मिस्र में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और झड़पें

Image caption काहिरा में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं

मिस्र में नए संविधान के मसौदे को लेकर हज़ारों लोग और राष्ट्रपति मोर्सी आमने सामने हैं. वहाँ संविधान के नए मसौदे पर 15 दिसंबर को मतदान होना है.

हज़ारों लोगों ने काहिरा में मंगलवार को राष्ट्रपति आवास के पास प्रदर्शन किया.

एक समय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आँसू गैस छोड़ी क्योंकि लोगों ने नाकेबंदी को तोड़ दिया था. ये लोग राष्ट्रपति मुर्सी का विरोध कर रहे हैं.

एक प्रदर्शनकारी का कहना था, 'प्रदर्शन का मुख्य कारण ये भ्रष्ट प्रशासन है. मुस्लिम ब्रदरहुड का भ्रष्टाचार. यहाँ आने का यही बड़ा कारण है. उनकी विचारधारा है कि वे मिस्र के लोगों की ज़बरदस्ती अगुआई कर सकते हैं. इन्होंने कई सुधारों के वादे किए थे लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ."

सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक 18 लोगों इस दौरान घायल हो गए लेकिन किसी को गंभीर चोट नहीं आई है. बाद में सुरक्षाबलों ने टीवी पर एक बयान जारी किया कि राष्ट्रपति मोर्सी इमारत में नहीं है.

विनोद- मिस्र में सरकार विरोधी अखबारों ने तो कल अपने अखबारों का प्रकाशन ही नहीं किया. संविधान के मसौदे के खिलाफ उन्होंने ये कदम उठाया.

मिस्रवासियों का कहना है कि संविधान का मसौदा महिलाओं , अल्पसंख्यकों के आधिकारों के अलावा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पर्याप्त स्थान नहीं देता.

राष्ट्रपति मोर्सी ने 22 नवंबर को जारी एक आदेश के तहत बहुत सारे अधिकार अपने अधीन कर लिए हैं. उनके फैसले को चुनौती देने के न्यायपालिका के अधिकार को भी उन्होंने छीन लिया है.

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