वूमेन्स लॉबी की दलील है कि वो सेक्स के बदले भुगतान करने वालों को सज़ा के दायरे में लाना चाहती है. लॉबी का मानना है कि इस तरह वेश्यावृत्ति उद्योग भी ठंडा पड़ जाएगा.

मुहिम से जुड़े यूरोपीय संघ के 25 देशों के लोग इस विचार को समर्थन देने के लिए यूरोपीय संसद के समक्ष एकजुट हो रहे हैं.

कई अन्य लोगों का तर्क है कि वेश्यावृत्ति उद्योग खुले तौर पर काम करे, ये ज्यादा बेहतर विकल्प है.

पेंच

नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रिया और जर्मनी में वेश्यावृत्ति करने वाले लोग अपना बाकायदा पंजीयन कराते हैं.

ऐसे ही कई लोगों का कहना है कि ये तरीका कहीं अधिक सुरक्षित है और इससे उनके जीवन-यापन की दशाएं बेहतर हो रही हैं.

प्रस्तावित नए कानूनों को अगले वर्ष से लागू करने की बात हो रही है. अधिकारियों का मानना है कि इनमें कुछ पेंच हैं और वे इस मामले में अन्य देशों के रुख का अध्ययन कर रहे हैं.

अधिकारियों का ये भी कहना है कि वे इस बारे में अपनी रिपोर्ट वर्ष 2016 में देंगे.

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